
दमोह झरना के पास लोगों को हटाते पुलिसकर्मी
Dholpur, सरमथुरा. बरसात के सीजन में दमोह झरना प्रकृति की अनुपम छंटा बिखेर रहा है। तीन दिन पूर्व दमोह खर्रा में एक सैकड़ा पर्यटकों के फंसने के बाद प्रशासन ने पाबंदी लगा दी है। अब सैलानियों की दमोह झरने के 500 मीटर की परिधि में आवागमन करना प्रतिबंधित कर दिया है। पुलिस व वनविभाग ने सुरक्षा की दृष्टि से सैलानियों की आवाजाही पर रोक लगाई है।
जिला कलक्टर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए जन जीवन एवं लोक सुरक्षा के दृष्टिगत जिले के तहसील व उपखण्ड सरमथुरा स्थित दामोह झरने एवं उसके आस-पास के 500 मीटर क्षेत्र में आम नागरिकों एवं पर्यटकों का प्रवेश प्रतिबन्धित करने का आदेश जारी किए हैं। यह आदेश सितम्बर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
सुरक्षा की दृष्टि से जिला प्रशासन ने उठाया कदम
कलक्टर ने जारी आदेश में बरसात के मौसम में अनेक पर्यटक एवं काफी संख्या में आमजन उक्त झरने को देखने को आते हैं, जो पानी में उतरते हैं। इस कारण पानी में डूबने जैसी घटनाएं घटित हो सकती हैं, जिससे लोकजीवन व लोक सुरक्षा का गम्भीर खतरा उत्पन्न होने का हवाला दिया गया है। कलक्टर ने उक्त आदेश जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंध नियुक्त कार्मिकों एवं अधिकृत कार्मिकों को ही आधिकारिक कर्तव्य को लागू नहीं होगा। यह आदेश मंगलवार मध्यरात्रि से लागू होकर 30 सितम्बर 2026 तक प्रभावी रहेगा। उक्त निषेधाज्ञा की अवहेलना या उल्लंघन करते पाया जाने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दोषी व्यक्ति को दण्डित किया जाएगा। अब सैलानी पुलिस व वनविभाग के कार्मिकों से छिपकर भी कुण्ड तक नहीं पहुंच सकेंगे।
थाना प्रभारी कैलाश गुर्जर ने बताया कि पुलिस अधीक्षक धौलपुर के निर्देशन में थाना पुलिस ने पर्यटन स्थलों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। वैसे फॉल और झरने जहां डूबने का खतरा बना रहता है, पुलिस ने सैलानियों से दमोह झरने की 500 मीटर की परिधि में नहीं जाने की अपील की है। वहीं खतरनाक स्थानों पर जाकर सेल्फी नहीं लेने, डूबने वाले इलाके में नहाने के लिए नही उतरने के लिए प्रेरित किया है। साथ ही प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करने के लिए पाबंद किया गया है।
Updated on:
19 Aug 2026 07:10 pm
Published on:
19 Aug 2026 07:10 pm
