धौलपुर

Dholpur: भारी वाहनों से खप रही सैकड़ों टन खनिज सामग्री, जांच तक नहीं

शहर में इन दिनों धड़ल्ले से डस्ट और सिंध की बजरी पड़ोसी शहर ग्वालियर से आ रही है। प्रतिदिन शहर में सिंध की रेत आ रही है। विशेष बात ये है कि इसमें कई भारी वाहन ऐसे हैं जिन पर नम्बर लेट्स तक नहीं है। वहीं, खनिज विभाग का कहना है कि रजिस्ट्रेशन की जांच करना परिवहन विभाग का है।
3 min read
Dholpur news
धौलपुर. सडक़ से गुजरता खनिज सामग्री लदा वाहन।

धौलपुर. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद जिले में अवैध चंबल बजरी परिवहन पर सख्ती से रोक के बाद अब भवन निर्माण समेत अन्य कार्यों के लिए बजरी उपलब्ध नहीं होने समस्या बनी हुई है। वहीं, एम-सेंड को लेकर खजिन विभाग की ओर से पूर्व में पार्वती नदी इलाके में बजरी खनन को लेकर लाइसेंस जारी करने के बात कही थी लेकिन अभी तक इस मामले में विभाग की ओर से केवल सर्वे कार्य चल रहा है। विभाग का कहना है कि एक लोकेशन को फाइनल कर दिया है और उसे अब उच्चाधिकारियों को भेजा रहा है।

वहीं, शहर में इन दिनों धड़ल्ले से डस्ट और सिंध की बजरी पड़ोसी शहर ग्वालियर से आ रही है। प्रतिदिन शहर में सिंध की रेत आ रही है। विशेष बात ये है कि इसमें कई भारी वाहन ऐसे हैं जिन पर नम्बर लेट्स तक नहीं है। वहीं, खनिज विभाग का कहना है कि रजिस्ट्रेशन की जांच करना परिवहन विभाग का है। खनिज विभाग केवल रॉयल्टी की जानकारी लेता है। हालांकि, अधिकारी यह साफ नहीं कर पाए कि जिले में प्रतिदिन कितने डस्ट और सिंध की बजरी से भरे वाहन आ रहे हैं। खनि अभियंता का कहना था कि वह जांच कर बताएंगे।

ऑक्शन के लिए जाएगी, एक एरिया पूर्ण

जिले में चंबल नदी की अवैध बजरी का परिवहन थमने के बाद से निर्माण कार्यों में सिंध की रेत और डस्ट आ रही है। जिले में अधिकतर रेत और डस्ट मध्यप्रदेश के ग्वालियर समेत अन्य इलाकों से पहुंच रही है। उधर, खनिज विभाग की ओर से पार्वती रेता के ऑक्शन को लेकर तैयारी की जा रही है लेकिन यहां कछुआ चाल से कार्य हो रहा है। विभाग का कहना है कि सेँपऊ उपखंड क्षेत्र में पार्वती रेता को लेकर एक एरिया के ऑक्शन की लगभग तैयारी हो रही है। ऑक्शन प्रक्रिया को लेकर उच्च स्तर पर होगा। पहले बारिश और चुनाव प्रक्रिया के चलते इसमे कार्य नहीं हो पाया था। साथ ही राजस्व विभाग के पटवारी भी नहीं मिल पा रहे थे।

रॉयल्टी पेड आ रही सिंध रेत, कितने वाहन आए मालूम नहीं

जिले में मध्यप्रदेश की ओर से धौलपुर में रॉयल्टी पेड सिंध रेता आ रहा है। सैकड़ों टन सिंध रेते से लदी गाडिय़ों शहर में प्रतिदिन आ रही हैं। साथ ही डस्ट लेकर भी डंपर, ट्रोला और ट्रक आ रहे हैं। यह सैंपऊ रोड, गुलाब बाग से पैलेस रोड, बाड़ी रोड, ओडेला रोड और आगरा रोड पर बिल्डिंग मटैरियल दुकानों पर खनिज सामग्री उतार रहे हैं लेकिन कितने वाहन प्रतिदिन आ रहे हैं और चंबल बजरी बंद होने के बाद से कितनी खजिन सामग्री आ चुकी है, इसको लेकर विभाग के पास डेटा तैयार नहीं है। अधिकारी कह रहे है कि टीम जांच करती हैं कि पेड माल है कि नहीं।

1347 पर कर चुके कार्रवाई

उधर, परिवहन विभाग का कहना है कि बिना नम्बर प्लेट्स वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। विभाग ने मई माह से अभियान शुरू किया और जारी है। विभाग की ओर से अभी तक करीब 1347 वाहनों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इसमें 163 की आरसी निलम्बन की कार्रवाई की है। इसी तरह 1233 वाहन अन्य जिलों के थे, जिसके लिए उन्हें कार्रवाई करने के लिए लिखा है। वहीं, 173 वाहन बिना परमिट के सडक़ों पर दौड़ रहे थे, उन पर भी गाज गिरी है। साथ ही 726 पर निलम्बन की कार्रवाई की गई है।

982 ट्रेक्टर ट्रॉली पर लिखवाए नम्बर

वहीं, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद परिवहन विभाग ने अभियान चलाकर जिले भर में करीब 982 ट्रेक्टर-ट्रॉलियों पर नम्बर अंकित करवाए। साथ ही 44 ट्रेक्टर-ट्रॉलियों को विभाग ने व्यावसायिक वाहनों में मानते हुए रजिस्ट्रेशन किया है। इसके अलावा करीब 4500 वाहनों में जीपीएस लगवाया है। गौरतलब रहे कि अवैध बजरी परिवहन और पर्यावरण को पहुंच रहे नुकसान को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और टीम के दौरा करने के बाद यहां चंबल किनारे घाटों पर पुलिस की अस्थाई चौकी स्थापित की गई है। वहीं, हाइवे पर वाच टावर लगाया है, जिससे अवैध खनिज सामग्री परिवहन पर निगाह रखी जा सके।

- जिले में इस समय सिंध से जो बजरी आ रही है वह रॉयल्टी देकर आ रही है। हमारी टीम चेक करती है। कितने वाहन अभी तक आ चुके है, यह डेटा चेक करना होगा। किसी वाहन पर रजिस्ट्रेशन नहीं है तो यह परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है, खनिज विभाग केवल रॉयल्टी को जांचता है।

- पुष्पेन्द्र मीणा, एमई धौलपुर

- विभाग की ओर से नियमित जांच की जाती है। लगातार अभियान चलाकर जुर्माना भी किया है और कई आरसी निलम्बित की है। खनिज सामग्री की जांच संबंधित विभाग को करनी है। अगर कोई वाहन बिना नम्बर प्लेट्स के आ रहा है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

- गौरव यादव, परिवहन विभाग धौलपुर

Updated on:
27 Sept 2026 07:19 pm
Published on:
27 Sept 2026 07:19 pm