
हाथ उठा कर लोगों को शांत करता पप्पू गुर्जर। फोटो- पत्रिका
धौलपुर। कभी चंबल के डांग और बीहड़ में आतंक का पर्याय रहे पूर्व इनामी दस्यु जगन गुर्जर का बुधवार को उसके पैतृक गांव भवूतीपुरा में कड़ी सुरक्षा पहरे के बीच अंतिम संस्कार हुआ। मुखाग्नि उसके पुत्र आसाराम ने दी। अंतिम संस्कार में अजमेर हाइ-सिक्योरिटी जेल से पैरोल से पप्पू गुर्जर और धौलपुर जेल से लाल सिंह और पान सिंह भी शामिल हुए। तीनों भाइयों को पुलिस दाह-संस्कार की तैयारी होने पर भारी सुरक्षा बल के साथ लेकर पहुंची और भाई को अंतिम नमन कर पुलिस ने तीनों को वापस लेकर रवाना हो गई।
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उधर, संस्कार स्थल से जाते वक्त अजमेर जेल में बंद जगन के भाई पप्पू गुर्जर ने कहा कि ऐसा व्यक्ति जगन का मर्डर नहीं कर सकता जो कल तक उसके कपड़े धोता था। पप्पू ने अजमेर जेल में जगन की हत्या को षड्यंत्र बताते हुए कहा कि भाई की साजिश के तहत करीब 7 से 8 लोगों ने हत्या की है। कहा कि जगन को नींद की गोली खिला कर हत्या को अंजाम दिया। घटना के समय सीसीटीवी कैमरे भी बंद थे। आरोप लगाया कि हत्याकांड में जेल स्टाफ और अन्य सभी की मिलीभगत थी और उनके साथ गद्दारी हुई है। गौरतलब रहे कि पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की अजमेर जेल में सेल में बंद दूसरे बंदी विष्णु सिंह ने गला घोंट कर हत्या कर दी थी। मृतक दस्यु गुर्जर का अजमेर अस्पताल में मंगलवार देर शाम पीएम के बाद शव बुधवार सुबह करीब 5.30 बजे गांव भवूतीपुरा पहुंचा।
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जगन गुर्जर को उसके पुत्र आसाराम ने मुखाग्नि दी तो वहीं उसकी कथित प्रेमिका और गैंग में शामिल रही कोमेश गुर्जर की पुत्री भी अंतिम संस्कार में मौजूद रही। अंतिम संस्कार स्थल पर जगन की अर्थी पहुंची तो कोमेश की पुत्री भी साथ थी और वह आसाराम से कुछ दूरी पर ही अंतिम समय तक गुमशुम बैठी रही और आखिर में जगन की देह को प्रणाम कर गांव को रवाना हुई। कोमेश बाड़ी से जगन के पैतृक गांव भवूतिपुरा आई थी।
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जगन गुर्जर की देह अंतिम संस्कार स्थल पर करीब 10.30 बजे पहुंच गई थी, लेकिन भाई पप्पू, लाल सिंह और पान सिंह के नहीं पहुंचे से करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा। पप्पू को भारी को भारी सुरक्षा बल और कई थानों की पुलिस जवान और अधिकारियों के साथ अंतिम संस्कार स्थल पर अन्य भाइयों के साथ लाया गया। एसटीएफ और कमांडो के जवान पप्पू पर विशेष नजर रखे हुए थे। पुलिस को इनपुट था कि अंतिम संस्कार कार्यक्रम में कथित तौर पर गड़बड़ हो सकती है। जिस वजह से बाड़ी, सरमथुरा, धौलपुर ग्रामीण सर्किल के जवान, थाना प्रभारी और सीओ समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
अंतिम संस्कार स्थल पर जब तीनों भाइयों को जगन के अंतिम दर्शन के लिए लाया गया तो बड़े भाई लाल सिंह के आंसू झलक गए, जिस पर छोटे भाई पप्पू ने उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान पप्पू ने हाथ ऊपर कर भीड़ को शांत किया। तीनों भाइयों के पहुंचने पर भीड़ जगन की देह के पास पहुंचने का प्रयास कर रही थी, जिस पर पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में धौलपुर जिले के विशेष डांग क्षेत्र के गुर्जर समाज के बड़ी संख्या में लोग भवूतीपुरा पहुंचे। लोगों को बुधवार सुबह से ही अपने साधनों से पहुंचना शुरू हो गया था। धौलपुर के अलावा करौली, मुरैना, ग्वालियर, अजमेर, जयपुर और यूपी से भी लोग उसके पैतृक गांव पहुंचे।
Updated on:
01 Jul 2026 07:42 pm
Published on:
01 Jul 2026 07:42 pm
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