धौलपुर

Dholpur: राष्ट्रीय राजमार्गों पर जगह-जगह खतरा, सुरक्षित सफर अभी दूर

धौलपुर शहर से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग 123 के साथ साथ एनएच 44 (दिल्ली-मुंबई) पर जगह-जगह डिवाइडर टूटे पड़े हैं। शहर से सदर थाने की तरफ जाते समय कई डिवाइडर क्षतिग्रस्त हैं। वहीं हाइवे एजेंसी मोटा टोल वसूल कर रही है लेकिन यात्रियों के सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जा रही है।
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नेशनल हाईवे 44 पर खतरनाक तरीके से झुकी हुई डिवाडर की गाटर

धौलपुर. सुरक्षित और आरामदायक सफर के लिए हर रोज सैकड़ों की संख्या में वाहन चालक करोड़ों रुपए का टोल भर रहे हैं लेकिन इसके बाद भी सडक़ हादसों की रफ्तार नहीं थम रही है। बीते साल देश में करीब 5.13 लाख सडक़ हादसे सामने आए। इन दुर्घटनाओं में करीब 1.83 लाख से अधिक लोगों ने जान गवा दी। संसद में सरकार की ओर से बताए आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन देश में औसतन 502 लोगों की सडक़ दुर्घटनाओं में मौत हो रही है। यानी हर घंटे करीब 21 जने जान गवा रहे हैं। अब तो राष्ट्रीय राजमार्ग से लेकर मेगा एक्सप्रेस हाइवे पर भी यात्रा सुरक्षित नहीं रही है।

हाल में बने एक एक्सप्रेस हाइवे पर यातायात शुरू होने के साथ जगह-जगह गड्ढों ने सडक़ निर्माण की स्थिति बता दी। उधर, धौलपुर शहर से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 123 (धौलपुर-भरतपुर) पर भागीरथपुरा के पास भारी घुमाव और ओवरटेक के दौरान हुए भीषण हादसे में पिता-पुत्र समेत तीन जनों ने जान गवा दी। यह हादस एजेसिंयों के लिए भले ही एक आंकड़ा हो लेकिन एक परिवार के लिए वज्रपात से कम नहीं है। जिम्मेदार एजेङ्क्षसयां हादसे के बाद दो-चार दिन एक्टिव दिखती हैं और फिर से वहीं स्थिति नजर आती है। हादसे के बाद पुलिस ने भागीरथ पुरा मोड पर लगी अस्थाई दुकानों को हटवा दिया। हालांकि, परिवहन विभाग के निरीक्षण में जो खामियां बताई, उन पर अभी खास काम नहीं हुआ है। एनएचएआई ने झांडिय़ां कटवा दी और कुछ संकेतक जरुर लगाए हैं। लेकिन जिस अत्यधिक घुमाव की वजह से हादसा हुआ, उस पर अभी कोई खास सुधार नहीं हुआ है।

डिवाइडर टूटे पड़े, हाइवे पर चढ़ रहे वाहन

उधर, एनएच 123 के साथ साथ एनएच 44 (दिल्ली-मुंबई) पर जगह-जगह डिवाइडर टूटे पड़े हैं। शहर से सदर थाने की तरफ जाते समय कई डिवाइडर क्षतिग्रस्त हैं। कुछ तो खतरनाक स्थिति में है। अगर इनसे कोई टकराया तो नतीजे खतरनाक साबित हो सकते हैं। एनएचएआई अधिकारी सडक़ सुरक्षा समिति की बैठकों में कार्य कराने की हामी तो भरते हैं लेकिन सडक़ पर कार्य की गति बेहद सुस्त है। हाल में कुछ कार्य तो जिला कलक्टर के सख्त रुख के बाद हुए। शहर से मनियां की तरफ जा रहे हाइवे पर वाहन डवलिंग करते हुए निकलता है। इस तरह की स्थिति कई जगह पर है। जबकि हाइवे एजेंसी मोटा टोल वसूल कर रही है लेकिन यात्रियों के सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। कई स्थानों पर डिवाइडर टूटे पड़े हैं, जिससे दुपहिया वाहन और जानवर हाइवे पर घुस आते हैं और तेज रफ्तार वाहनों से टकराने की स्थिति बन जाती है।

हाइवे पर किनारे डाला मटैरियल

शहर से गुजर रहे हाइवे संख्या 11बी (धौलपुर-लालसोट) पर 220 केवी के पास सडक़ पर ही गिट्टियां डाल रखी हैं। जो रात्रि के समय बाड़ी रोड से आने वाले वाहनों के लिए दुर्घटना का सबब बन सकती है। लेकिन एनएचएआई के अधिकारियों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। यहां पहले भी बिल्डिंग मटैरियल सामान डाला गया था। इसी हाइवे पर नवीन जिला अस्पताल चौराहे अब खतरनाक साबित हो रहा है। किस तरह से वाहन आ जाए, कुछ नहीं कह सकते हैं। चौराहे पर न हाइमास्ट लाइट और न ट्रेफिक पुलिस कर्मी की तैनाती है, यहां रामभरोसे ट्रेफिक चल रहा है।

हाइवे मोड से हटी अतिक्रमण की सब्जी मंडी

उधर, सदर थाना अंतर्गत हाइवे 123 स्थित भागीरथ पुरा के पास बीते दो साल में एनएचएआई और सिस्टम की अनदेखी से सडक़ पर लग रही सब्जी मंडी को आखिरकार पुलिस से सख्ती और समझाइश करते हुए हटवा दिया। पत्रिका ने हाइवे मोड पर हुए अतिक्रमण को लेकर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। यहां हाइवे मोड पर करीब 20 दुकानें लग रही थी, जिससे हाइवे से शहर की तरफ जाने वाले ट्रेफिक को निकलने में खासी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था।

- हाइवे से भागीरथ पुरा मोड के पास लगी दुकानों को हटवा दिया है। दुकानदार मोड से नीचे की तरफ पड़ी खाली जगह में शिफ्ट करवा दिया है। साथ ही मोड समेत हाइवे पर राित्र के समय नजर रखी जा रही है।

- महेश मीणा, एसएचओ, सदर थाना धौलपुर

Updated on:
19 Aug 2026 07:35 pm
Published on:
19 Aug 2026 07:35 pm