धौलपुर

दिनदहाड़े वन विभाग कार्यालय पर खनन माफियाओं का हमला, शहर में फैली दहशत

जहां एक ओर जिले में रेता माफिया का पुलिस पर जान लेवा हमले करने का सिलसिला जारी है, तो वहीं दूसरी ओर खनन माफिया भी सीना जोरी पर उतर आए है।
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Jun 07, 2018
dholpur

धौलपुर। जहां एक ओर जिले में रेता माफिया का पुलिस पर जान लेवा हमले करने का सिलसिला जारी है, तो वहीं दूसरी ओर खनन माफिया भी सीना जोरी पर उतर आए है।

शहर के बीचों-बीच स्थित वन विभाग के जिला वन अधिकारी के कार्यालय और आवास पर दिनदहाड़े हुए खनन माफियाओं के हमला कर दिया।

घटना के दौरान खनन माफियाओं ने यहां ना केवल जमकर पथराव किया, बल्कि मौजूद वनकर्मियों पर हमला भी कर दिया। हमले में डीएफओ के चालक के पैर में फैक्चर हो गया तथा डीएफओ की गाड़ी का शीशा टूट गया। घायल चालक जिला अस्पताल में भर्ती है। अचानक हुए हमले से शहर में दहशत फैल गई।

जानकारी के मुताबिक गुरुवार सुबह करीब साढ़े 6 बजे क्षेत्रीय वन अधिकारी बृजपाल सिंह को सूचना मिली कि अवैध खनन कर कुछ ट्रेक्टर ट्रॅाली पत्थर (मुड्डी) भरकर शहर की तरफ आ रहे हैं। कार्यालय से बाहर निकलते ही हुण्डावाल रोड पर अवैध खनन के पत्थरों से भरे 3 ट्रेक्टर ट्रॉली आते दिखाई दिए।

टीम ने इन्हें रोका तो चालक ट्रेक्टर ट्रॅाली छोडक़र मौके से भाग गए। इस पर वन विभाग की टीम ने ट्रैक्टरों को अपने कब्जे में लेते हुए कार्यालय में खड़ा कर दिया और मुख्य गेट से ताला लगा दिया। कुछ समय बाद गांव छावनी निवासी मुन्ना पुत्र सीता यादव व राकेश पुत्र अमरेश गुर्जर 25-30 लोगों के साथ कार्यालय आए और मुख्य गेट का ताला तोड़ दिया। यहां मौजूद स्टाफ से अभद्रता व गाली गलौज कर तीनों ट्रैक्टर- ट्रॉली को ले जाने लगे।

स्टाफ ने विरोध किया तो हमला कर दिया व कार्यालय परिसर में मौजूद डीएफओ निवास पर पथराव किया तथा पकड़े गए तीनों ट्र्रैक्टर ट्रॅाली को छुड़ाकर भाग गए। पथराव व हमले में डीएफओ की सरकारी गाड़ी का शीशा टूट गया एवं डीएफओ का चालक जमील पुत्र मेजर खान निवासी भामतीपुरा के पैर में फैक्चर हो गया, जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना को लेकर क्षेत्रीय वन अधिकारी बृजपाल सिंह की ओर से निहालगंज थाने में 2 नामजद सहित 25-30 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

दो महीने में डेढ़ दर्जन से अधिक हमले
धौलपुर जिले में रेता व खनन माफियाओं का दुस्साहस इस कदर बुलंद है कि बीत दो माह में करीब डेढ़ दर्जन से अधिक मामले दर्ज किए गए है। इसमें पुलिस पर एक दर्जन से अधिक जानलेवा हमले के मामले है तो वहीं खनन माफियाओं की ओर से वन विभाग के दल पर करीब आधा दर्जन मामलों की शिकायत संबंधित थाना पुलिस को दी गई है।

Published on:
07 Jun 2018 06:47 pm