-सरकार की गलत नीतियों की जनता भुगत रही सजा, वषोZं से रेंग रही फाइल dholpur, सरमथुरा. राष्ट्रीय राजमार्ग 11 बी स्थित सरमथुरा कस्बा बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। कस्बे को नगरपालिका का दर्जा मिले भी 5 साल गुजर गए हैं। फिर भी शहर में अभी तक कोई स्थायी बस स्टैंड नहीं होने के कारण सर्दी, […]
-सरकार की गलत नीतियों की जनता भुगत रही सजा, वषोZं से रेंग रही फाइल
dholpur, सरमथुरा. राष्ट्रीय राजमार्ग 11 बी स्थित सरमथुरा कस्बा बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। कस्बे को नगरपालिका का दर्जा मिले भी 5 साल गुजर गए हैं। फिर भी शहर में अभी तक कोई स्थायी बस स्टैंड नहीं होने के कारण सर्दी, गर्मी व बरसात के मौसम में यात्रियों को यातना झेलकर मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, सरमथुरा में सैंडस्टोन हब होने के कारण जिले का मजदूर वर्ग रोजगार की खातिर बसों के माध्यम से रोजाना आवागमन करता है। वहीं जयपुर, धौलपुर, आगरा, दिल्ली व ग्वालियर तक हजारों यात्री रोजाना सफर करते हैं।
विडंबना यह है कि यहां ना तो बसों के ठहरने के लिए कोई निश्चित स्थान है और ना ही यात्रियों के बैठने के लिए छांव या बारिश से बचाव की कोई व्यवस्था नही है। यात्री खुले आसमान के नीचे खड़े होने के लिए मजबूर है। महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र होने के कारण जहां रोजाना व्यापारी, कामगार, स्कूल और कॉलेज के छात्र, कर्मचारी और ग्रामीण बड़ी संख्या में बसों से यात्रा करते हैं, लेकिन यहां कोई स्थायी बस स्टैंड नहीं होने के कारण बस बीच सड़क पर ही रुकती हैं, जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है और ट्रैफिक जाम होना भी अब आम बात हो गई है।
कस्बा में छात्र संगठन, उद्योगपति, स्थानीय निवासी एवं सामाजिक कार्यकर्ता कई वर्षों से बस स्टैंड की मांग को लेकर प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं, हालांकि शासन के स्तर पर चार वर्ष पूर्व भूमि आवंटन होने के साथ ही बस स्टैंड की आधारशिला रखी जा चुकी है। वहीं निर्माण भी शुरू किया जा चुका है, लेकिन अधूरा पड़ा है। अब लोगों को सुविधाओं में इजाफा होने की उम्मीद कम ही दिखाई दे रही हैं।
-सरकार की नीतियों पर उठ रहे सवाल
सरमथुरा में सरकार की ढिलमुल नीतियों का खामियाजा आमजन को उठाना पड़ रहा है। करीब तीन साल से बस स्टैंड की फाइल रेंग रही है। जिसके कारण बस स्टैंड का निर्माण अधर में लटका हुआ है। वहीं भूमि आवंटित होने के बावजूद सरमथुरा जैसा प्रमुख शहर अब तक बस स्टैंड से वंचित है। हालांकि प्रशासन की अनदेखी और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है।
-अस्थायी बस स्टैंड पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव:
कस्बा में करौली व बाड़ी रोड पर अस्थायी बस स्टैंड बने हुए हैं। जहां से यात्री बसों के माध्यम से आवागमन करते हैं। यात्री हर रोज सुबह बस का इंतजार करते हैं। सर्दी और गर्मी के मौसम में यात्रियों को सड़क किनारे खड़ा रहना पड़ता है। यहां तक कि पीने का पानी भी व्यवस्था नहीं है। स्थानीय दुकानदार का कहना है यहां यदि एक स्थायी बस स्टैंड बन जाए तो ना सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने एक बार फिर प्रशासन से अपील की है कि सरमथुरा में जल्द से जल्द एक पूर्ण सुविधायुक्त स्थायी बस स्टैंड का निर्माण करवाया जाए।
फिलहाल कैलादेवी मेले की व्यस्तता के कारण बस स्टैंड का मामला अटका हुआ है, वैसे सरमथुरा में रोडवेज बस स्टैंड की फाइल चल रही है।
- अमित शर्मा टीएम रोडवेज धौलपुर