धौलपुर

‘कमजोर सा विष्णु अकेले नहीं कर सकता जगन गुर्जर की हत्या’, गांव वाले बाले कुछ तो छिपाया जा रहा है

राजस्थान के चर्चित जगन गुर्जर हत्याकांड को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि कमजोर कद-काठी का युवक विष्णु अकेले जगन गुर्जर की गला घोंटकर हत्या नहीं कर सकता। जेल में जो भी घटा उसकी पूरी जांच होनी चाहिए।
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Jul 02, 2026
jagan gurjar funeral
जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में भारी संख्या में लोग पहुंचे। फोटो- नरेश लवानिया

कभी चंबल के डांग और बीहड़ में आतंक का पर्याय रहे पूर्व इनामी दस्यु जगन गुर्जर की अंतिम संस्कार के अगले दिन भी पूरे गांव में चर्चा है। ग्रामीणों को अजमेर जेल में जगन गुर्जर के साथ घटी घटना गले नहीं उतर रही। गांव भक्तीपुरा के ग्रामीण रामदीन ने कहा कि हट्टा-कट्टा व्यक्ति और वह जगन गुर्जर जिसने डांग में सैकड़ों पुलिसकर्मियों से मुठभेड़ की और उसकी एक साधारण और कमजोर सा युवक विष्णु सिंह गलाघोंट कर हत्या कर दे, यह नहीं हो सकता।

'कुछ तो बैरक में उस दिन हुआ था, जिसे छिपाया जा रहा'

इसी तरह माधौ ने कहा कि जेल में जो भी घटा उसकी पूरी जांच होनी चाहिए। राजस्थान पुलिस से नहीं बल्कि मामले की सीबीआइ जांच हो। कई लोग नाराज भी दिखे। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से षड्यंत्र से की गई हत्या है। जगन को अकेला तो कोई मार ही नहीं सकता।

अंतिम संस्कार क्रिया करता जगन का बेटा आसाराम। फोटो- नरेश लवानिया

माधौ ने कहा कि जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को अलग क्यों कर दिया, फिर सीसीटीवी कैमरे पर ट्यूथपेस्ट कैसे आ गया, कुछ तो बैरक में उस दिन हुआ था, जिसे छिपाया जा रहा है। कुछ ग्रामीणों ​का आरोप है कि सरकार भी मामले को छिपा रही है।

जेल से अंतिम संस्कार में पहुंचे तीनो भाई। फोटो- नरेश लवानिया

पूर्व दस्यु जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में 1 जुलाई को बड़ी संख्या में समाज के लोग पहुंचे और जगन के घर से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर डांग के पथरीले इलाके में अंतिम संस्कार हुआ। अंतिम संस्कार में अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल से पैरोल पर पप्पू गुर्जर और धौलपुर जेल से लाल सिंह और पान सिंह भी शामिल हुए। तीनों भाइयों की जगन के अंतिम दर्शन के लिए लाया गया तो बड़े भाई लाल सिंह के आंसू झलक गए, जिस पर छोटे भाई पप्पू ने उन्हें ढांढ़स बंधाया।

पप्पू गुर्जर ने हाथ ऊपर कर भीड़ को शांत किया

फोटो- नरेश लवानिया

इस दौरान पप्पू ने हाथ ऊपर कर भीड़ को शांत किया। तीनों भाइयों के पहुंचने पर भीड़ जगन की देह के पास पहुंचने का प्रयाय कर रही थी, जिस पर पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। तीनों भाइयों को पुलिस दाह-संस्कार की तैयारी होने पर भारी सुरक्षा बल के साथ लेकर पहुंची और भाई को अंतिम नमन कर पुलिस तीनों को वापस लेकर रवाना हो गई। इसके बाद ग्रामीणों ने जगन को अंतिम विदाई दी। लोग एक-एक करके आते गए और चिता पर कंडा डाल नमन कर आगे बढ़ते गए। कई लोग दाह-संस्कार के बाद भी पहुंचे।

गांव में शोक में डूबी महिलाएं। फोटो- नरेश लवानिया

जगन के घर से बाबू महाराज का मंदिर (थान) करीब एक किलोमीटर दूर है और मंदिर पर उसके पिता भगत थे और जगन की खासी आस्था थी और वह मंदिर पर घंटा चढ़ा कर अपनी भक्ति भी जताता था। हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से हमेशा इससे इनकार किया जाता रहा है।

लेकिन साल 1998 से 2000 के बीच जब जगन गुर्जर का नाम डांग में खौफ की तरह गूंजता था। पुलिस ने घेराबंदी की और फिर उसने लगातार बहती वारदातों के बाद बाबू महाराज मंदिर पर ही तत्कालीन एसपी बीजू जॉर्ज जोसेफ और सीओ बाड़ी केसर सिंह शेखावत के समक्ष आत्म समर्पण किया था।

Updated on:
02 Jul 2026 05:22 pm
Published on:
02 Jul 2026 05:13 pm