धौलपुर

बाघ व हिरनों की चहलकदमी से गुलजार डीकेटीआर अभ्यारण्य

धौलपुर करौली टाइगर अभ्यारण्य वन्यजीव प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां हिरनों के झुंड, टाइगर की दहाड़, चंबल नदी में उछल कूद करती डाल्फिनें, धूप सेंकते घड़ियाल, बाघ व तेंदुओं और जंगल का मनोरम दृश्य हर किसी का मन मोह रहा है।
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Dholpur news
सरमथुरा. अभ्यारण्य में विचरण करते वन्यजीव

Dholpur, सरमथुरा. धौलपुर करौली टाइगर अभ्यारण्य वन्यजीव प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां हिरनों के झुंड, टाइगर की दहाड़, चंबल नदी में उछल कूद करती डाल्फिनें, धूप सेंकते घड़ियाल, बाघ व तेंदुओं और जंगल का मनोरम दृश्य हर किसी का मन मोह रहा है।

करीब 22 हजार हैक्टेयर में फैले धौलपुर करौली वन्यजीव अभ्यारण्य वैसे तो टाइगर प्रोजेक्ट के रूप में जाना जाता है पर इसकी शोहरत लुभावने प्राकृतिक पर्यटन स्थल के रूप में है। यहां कदम-कदम पर नैसर्गिक झुरमुटों और वन कुंजों में प्रवास पाने वाले बाघ और तेंदुए के कुनबे जहां सैलानियों को आकर्षित कर रहे हैं वहीं चंबल नदी में उछाल मारने वाली डाल्फिन, मगरमच्छ व घड़ियालों के परिवार रेतीले टीलों पर धूप सेंकते नजर आ रहे हैं। यहां जंगल में कदम-कदम पर लगे कैमरो से बाघ और तेंदुओं के साथ हिरन, सांभर, नीलगाय, भालू आदि की निगरानी की जा रही है।

दो दिन पूर्व टाइगर अभ्यारण्य में वन्यजीव प्रेमियों के लिए सुखद तस्वीर निकलकर आई है। जहां जंगल में सांभर अपने बच्चे को दूध पिलाती हुई कमरे में ट्रैप हुई है। जो कि क्षेत्र के जंगलों में बढ़ते हुए साँभरो की संख्या को लेकर सुखद तस्वीर हैं। हालांकि अभ्यारण्य में साँभर की उछलकूद वन्यजीव प्रेमियों को भी रास आ रही है।

-अभ्यारण्य में साँभर, बाघ सहित अन्य वन्यजीवों का विचरण

धौलपुर करौली टाइगर अभ्यारण्य में साँभर, बाघ, पैंथर सहित भालू आदि वन्यजीव विचरण कर रहे हैं। रेंजर एनसीएस देवेन्द्रसिंह चौहान ने बताया कि धौलपुर करौली टाइगर अभ्यारण्य में टाइगर टी 116, टाइग्रेस टी 117, एडल्ट शावक टी 2501, टी 2502, टी 2503 सहित एक नन्हा शावक है। रेंजर ने बताया कि टी 116 की प्रेमिका टाइग्रेस टी 2305 कभी कभी अभ्यारण्य में दस्तक दे देती है। जिसने पडौस के अभ्यारण्य में आसियाना बनाया हुआ है। इसीप्रकार अभ्यारण्य में सौ से अधिक साँभर, पैंथर व भालू आदि वन्यजीव विचरण कर रहे हैं।

-सावधान! महाकाल मंदिर के समीप पैंथर की दस्तक

कस्बा के महाकाल मंदिर के समीप जंगली जानवरों की दस्तक से दर्शनार्थी भयभीत है। वनविभाग के अधिकारियों ने मंदिर के समीप नाले में पैंथर के मूवमेंट की पुष्टि की है। सुबह मॉर्निंग वॉक एवं दर्शनार्थी आदि घूमने व मंदिर में दर्शन के लिए जाते हैं उन्हें सावधान रहने की जरूरत है। कस्बा निवासी नरोत्तम शर्मा ने बताया कि महाकाल मंदिर के समीप नाले में जंगली जानवर की दहाड़ सुनाई दे रही है। जिससे मॉर्निंग वॉक एवं दर्शनार्थी घूमने व मंदिर जाने से भी घबरा रहे हैं। हालांकि वनविभाग के अधिकारी जानवर की तलाश में लगे हुए हैं।

Updated on:
05 Oct 2026 06:41 pm
Published on:
05 Oct 2026 06:41 pm