पूर्वी राजस्थान के धौलपुर जिले में भी प्रदेश के अन्य जिलों की तरह एतिहासिक धरोहर मौजूद हैं लेकिन सार-संभाल के अभाव में यह पुरामहत्व की इमारत और पुराने जल स्रोत अपनी पहचान खो रहे हैं तो कहीं इन पर अतिक्रमण हो रहा है।
धौलपुर. पूर्वी राजस्थान के धौलपुर जिले में भी प्रदेश के अन्य जिलों की तरह एतिहासिक धरोहर मौजूद हैं लेकिन सार-संभाल के अभाव में यह पुरामहत्व की इमारत और पुराने जल स्रोत अपनी पहचान खो रहे हैं तो कहीं इन पर अतिक्रमण हो रहा है। हाल में नगर परिषद प्रशासन की ओर से शहर में मौजूद बावडिय़ों की सुध ली तो कोर्ट कैम्पस में जमीदौज हो चुकी ऐतिहासिक बावड़ी से कब्जा हटाकर उसे वापस जिंदा करने का प्रयास है।
हालांकि, अभी यहां पर खुदाई कर कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। इसी तरह रविवार को कचहरी के ही सामने एक कॉलोनी में भी बाबड़ी में बनाए शौचालय पर दीवार खड़ी कर रास्ता रोकने के मामले में नगर परिषद दस्ते ने कार्रवाई कर दीवार को ध्वस्त कर दिया। लेकिन अभी एक गेट अभी तक बंद है। इसी तरह चोपड़ा मंदिर के पास भी ऐतिहासिक बावड़ी है। यहां बावड़ी के हिस्से पर ही वाहन पार्किंग हो रही हैं। वहीं, संरक्षण करने वाले जिम्मेदार विभाग नींद में है। नतीजन ये अपनी पहचान खो रहे हैं।