जिले के कौलारी थाने से लगी पड़ोसी जिले आगरा के खेरागढ़ थाना क्षेत्र के गांव भोपुर के पास जगनेर रोड किनारे अज्ञात मिले के मिले शव के मामले में पुलिस ने वारदात का खुलासा करते हुए प्रकरण में पिता, पति और जेठ को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपितों ने मिलकर महिला की चुन्नी से गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को बाइक पर लेकर सूनसान इलाके में फेंक दिया था।
- मृतका पति की आएदिन मारपीट से थी नाखुश, चचेर भाई से चल रहा था प्रेम प्रसंग
- बेटी की हत्या का सनसनीखेज का मामला
धौलपुर. जिले के कौलारी थाने से लगी पड़ोसी जिले आगरा के खेरागढ़ थाना क्षेत्र के गांव भोपुर के पास जगनेर रोड किनारे अज्ञात मिले के मिले शव के मामले में पुलिस ने वारदात का खुलासा करते हुए प्रकरण में पिता, पति और जेठ को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपितों ने मिलकर महिला की चुन्नी से गला दबाकर हत्या करने के बाद शव को बाइक पर लेकर सूनसान इलाके में फेंक दिया था। पुलिस ने जांच करते हुए मामले में मृतका के पति, पिता और जेठ को गिरफ्तार किया है। पूरे प्रकरण में जांच के दौरान मृतका का पिता पुलिस को गुमराह करता रहा।
पुलिस ने बताया कि गत 31 मई को गांव भोपुर के पास जगनेर रोड किनारे एक अज्ञात शव मिला। जिस पर खेरागढ़ पुलिस ने जिले के कौलारी थाना पुलिस को फोटो भेजकर मृतका की शिनाख्त में मदद मांगी। पुलिस ने इलाके में पड़ताल करवाई तो मृतका की शिनाख्त सुनीता पुत्री कोमल सिंह जाटव निवासी बसई नवाब थाना कौलारी के रूप में हुई। सुनीता की शादी पवन पुत्र वीरी सिंह जाटव निवासी बरवर थाना खेरागढ़ जिला आगरा के साथ हुई थी। घटना में मृतका की बड़ी बहन पूजा पत्नी राजकुमार जाटव निवासी गढ़ी खिरोना थाना कंचनपुर ने रिपोर्ट दी। इसमें सुनीता की मौत को लेकर पिता कोमल सिंह, पति पवन व जेठ जल सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने जांच शुरू की, जिस पर मालूम हुआ कि मृतका का पति पवन लखनऊ में मजदूरी करता है और शराब के नशे में सुनीता से मारपीट करता था। जांच में सामने आया कि सुनीता अपने पति के चचेरे भाई विष्णु से प्रेम करती थी और उसके साथ रहना चाहती थी।
वह कुछ समय से पिता के घर पर रह रही थी। गत २४ मई को उसके पति पवन के साथ सुनीता को भेज दिया। आगरा कैंट पर दोनों में विवाद हो गया और सुनीता को स्टेशन पर छोड़ दिया। सुनीता अपनी बड़ी बहन के घर आगरा चली गई। गत २९ को पूजा और उसका पति राजकुमार सुनीता को पिता के घर लेकर आए। सुनीता ने अपनी ससुराल जाने से मना कर दिया। इससे नाराज होकर सुनीता के पिता कोमल सिंह ने पति पवन और जेठ जलसिंह को फोन कर बसई नवाब बुला लिया। तीनों ने षड्यंत्र के तहत सुनीता की गला दबाकर हत्या कर शव को बाइक पर ले जाकर रात में भोपुर के पास फेंक दिया और तीनों लौट गए।