धौलपुर

Dholpur: वन माफिया के हौसले बुलंद, जंगल में खैर के सैंकड़ों पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी

विधायक संजय कुमार ने वनविभाग के अधिकारियों पर वनों का अस्तित्व खत्म करने का आरोप लगाते हुए कहा कि रीझौनी वनखंड अन्तर्गत भेडेकी के जंगल में वन अधिकारियों की मिलीभगत से माफियाओं द्वारा खैर के सैकड़ों पेडों की अवैध कटाई की गई है।
2 min read
• •
Updated: 22 Jun 2026, 8:37 PM IST
Dholpur news
Dholpur news

Dholpur. सरमथुरा के जंगलों में वन माफिया के हौसले काफी बुलंद हो गए हैं। यहां पर खैर के सैंकड़ों पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई गई है। वन माफिया ने अवैध रूप से खैर के पेड़ों को काटने का धंधा काफी दिनों से चलाया हुआ है और इस गोरखधंधे की किसी को कानोंकान खबर नहीं है। जब सैंकड़ों पेड़ों को काटकर वन माफिया ले गया तब वनकर्मियों ने सबूत मिटाने के लिए जंगल में ही आग लगा दी। वनकर्मियों की कारगुजारी पकड़ी गई तो मामले की छानबीन शुरू हुई है।

बसेड़ी विधायक संजय कुमार ने वनविभाग के अधिकारियों पर वनों का अस्तित्व खत्म करने का आरोप लगाते हुए कहा कि रीझौनी वनखंड अन्तर्गत भेडेकी के जंगल में वन अधिकारियों की मिलीभगत से माफियाओं द्वारा खैर के सैकड़ों पेडों की अवैध कटाई की गई है। माफिया द्वारा जंगल में पेड़ों की कटाई करने के बाद वनकर्मियों ने जंगल में आग लगाकर सबूत मिटाने का प्रयास किया गया है।

विधायक ने दावा करते हुए कहा कि जंगल में पेड़ काटने के बाद माफियाओं द्वारा केन्ट्रा गाड़ी से परिवहन किया गया है। जिसके सीसीटीवी फुटेज भी जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जब पड़ताल की गई तो पता चला कि कई पेड़ों को तो सबूत मिटाने की फिराक में जंगल में आग लगाई गई थी। उन्होंने बताया कि जंगल के अवैध रूप से काटे गए पेड़ों के ठूंठों के निशान आज भी मौजूद है। हालांकि मामला जिला कलक्टर के संज्ञान में है, फिर भी वन अधिकारी मामले को रफा दफा करने में लगे हैं।

विधायक ने कहा कि खैर की लकड़ी की व्यवसायिक मांग बढ़ने के बाद माफियाओं की नजर सरमथुरा के जंगलों पर पड़ी थी। जिसे कत्था बनाने के उपयोग में लिया जा रहा है। मोटी कमाई के लालच में वन माफिया आरक्षित वन क्षेत्रों में अवैध कटाई कर तस्करी अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि वन माफिया बेशकीमती खैर को रातों-रात काटकर ले जाते हैं और वन विभाग व प्रशासन केवल ठूंठ गिनने तक ही सीमित रहता है, जो मिलीभगत और सिस्टम की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है।

-जंगल में वन अधिकारी गिन रहे ठूंठ, जिम्मेदार कौन

भेडेकी के जंगल में खैर के पेडों का मशीनों से अवैध कटान लंबे समय से चल रहा है। जबकि जंगलों की सुरक्षा व निगरानी के लिए बीट गार्ड व वनरक्षक तैनात है। जंगल में अवैध कटान होने पर वनकर्मियों की संभावित मिलीभगत से भी इंकार नही किया जा सकता है। जंगल में अवैध खैर कटान का खेल चलने के बाद अधिकारी केवल ठूंठ ही गिन रहे है। लेकिन कोई भी अधिकारी अपराध की जिम्मेदारी नही ले रहा है।

-बीट इंचार्ज पर हमला होने के बाद खुली पोल

सरमथुरा रेंज अन्तर्गत भेडेकी के जंगल में खैर के पेड काटने के बाद खुलासा हुआ तो बीट इंचार्ज व वनरक्षक में तनातनी हो गई। मामला खुलने के बाद माफियाओं ने वनविभाग कार्यालय में सोते हुए बीट इंचार्ज पर हमला कर दिया। जिसमें साथी वनरक्षक का हाथ होने का आरोप लगाया गया। पीड़ित बीट इंचार्ज ने पुलिस थाना में वनरक्षक के खिलाफ नामदर्ज तहरीर देते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया। वनविभाग के अधिकारियों ने संगीन आरोप लगने के बाद वनरक्षक को निलंबित कर दिया गया।

Updated on:
22 Jun 2026, 8:37 PM IST
Published on: