
धौलपुर. साइबर ठगी अब भले नई नहीं रही हो लेकिन साइबर अपराध की दुनिया के शातिर हर रोज आमजन को लेकर फंसाने के लिए नई-नई योजनाओं और लिंक अपडेट समेत अन्य सूचनाओं के नाम पर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। अब ताजा मामला धौलपुर शहर का आया है।
साबइर ठगों ने सोलर सिस्टम लगवाने के लिए एक महिला शिक्षिका को फोन किया। महिला कॉलकर्ता के झांसे में आ गई और अपनी डिटेल और कार्ड इत्यादि नम्बर उपलब्ध करा दिए। कुछ मिनट बाद ही शिक्षिका के बैंक खाते से करीब 1.50 लाख रुपए राशि निकल गई। खाते में से राशि निकलने पर महिला के होश उड़ गए और परिजनों को बताया। जिस पर साइबर थाना पुलिस की मदद ली गई। साइबर टीम ने कार्रवाई कर महिला के खाते से गई राशि को फ्रीज करवाया और फिर वापस करवाया। इसी तरह शहर में कुछ लोगों के पास बिजली मित्र ऐप अपडेट करने का लिंक आया और जैसे ही अपडेट किया तो लोगों के खाते से नकदी निकल गई। इसको लेकर डिस्कॉम में भी शिकायत पहुंची हैं। जिस पर डिस्कॉम ने किसी तरह के अनजान लिंक को अपडेट इत्यादि नहीं करने की सलाह दी है।
मेडम सोलर कंपनी से...फिर 1.50 लाख पार
जानकारी के अनुसार शहर की एक महिला शिक्षिका को उसके नम्बर पर एक कॉल आता है। कॉल कर्ता सोलर कंपनी से बताते हुए सोलर लगवाने की बात कहता है। बातचीत में रजामंदी होने पर शातिर ने डिटेल मांगी। जिस पर शिक्षिका ने कार्ड नम्बर समेत अन्य गोपनीय डिटेल व्हाट्स-अप पर शेयर कर दी। इसके कुछ मिनट बाद में महिला के बैंक खाते से 1.50 लाख रुपए निकल गए। मैसेज आने पर महिला के पसीने छूट गए और परिजनों को बताया। जिस पर उन्होंने साइबर पुलिस थाने को सूचना दी। साइबर टीम एक्टिव हो गई और जिस खाते में राशि गई उसे फ्रीज करवाया। साथ ही राशि को डिक्लाइन करवाया। समय रहते से सूचना देने से लाखों रुपए की ठगी होने से बच गई।
...बिजली-मित्र ऐप अपडेट लिंक से बचें
इधर, डिस्कॉम के कई ग्राहकों के पास कुछ दिन से ऑनलाइन बिजली बिल का भुगतान कराने का अधिकृत ऐप बिजली मित्र को अपडेट करने के लिंक आए। जिस पर कुछ ग्राहकों ने उक्त एपीके फाइल को अपडेट कर दिया। इसके बाद साइबर ठगों ने खाते में से राशि पार कर ली। इसको लेकर भी डिस्कॉम कार्यालय में शिकायतें मिली हैं। डिस्कॉम के गणेश झा ने कहा कि विद्युत निगम की ओर से किसी तरह ऐप अपडेट को लेकर सूचना नहीं दी है। अगर किसी के पास अनजान लिंक आया है तो उसे डाउनलोड करने से बचे। या फिर साइबर थाना पुलिस को सूचना दें। ठगों ने आमजन को फंसाने के लिए बिजली मित्र ऐप की हूबहू नकल की है।
साइबर थाने को मिला नया ठिकाना
इस बीच साइबर पुलिस थाने को अब अपना खुद का नया ठिकाना मिल गया है। अभी तक साइबर पुलिस स्टेशन और सेल जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में द्वितीय तल पर संचालित था। जिससे आमजन को साइबर थाने तक जाने में परेशानी आती थी। लेकिन अब साइबर थाने को पुरानी छावनी रोड पर खनिज विभाग कार्यालय और महिला पुलिस थाने से पहले बने सरकारी इमारत में शिफ्ट किया गया है। एसपी विकास सांगवान ने बताया कि साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन धौलपुर का कार्यालय नवीन स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है। पुलिस स्टेशन अब हाऊसिंग बोर्ड स्थित महिला थाना के समीप संचालित किया जा रहा है। अब किसी भी प्रकार की सायबर धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया से संबंधित अपराध, डिजिटल भुगतान में धोखाधड़ी, फर्जी कॉ, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड अथवा अन्य किसी सायबर अपराध से संबंधित समस्या हो तो वे हाउसिंग बोर्ड स्थित महिला थाना के पास संचालित साइबर थाने पर संपर्क करना होगा। वहीं, साइबर थाने पर हाल में स्थाई नियुक्ति हुई है। साबइर थाने का चार्ज पहले सीओ सिटी कृष्णराज जांगिड़ पर था लेकिन अब सीओ बृजेश सिंह नए मुखिया हैं।
ठगी की घटना पर तुरंत दें सूचना
किसी के साथ अगर कोई घटना होती है तो वह सायबर अपराध की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय सायबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत कॉल करें या फिर पोर्टल पर जाकर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। साइबर थाना पुलिस ने कहा कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक, क्यूआर कोड अथवा ऑनलाइन लेन-देन के प्रति सतर्क रहें तथा साइबर अपराध होने की स्थिति में बिना विलंब पुलिस को सूचना दें। साइबर मामलों में जितनी जल्द आप सूचना देते हैं, वह खासा महत्वपूर्ण होता है। इसमें देरी होने पर साइबर अपराधी राशि को एक से दूसरे खाते में घुमाते हैं और फिर धीरे-धीरे एक साथ निकाल लेते हैं। जिस पर राशि वापस कराना ढेड़ी खीर बन जाता है।
साइबर अपराध की राजधानी ‘मेवात’
साइबर अपराध के लिए पहले झारखंड का जामताड़ा खासा बदनाम था लेकिन फिर एनसीआर क्षेत्र और धीरे-धीरे दक्षिण तक साइबर अपराधों की घटनाओं में एक इलाका खासा चर्चाओं में आ गया। यह था भरतपुर जिले से लगा हरियाणा का मेवात इलाका है। यहां के साइबर अपराधियों भरतपुर में से अलग होकर बने नवीन गठित डीग जिले में खासा प्रभाव है। लेकिन पूर्व आइजी राहुल प्रकाश और वर्तमान में आइजी कैलाशचंद्र विश्नोई के नेतृत्व में लगातार कार्रवाई से इलाके से काफी संख्या में गिरफ्तारी हुई और संपत्तियों पर गाज भी गिरी। साल 2024 में डीग जिले में साइबर अपराध से जुड़ी अकेले 260 से अधिक एफाआइआर दर्ज हुई थी। जबकि धौलपुर में करीब 7, भरतपुर में 5, करौली 11, सवाईमाधोपुर 24 और गंगापुरसिटी क्षेत्र में 10 मुकदमे दर्ज हुए थे। इन मामलों में करीब 1170 से अधिक अपराधी गिरफ्तार हुए थे।