धौलपुर

पहली बार… सत्र प्रारंभ से पहले स्कूलों में पहुंची किताबें

-डिमांड10 लाख 65 हजार किताबों की और अभी आईं 60 प्रतिशत ही -हर बार की तरह इस बार भी विभिन्न कक्षाओं की आधी-अधूरी ही किताबें -25 मार्च तक किया जाना है जिले भर के स्कूलों में वितरण धौलपुर. एक अपे्रल से प्रारंभ होने वाले नवीन सत्र को सार्थक बनाने शिक्षा विभाग तैयारियों में लगा हुआ […]

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-डिमांड10 लाख 65 हजार किताबों की और अभी आईं 60 प्रतिशत ही

-हर बार की तरह इस बार भी विभिन्न कक्षाओं की आधी-अधूरी ही किताबें

-25 मार्च तक किया जाना है जिले भर के स्कूलों में वितरण

धौलपुर. एक अपे्रल से प्रारंभ होने वाले नवीन सत्र को सार्थक बनाने शिक्षा विभाग तैयारियों में लगा हुआ है। जिसको लेकर पहली बार किसी सत्र के प्रारंभ होने से पहले स्कूलों में बच्चों को बांटने के लिए किताबें आ चुकी हैं, हालांकि इस बार भी स्कूलों में विभिन्न कक्षाओं की आधी-अधूरी ही किताबें आ पाई हैं। कक्षा 7 का पाठ्यक्रम बदलने के कारण केवल दो विषयों को छोडक़र अभी तक कोई किताब नहीं आई हैं।

जिले के राजकीय स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले ही बच्चों को किताबें उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा विभाग ने किताबें भेज दी हैं। नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 1 से 12वीं तक के पाठ्यक्रम में संशोधन किया गया है। इन किताबों में मुख्य रूप से राजस्थान की संस्कृति, इतिहास और महापुरुषों से संबंधित सामग्री को शामिल किया गया है। जिले के राजकीय स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों के लिए 10 लाख 65 हजार किताबों की डिमांड जिला शिक्षा विभाग ने की थी, जिसमें अभी तक 60 प्रतिशत यानी लगभग 6 लाख किताबें ही आ पाई हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि हर बार की तरह इस बार भी कक्षाओं की कुछ ही किताबें भेजी गई हैं। जिसमें शिक्षा विभाग का तर्क है कि नवीन सत्र जल्द प्रारंभ होने से समय कम मिल पाया। सत्र प्रारंभ होने के साथ जल्द से जल्द शेष किताबों को स्कूलों में भेज दिया जाएगा। जिला मुख्यालय में आने वाली इन किताबों को10 मार्च से वितरण किया जा रहा है और यह वितरण २५ मार्च तक चलेगा।

बसेड़ी-सरमथुरा ब्लॉकों में वितरण शेष

जिले के राजकीय स्कूलों में कक्षा 1से8 वीं तक लगभग 1 लाख 23 हजार350 बच्चे अध्ययनरत हैं। इसके अलावा 9वीं से 12वीं तक के बच्चों की संख्या अन्य है। डिमांड के अनुसार 10 लाख 65 हजार किताबों में से 60 प्रतिशत किताबें जिला मुख्यालय पर ही आई हैं। जिनका वितरण 10 मार्च से किया जा रहा है। इस दौरान धौलपुर, बाड़ी, राजाखेड़ा, सैंपऊ ब्लॉक में किताबों का वितरण हो चुका है, जबकि बसेड़ी और सरमथुरा ब्लॉकों में किताबों का वितरण होना शेष है, जो कि शैक्षणिक सत्र से पहले सभी स्कूलों में पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध करा दी जाएंगी।

कक्षा 7वीं की दो विषयों की ही आईं किताबें

इस बार कक्षा 4 और 5 के उर्दू विषय के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है, अन्य सभी विषय यथावत रहेंगे तो वहीं कक्षा 7 के पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया गया है। कंप्यूटर और उर्दू को छोडक़र शेष सभी विषयों का पाठ्यक्रम बदले दिए गए हैं। अब छात्रों को पूरी तरह से नवीन संशोधित पुस्तकें मिलेंगी। हालांकि स्कूलों में अभी कक्षा 7 के गठित और हिंदी विषय की किताबें ही आ पाई हैं, जबकि 4 विषयों की किताबें अभी आना शेष हैं। इसके अलावा कक्षा 6 से 8 की कक्षाओं के लिए ‘हमारा राजस्थानश’ पुस्तक के स्वरूप में बदलाव किया गया है साथ ही कक्षा 6 की उर्दू की पुस्तक भी बदली गई है।

किताबों की गुणवत्ता और आकर्षक बनाने पर दिया ध्यान

जानकारी के अनुसार पिछली गलतियों से सबक लेते हुए शिक्षा विभाग ने इस इस बार राजकीय स्कूलों की किताबों को निजी स्कूलों की तर्ज पर आकर्षक बनाने की कोशिश की गई है। इस बार किताबों के पेज अधिक रंगीन से लेकर किताबों की उच्च गुणवत्ता वाले कागजों पर छपाई का कार्य किया गया। इसके साथ ही पाठ्यक्रम में भी कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। कक्षा 6, 7 और 8 में राजस्थान अध्ययन विषय की नई किताबें जारी की गई हैं। कक्षा 3, 4 और 5 में इनके पाठ्यक्रम में भी आंशिक परिवर्तन किया गया है।

क्यूआर कोड से लैस हैं नई किताबें

राज्य सरकार ने इस बार किताबों को बेहतार बनाने के साथ उनकी सुरक्षा और बच्चों की सहूलियत पर भी खासा ध्यान दिया गया है। जानकारी के अनुसार कक्षा 9से 12 तक की सभी किताबों पर राजस्थान पाठ्य पुस्तक मंडल की ओर से क्यू-आर कोड दिया गया है। यह किताबें पीडीएफ के रूप में इंटरनेट की दुनियां में भी मौजूद रहेंगी। छात्र इस क्यूआर कोड को स्कैन कर नेट के माध्यम से अपनी किताबें खोल ऑनलाइन पढ़ाई भी कर सकता है। इसके अलावा इससे किताबों की पायरेसी रोकने और नकल पर भी अंकुश लगाई जा सकेगी।

Published on:
22 Mar 2026 06:51 pm
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