पुलिस लाइन में एक छोटा सा भूखण्ड काफी समय से केवल अवैध बजरी और जब्त वाहनों का डंपिंग यार्ड बन कर रह गया था। आईपीएस अधिकारी और पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा ने लाइन में इस भूखण्ड को देखा तो उन्होंने इसके लिए प्लान तैयार किया। जिसमें सभी पुलिसकर्मियों का सहयोग हो। बात हुई और फिर तैयार हुआ खूबसूरत ‘फैमिली पार्क’...। राजस्थान पुलिस दिवस पर इस पार्क का भरतपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश ने भी भ्रमण किया। यहां पार्क में पुलिस शहीद स्मारक भी तैयार किया जा रहा है।
- पुलिस लाइन में फैमिली क्वार्टर के पास पड़ी भूमि पर तैयार हुआ पार्क
- एसपी से लेकर कांस्टेबल तक सभी ने स्वेच्छा से की सहायता
धौलपुर. संयुक्त परिवार भारतीय समाज की रीढ़ की हड्डी है। देश भले ही विकसित राष्ट्र बनने की ओर अग्रसर है लेकिन आज भी छोटे शहर से लेकर बड़े महानगरों की चकाचौंध में परिवार अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। संयुक्त परिवार को ताकत है कि अगर किसी एक सदस्य पर आंच आती है तो सभी मिलकर मुकाबला करते हैं। ऐसा ही एक परिवार है जो समाज और सामान्य आदमी तक को सुरक्षा मुहैया कराता है। जी हां... हम बात कर रहे राजस्थान पुलिस की। सैंपऊ रोड जिसको अब हाइवे संख्या 123 कहा जाता है, इस मार्ग पर रिजर्व पुलिस लाइन स्थित है। पुलिस लाइन में एक छोटा सा भूखण्ड काफी समय से केवल अवैध बजरी और जब्त वाहनों का डंपिंग यार्ड बन कर रह गया था। आईपीएस अधिकारी और पुलिस अधीक्षक सुमित मेहरड़ा ने लाइन में इस भूखण्ड को देखा तो उन्होंने इसके लिए प्लान तैयार किया। जिसमें सभी पुलिसकर्मियों का सहयोग हो। बात हुई और फिर तैयार हुआ खूबसूरत ‘फैमिली पार्क’...। राजस्थान पुलिस दिवस पर इस पार्क का भरतपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश ने भी भ्रमण किया। यहां पार्क में पुलिस शहीद स्मारक भी तैयार किया जा रहा है। आईजी समेत अन्य अधिकारियों ने पुलिस दिवस पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
बजरी से भरे मैदान में उगा दी घास
पुलिस लाइन में फैमिली क्वार्टर की तरफ मंदिर के पास एक भूखण्ड है, जिसमें अवैध बजरी और जब्त वाहन खड़े हुए थे। पुलिस अधीक्षक ने इसकी जानकारी ली और फिर यहां पर फैमिली पार्क डवलप करने पर चर्चा की गई। इसके भूखण्ड से बजरी व वाहनों को हटाकर दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया। फिर जगह समतल कर उस पर घास और पौधे लगाए गए। पार्क में चारों तरफ इंटरलॉकिंग टाइल्स लगा वॉक-वे तैयार किया। यहां पर पुलिस स्टाफ के बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले, फिसल पट्टी इत्यादि लगाए हैं। साथ ही चारों तरफ लाइट्स लगाई हैं, जिससे परिवार के लोग रात में भी यहां बैठ और टहल सकते हैं।
98 कांस्टेबल बैच ने लगवाई बेंच
पार्क में साल 1998 के पुलिस कांस्टेबल बैच ने आपस में राशि एकत्र कर यहां पर करीब 20 सीमेंटेड बेंच लगवाई हैं। वहीं, पार्क में अभी भी अन्य सौन्दर्यीकरण के कार्य जारी है। यहां पास ही बने एक कमरे में कैंटीन भी जल्द शुरू होगी। इस कैंटीन में खाद्य सामग्री, दुग्ध प्रोडक्ट इत्यादि मिलेंगे। धूम्रपान और गुटखा बिक्री पूर्ण रूप से बैन रहेगी।
परिवादियों के लिए रखवाया कूलर
इसी तरह एसपी कार्यालय में भी परिवादियों के लिए मुख्य द्वार पर कूलर रखवाया है। जिससे दूर-दराज से आने वाले परिवादी आराम से ठंडी हवा में बैठ सकें। यहां पर एलईडी भी लगी है। एसपी मेहरड़ा ने यहां परिसर में शाखओं के बाहर राजस्थानी और आट्र्स कल्चर की पेटिंग्स भी लगवाई हैं।