
धौलपुर. नगर परिषद का चुनाव भले ही संपन्न हो गया हो लेकिन बयानबाजी का दौर जारी है। पूर्व विधायक बीएल कुशवाहा का सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ लोगों की गद्दारी की वजह से नुकसान हुआ है। हमने तो अंतिम समय तक प्रयास किया था लेकिन सिंबल लेने जिसे आना था वह प्रत्याशी आया ही नहीं और फोन कर मना कर दिया। जिसको लेकर उन्होंने पीसीसी अध्यक्ष को भी अवगत करा दिया। उन्होंने भाजपा का चुनाव प्रबंधन देख रहे पूर्व मंत्री जगमोहन बघेल का जवाब देते हुए कहा कि पार्टी के नाते तो उन्हें कुछ बोलना था जो उन्होंने बोल दिया। कहा कि कांग्रेस के पास 27 सदस्य और7 निर्दलीय थे और हम पूर्ण बहुमत में थे। उन्होंने कुछ सदस्यों के नाम लेकर कहा कि इन लोगों की वजह से पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा।
पूर्व विधायक और कांग्रेस विधायक शोभारानी कुशवाहा के पति बीएल ने कहा कि पार्टी मजबूत स्थिति में थी लेकिन गद्दारों की वजह से नुकसान हुआ। कहा कि 15 तारीख की रात तक सब कुछ ठीक था। लेकिन 16 सितम्बर को सभापति पद के लिए फार्म भरना था। जिसमें पूर्व सभापति के पुत्र कमल कंसाना को सिंबल देना तय हुआ था। लेकिन सुबह एक समस्या हो गई। वार्ड 16 व 17 से जीती दंपती भागीरथ और उनकी पत्नी सीमा शर्मा की ओर से फार्म भर दिया। सीमा ने कांग्रेस और निर्दलीय से नामांकन कर दिया। जिससे मामला बिगड़ गया। जिस पर पूर्व सभापति कंसाना कुछ परेशान हुए। कहा कि भागीरथ शर्मा कह रहे थे कि जिस पर वह टिकट लेकर आए हैं तो वह उसी तरह चेयरमैन भी बन जाएंगे। इस तरह की चीजों से पूर्व सभापित अनकंफर्ट हुए। आरोप लगाया कि गद्दारी करने वालों में कांग्रेस पार्षद शराफत उर्फ बल्ले और सद्दाम खान हैं। कहा कि शराफत ने भी फार्म भर दिया था। कुशवाह ने शराफत व सद्दाम के साथ भागीरथ शर्मा, सीमा शर्मा, जीतू कंसाना, सानिया, नरेन्द्र सिंह, रेखा शर्मा, आमिर उस्मानी, अतुल भार्गव और पूर्व सभापति के पुत्र सदस्य का भी उल्लेख किया। इससे पहले कांग्रेस की हार पर कांगे्रस प्रभारी अजीत यादव भी बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक और विधायक शोभारानी कुशवाहा को लेकर रिपोर्ट पीसीसी को भेज दी है।
अलग-अलग कैम्प लगे रखे थे सदस्य
पूर्व विधायक ने कहा कि जीत के बाद सभी सदस्यों को दो कैम्प में रखा गया था। एक कैम्प में पार्टी के वफादार सदस्य जिनकी संख्या 21 थी और दूसरी कैम्प में जो सिफारिशों से आए थे। जिन पर गड़बड़ी की आशंका थी उन्हें अलग कैम्प में रखा था।
प्रदेशाध्यक्ष को सारे घटनाक्रम से कराया अवगत
पूर्व विधायक ने कहा कि प्रत्याशी जब सिंबल लेने नहीं पहुंचा तो हमने स्थिति से प्रदेशाध्यक्ष को अवगत करा दिया था। फोन पर उन्होंने खुद कहा कि टाइम हो चुका है लेकिन वह नहीं पहुंचे और समय निकल गया। कहा कि पार्टी सांसद को भी बताया तो उन्होंने कहा कि वह इस व्यक्ति को नहीं जानते। जिस पर प्रदेशाध्यक्ष को अवगत करा दिया। आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रीय नेता इस षड्यंत्र में शामिल थे। हम तो पहले दिन ही जीत गए थे। कहा कि वर्तमान सभापति गिरीश गर्ग और उप सभापति रेखा कोली जो निर्दलीय विजयी रहे, वह हमारे सहयोग से ही बने हैं।