जिले में एक दफा फिर से बजरी माफिया का आंतक बढ़ गया है। पुलिस, वन विभाग, खनन और राजस्व विभाग पर अवैध बजरी रोकने की जिम्मेदारी है। लेकिन पुलिस और कुछ वन विभाग के इलाके अन्य एजेंसियां सुस्त पड़ी है। हाल ये है कि पुलिस थाने और चौकियों के सामने से धड़धड़ाते और साउंड बजाते हुए चंबल बजरी लदी ट्रेक्टर-ट्रॉलियां गुजरती है लेकिन इन्हें सुनाई नहीं देता।
- माफिया कमा करा करोड़ों रुपए, राज्य सरकार को एक रुपया भी नहीं
- वनरक्षक जितेन्द्र की जयपुर में इलाज मृत्यु
धौलपुर. जिले में एक दफा फिर से बजरी माफिया का आंतक बढ़ गया है। पुलिस, वन विभाग, खनन और राजस्व विभाग पर अवैध बजरी रोकने की जिम्मेदारी है। लेकिन पुलिस और कुछ वन विभाग के इलाके अन्य एजेंसियां सुस्त पड़ी है। हाल ये है कि पुलिस थाने और चौकियों के सामने से धड़धड़ाते और साउंड बजाते हुए चंबल बजरी लदी ट्रेक्टर-ट्रॉलियां गुजरती है लेकिन इन्हें सुनाई नहीं देता। धौलपुर से सागरपाड़ा से लेकर बरैठा यूपी चौकी तक और सरमथुरा के झिरी से लेकर बाड़ी रोड और सैंपऊ रोड से यूपी बॉर्डर तक बजरी ऑर्डर पर सप्लाई हो रही है। निजी तो छोडि़ए सरकारी इमारतों में धड़ल्ले से अवैध बजरी उपयोग हो रही है। लेकिन कोई रोकटोक नहीं है। रात में शहर में बजरी माफिया सप्लाई करता है जो सुबह करीब 9 बजे तक रहती है। इन दिनों मौसम खराब है तो कोई समय सीमा नहीं है। सरमथुरा उपखंड में वन विभाग के झिरी नाके पर तैनात वनरक्षक जितेंद्र सिंह शेखावत ने गत 8 जनवरी की रात बजरी माफिया को रोकने का प्रयास किया तो उस पर ट्रेक्टर-ट्रॉली चढ़ी और आसानी से निकल गए। वनरक्षक जितेन्द्र ने जयपुर में शुक्रवार रात दम तोड़ दिया था। मौत की खबर के बार सिस्टम में हडक़ंप मचा और सरमथुरा पुलिस ने आरोपित बजरी माफिया रामसेवक उर्फ चालू पुत्र रामजीलाल गुर्जर निवासी चिल्लीपुरा मजरा नगर धरदबोचा। सीओ नरेन्द्र मीणा का कहना है कि अवैध बजरी परिवहन में और जो भी संलिप्त हैं, उनकी भी जल्द गिरफ्तारी होगी। मृतक वनरक्षक जितेंद्र सिंह शेखावत का जयपुरिया अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम शव परिजनों को सौंप दिया।
किसका था, द लास्ट कॉल...
सूत्रों के अनुसार वन चौकी पर जितेन्द्र अन्य स्टाफ के साथ ड्यूटी पर था। रात्रि में अचानक मोबाइल पर घंटी बजती है और वह बात करते हुए बाहर निकल जाते हैं। इसके बाद चौकी से करीब 250 मीटर झिरी बस स्टैंड के पास यह घटना हो जाती है। चौकी पर तैनात अन्य स्टाफ को पहले भनक तक नहीं पड़ पाती है। उधर, पुलिस भी इस लास्ट कॉल की गुत्थी सुलझाने में जुटी है। डीएफओ आशीष व्यास ने बताया कि कॉल आया था लेकिन किसका था यह मालूम नहीं हो पाया है। यह जांच का विषय है।
संलिप्त माफिया की खोजबीन में जुटी पुलिस
थाना पुलिस बजरी माफियाओं की तलाश में जुटी है। पुलिस ने लोडर सहित संगठित अपराध में शामिल लोगों का सुराग लगाने में जुटी है। जो चंबल नदी के प्रतिबंधित क्षेत्र से अवैध बजरी खनन को अंजाम देने में लगे हुए हैं। पुलिस पकड़े माफिया से पूछताछ संलिप्त लोगों का पता करने में जुटी है।
जिम्मेदारों पर ही ग्रामीणों के गंभीर आरोप
झिरी चौकी चंबल घडिय़ाल अभ्यारण में आती है। चौकी पर तैनात कार्मिकों पर झिरी के ग्रामीणों ने चंबल नदी में अवैध बजरी खनन में संलिप्तता जाहिर करते हुए मिलीभगत का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने बताया कि घटना की रात्रि को वनविभाग की चौकी पर वनरक्षक जितेन्द्र सिंह के तीन अन्य वनरक्षक भी ड्यूटी पर तैनात थे। आरोप है कि घटना के घटित होने के बाद ग्रामीण वन विभाग की चौकी पर पहुंचे तो अन्य कार्मिक अंदर से लॉक लगाकर सुस्ता रहे थे। आरोप है कि अवैध बजरी लदी ट्रेक्टर-ट्रॉलियों की जानकारी सभी को पहले से थी लेकिन अन्य वनरक्षक मौके पर क्यूं नहीं पहुंचे। अगर वह कहीं गश्त में थे तो उनकी मोबाइल लोकेशन की जांच कराने की ग्रामीणों ने मांग की है। अभी तक विभाग की ओर से मामले में चुप्पी साध रखी है।
सरमथुरा-बाड़ी में इन इलाकों से अवैध बजरी परिवहन
उपखंड सरमथुरा अन्तर्गत चंबल नदी के झिरी पंचायत के हल्लूपुरा व दुर्गसी घाट से अवैध खनन कर बजरी का दोहन होता है। गांव झिरी के ग्रामीणों ने बताया कि चंबल नदी के दोनों घाट से रोजाना करीब 50-60 ट्रेक्टर ट्रॉलियां अवैध बजरी परिवहन होता है। अवैध बजरी खनन में झिरी व हल्लूपुरा के कुछ लोग भी संलिप्त हैं जो टे्रक्टर ट्रॉलियों को लोडर से लोडिंग करते है। इसी तरह बाड़ी सदर थाना इलाके से भी बजरी लदी टे्रक्टर-ट्रॉलिया दिनभर गुजरती हैं। थाना प्रभारी मोहर सिंह मीणा ने बताया कि यह अवैध चंबल रेता तालाब शाही, सुनीपुर, सोने का गुर्जा, चांदे का पुरा, बरौली, आठ मील, छावडी पुरा, उमरे इत्यादि गांवों से होकर रेता निकलता है।
आज से अवैध बजरी पर कड़ा प्रहार...
वनरक्षक की ड्यूटी पर मृत्यु के बाद विभाग के अधिकारियों और कार्मिकों में भारी रोष है। डीएफओ आशीष व्यास ने बताया कि जिले के वन क्षेत्र में अवैध बजरी खनन को सख्ती से रोका जाएगा। कार्रवाई के लिए भरतपुर, करौली और सवाईमाधोपुर का जाप्ता और अधिकारी बुलाए जा रहे हैं।
रविवार को बजरी माफिया कड़ा प्रहार होगा।
गांव पावटा पहुंच परिजनों से दी सांत्वनाउधर, विभाग के अधिकारी व कार्मिक रविवार को मृतक वनरक्षक के गांव पावटा शाहापुरा पहुंचे और अंतिम संस्कार में शामिल हुए। मृतक के दो पुत्र हैं जिसमें एक शादीशुदा है जबकि दूसरे पुत्र कॉलेज में अध्ययरत हैं। स्टाफ ने परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। साथ ही पार्थिव देह पर स्टाफ और अधिकारियों ने पुष्प अर्पित कर अंतिम सलामी दी।