पेंशनर समाज धौलपुर का वार्षिक अधिवेशन यहां मचकुण्ड रोड स्थित परशुराम सेवा सदन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता पेंशनर समाज के प्रदेश अध्यक्ष शंकर सिंह मनोहर ने की। मुख्य अतिथि सतीश बैसला जिला कोषाधिकारी रहे।
- कार्यक्रम में 135 पेंशनर्स का सम्मान
- पेंशनर समाज का वार्षिक अधिवेशन
धौलपुर. पेंशनर समाज धौलपुर का वार्षिक अधिवेशन यहां मचकुण्ड रोड स्थित परशुराम सेवा सदन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता पेंशनर समाज के प्रदेश अध्यक्ष शंकर सिंह मनोहर ने की। मुख्य अतिथि सतीश बैसला जिला कोषाधिकारी रहे। डोरी लाल प्रदेश उपाध्यक्ष, सीपी शर्मा पूर्व जेलर, एसएस खंगारोत, अमर सिंह, गोविंद शर्मा, गोपाल सिंह, रामेश्वर दयाल शर्मा, श्याम सुंदर कटारा, सहायक कोषाधिकारी राकेश गर्ग, पूरनचंद बोहरा आदि विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अतिथियों का पेंशनर समाज के जिला अध्यक्ष विशंभर दयाल शर्मा, संयोजक दयाकांत सक्सेना, अनवार अहमद, सुरेश गोस्वामी, गोविंद सक्सेन, प्रभाकर दीक्षित आदि सदस्यों ने माला एवं साफा पहनाकर स्वागत किया।
कार्यक्रम में 135 पेंशनर जिन्होंने 80 वर्ष पूर्ण कर ली उन्हें सम्मानित किया गया। पेंशनर समाज के प्रदेश अध्यक्ष मनोहर ने कहा कि पेंशन लोगों की समस्याओं को पहली बार प्रदेश सरकार ने गंभीरता दिखाई है। पेंशनर समाज के हित में मुख्यमंत्री ने 10 महत्वपूर्ण घोषणा की हैं। कहा कि राजस्थान के पेंशनरों की समस्याओं के लिए प्रदेश संगठन हमेशा तत्पर रहता है। मीडिया प्रभारी सुरेश गोस्वामी ने बताया कि जिले में पेंशनर समाज का यह पहला अधिवेशन है जिसमें बड़ी तादाद में पेंशनरों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि मंचासीन भामाशाह सीपी शर्मा द्वारा धौलपुर में पेंशनर भवन बनाने के लिए 5 लाख रुपए की सहयोग राशि देने की घोषणा की।
मुख्य अतिथि कोषाधिकारी बैसला ने धौलपुर कोषालय से संबंधित पेंशनरों की सभी समस्याओं को शीघ्र हल करने की बात कही। जिला मंत्री अहमद ने अधिवेशन का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया तथा कार्यक्रम के संयोजक सक्सेना ने उपस्थित सभी पेंशनरों का आभार व धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में परसोत्तम दास अग्रवाल, रामनारायण बंसल, मुकेश गर्ग, मुकेश शर्मा, कैलाश चंद शर्मा, गोपाल सिंह बघेल, गोविंद शर्मा, ताराचंद बघेल, यज्ञपती शर्मा, रमेश चंद्र माहौर, गोपाल सिंह बघेल, रामसेवक गौड़, शहजाद खान समेत बड़ी संख्या पेंशनर समाज के सदस्य उपस्थित रहे। संचालन कवि गोविंद शर्मा ने किया।