
धौलपुर/राजाखेड़ा. अंतत: लंबी प्रतीक्षा के बाद पंचायतीराज चुनाव कार्यक्रम की शनिवार को निर्वाचन विभाग ने तारीखों की घोषणा कर दी। राजस्थान में सरपंच पद के चुनाव 4 चरण में 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर को होंगे।
इसके साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। पंचायती चुनाव की तारीखों का लंबे समय से इंतजार हो रहा था। वहीं, तैयारियों में जुटे दावेदारों ने भी भागदौड़ तेज कर दी है। घोषणा के साथ ही अब चुनावी चौसर खुल कर बिछने लगी है। राजखेड़ा पंचायत समिति के सदस्यों, सरपंचों के दावेदार पहले से ही सोशल मीडिया पर अपना दावा ठोक रहे हैं। निकाय चुनाव के साथ ही पंचायत चुनाव में खड़े होने पार्टी कार्यकर्ता से लेकर पदाधिकारी तक अपनी दावेदारी को मजबूत करने के लिए कुछ समय से लगातार दिग्गज नेताओं के साथ बने हुए थे। तारीख घोषणा के साथ सिंबल को जयपुर तक ताल ठोकी जा रही है। वहीं, दोनों की राष्ट्रीय दल भाजपा और कांग्रेस से नेता अपनी दावेदारी जताते में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। हालांकि, पार्टियांं भी टिकट वितरण प्रक्रिया भी अंतिम समय खींचने के मूड में दिख रही है। निकाय चुनाव में यह सामने आ चुका है। जिससे बागियों को रोका जा सके। जिले में धौलपुर और राजाखेड़ा पंचायत समिति प्रधान पद सामान्य होने से यहां मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है।
राजाखेड़ा पंचायत समिति प्रधान पद सामान्य
पंचायत समिति प्रधान की सीट सामान्य होने के चलते मुकाबला रोचक होने की संभावना है। करीब आधा दर्जन दावेदार इस पद के लिए जूझने की तैयारी में है। कुछ अनुसूचित जाति के कद्दावर ओर अनुभवी भी मैदान में आते दिख रहे हैं । वहीं ग्राम पंचायतों में सरपंचों के कुल 45 पदों के किए लिए रणभूमि बेहद ही कठिन बनी हुई है। इनमें 14 सामान्य महिला, 13 सामान्य वर्ग, 9 अनुसूचित जाति, 9 पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित पंचायतें भी शामिल हैं ।
गांवों में सजने लगी चौपालें
लम्बे संमय से अस्तित्व खो चुकी चौपालें अब पुनर्जीवित होने लगी हैं। जहां गांव की सरकार की चर्चा अब रंग लाने लगी है। पूर्व सरपंच भी अपनी ताकत को बनाए रखने के लिए प्रयास कर रहे हैं। वहीं नई राजनीतिक इच्छा शक्ति भी अपनी ताकत दिखाने को तैयार है। ऐसे में बहुमत किसी भी दल का हो मुकाबला बेहद ही रोचक होने की संभावना है।
तृतीय और चतुर्थ चरण में धौलपुर
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायत चुनाव चार चरणों में कराया जाएगा। जिले की पंचायत समितियां तृतीय और चतुर्थ चरण में हैं। इसमें धौलपुर, बाड़ी और सैंपऊ पंचायत समिति तृतीय और बसेड़ी, सरमथुरा व राजाखेड़ा पंचायत समिति का चुनाव चतुर्थ चरण में होगा। प्रदेश में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए 23 अक्टूबर, 29 अक्टूबर, 4 नवंबर और 14 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। परिणाम 20 नवंबर को आएगा। प्रदेश में सरपंच पद के चुनाव भी 4 चरणों में 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर को होंगे। सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव मतपत्र से जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए चुनाव ईवीएम से होंगे।
सरपंच चुनाव में खर्चा 1 लाख तक
वहीं, महत्वपूर्ण सरपंच चुनाव के लिए अधिकतम चुनाव खर्च सीमा एक लाख रुपए रहेगी। सरपंच चुनाव के लिए वोटिंग समाप्त होने के बाद उसी दिन देर रात तक मतगणना कर परिणाम जारी किए जाएंगे। यानी सुबह से शाम को तय समय तक मतदान और फिर काउंटिंग प्रक्रिया होगी।
धौलपुर पंचायत समिति में कुल 25 वार्ड
एससी सामान्य: वार्ड संख्या 14, 16 और 24
एससी महिला: वार्ड संख्या 13 और 21
ओबीसी ओपन: वार्ड संख्या 08, 09 और 12
ओबीसी महिला: वार्ड संख्या 01 और 17
सामान्य ओपन: वार्ड संख्या 03, 11, 15, 20, 22, 23 और 25
सामान्य महिला: वार्ड संख्या 02, 04, 05, 06, 07, 10, 18, 19
एसटी के लिए कोई आरक्षण नही
---------सरपंच पद के चुनाव चरणबद्ध
पहला चरण: 25 अक्टूबर को 3672 ग्राम पंचायतों में मतदान।
दूसरा चरण: 31 अक्टूबर को 3626 ग्राम पंचायतों में मतदान।
तीसरा चरण: 06 नवंबर को 3605 ग्राम पंचायतों में चुनाव।
चौथा चरण: 16 नवंबर को अंतिम 3500 ग्राम पंचायतों में मतदान।