धौलपुर

Dholpur: कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स अब रखेगी शहर में पैनी नजर

जिले की कालिका महिला पेट्रोलिंग यूनिट की टीम, महिला पुलिसकर्मियों एवं महिला सीएलजी सदस्यों ने कार्यक्रम में ऑनलाइन भागीदारी निभाई। कालिका महिला पेट्रोलिंग यूनिट के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी जागरूकता प्रदान करने, उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा आवश्यकता पडऩे पर त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
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धौलपुर. कार्यक्रम में मौजूद महिला पुलिसकर्मी।

धौलपुर. पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के साथ धौलपुर जिले की कालिका महिला पेट्रोलिंग यूनिट की टीम, महिला पुलिसकर्मियों एवं महिला सीएलजी सदस्यों ने कार्यक्रम में ऑनलाइन भागीदारी निभाई। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री वैभव शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकए शिकाऊ प्रकोष्ठ श्री हवा सिंह भी उपस्थित रहे।

इस सहभागिता के माध्यम से धौलपुर पुलिस ने महिला सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण तथा महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। कालिका महिला पेट्रोलिंग यूनिट के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी जागरूकता प्रदान करने, उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा आवश्यकता पडऩे पर त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। प्रदेश महत्वपूर्ण पहल करते हुए 100 नवीन कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स का शुभारंभ हुआ है। कार्यक्रम में सीएम भजनलाल शर्मा व गृ़ह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम समेत अन्य की सहभागिता रही।

त्वरित होगा एक्शन

एसपी सांगवान ने बताया है कि धौलपुर पुलिस भी महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं को किसी भी प्रकार की परेशानी, संकट या आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त करने के लिए हेल्प लाइन नम्बर 112 और 090 महिला गरिमा हेल्पलाइन पर फोन कर सकती हैं।

16 लाख से अधिक महिला व बालिकाओं को सिखाए टिप्स

कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स और महिला यूथ सीएलजी सदस्यों का फील्ड में प्रभावी असर दिख रहा है। वर्ष 2023 की तुलना में वर्ष 2026 में महिला अत्याचार के प्रकरणों में लगभग 48 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है तथा महिला अत्याचार संबंधी प्रकरणों में अनुसंधान का औसत समय घटकर 48 दिन रह गया है। कालिका पेट्रोलिंग यूनिट्स ने 55 हजार से अधिक असामाजिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इसके अलावा 50 लाख महिलाओं एवं बालिकाओं को कानून और 18 लाख से अधिक को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरुक किया गया है। इसी प्रकार लगभग 16 लाख 70 हजार से अधिक महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण भी दिया गया है।

28 हजार से अधिक शिकायतों का निस्तारण

उधर, महिला सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार के अन्य प्रयासों के तहत सार्वजनिक स्थानों पर छेड़छाड़ जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए 65 एंटी रोमियो स्क्वॉड संचालित किए जा रहे हैं। वहीं, महिला हेल्पलाइन 1090 पर पिछले पौने तीन वर्षों में 28 हजार से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया गया है। करीब 22 हजार सुरक्षा सखियों का चयन किया गया है। वहीं, अभय कमांड एवं नियंत्रण केंद्र के माध्यम से प्रदेशभर में 12 हजार 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं।

थानों में नियमित हो बैठकें

मुख्यमंत्री ने सामुदायिक पुलिसिंग को महिला सुरक्षा और अपराध नियंत्रण का महत्वपूर्ण बनाते हुए प्रदेश में 2 लाख 60 हजार से अधिक सदस्यों को जोड़ा गया है। इनमें 84 हजार से अधिक यूथ सीएलजी सदस्य, 83 हजार से अधिक सीएलजी सदस्यए 40 हजार से अधिक पुलिस मित्र और 29 हजार से अधिक ग्राम रक्षक शामिल हैं।

Updated on:
19 Oct 2026 11:21 am
Published on:
19 Oct 2026 11:21 am