
-विभाग ने शिविरा पंचांग सहित शिक्षकों के पढ़ाने को लेकर दिशा निर्देश जारी किए
-प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक को प्रति सप्ताह 12 पीरियड लेना अनिवार्य
धौलपुर.शिविरा पंचांग सहित विद्यालयों में शिक्षकों के पढ़ाने के दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ग्रीष्मकालीन अवकाश में जहां कटौती हुई है, वहीं शीतकालीन अवकाश जनवरी में दिया जाएगा। सत्र के दौरान 237 कार्य दिवस तो 126 छुट्टियां रहेंगी। तो वहीं प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक को प्रति सप्ताह 12 पीरियड लेना अनिवार्य किया गया है। व्याख्याता प्रति सप्ताह 33 पीरियड लेंगे। इस दौरान वह 11वीं और 12वीं के बच्चों को पढ़ाएंगे समय बचने पर 9वीं, 10वीं क्लास को भी अटेंड करेंगे।
एक अपे्रल से नवीन शिक्षा सत्र प्रारंभ हो चुका है। जिसको लेकर शिक्षा विभाग ने भी शिविरा पंचांग सहित प्राध्यापकों और शिक्षकों के लिए भी दिशा निर्देश जारी किए हैं। वरिष्ठ अध्यापक को कक्षा 9वीं और 10वीं में 36 पीरियड लेने होंगे। इस दौरान अगर समय बचता है तो कक्षा 6,7 और 8वीं के बच्चों को भी अध्ययन कराएंगे। इसके अलावा अगर व्याख्यात नहीं हैं तो वरिष्ठ अध्यापक कक्षा 11वीं और 12वीं क्लास के पीरियड भी लेंगे। अध्यापक लेवल 2 के शिक्षकों को प्रति सप्ताह 42 पीरियड लेने के दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। इस दौरान वह कक्षा 6वीं, 7वीं और 8वीं के बच्चों को अध्ययन कराएंगे। समय बचने पर 1 से 5वीं क्लास के बच्चों को भी पढ़ाएंगे। आवश्यकतानुसार 9 से 12वीं क्लास के बच्चों को भी पढ़ा सकते हैं। इसके अलावा अध्यापक लेवल 1 प्रति सप्ताह 42 पीरियड लेना अनिवार्य किया गया है। वह केवल कक्षा 1 से लेकर 5वीं तक के बच्चों को ही पढ़ाएंगे।
ग्रीष्मकालीन अवकाश में 10 दिन की कटौती
शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 का शिविरा पंचांग यानी पूरे साल भर का क्रियाकलाप जारी कर दिया है। विभाग ने इस दौरान बड़ा बदलाव भी किया है। देखा जाए तो इस बार सत्र में कार्यदिवस के मुकाबले आधी से भी ज्यादा छुट्टियां रहेंगी। इस बार ग्रीष्मकालीन अवकाश में 10 दिन की कटौती कर दी गई है, जबकि शीतकालीन अवकाश की छुट्टियां दिसंबर में नहीं अब जनवरी में की जाएंगी। इसके अलावा सत्र के दौरान 237 कार्य दिवस रहेंगे, जबकि 69 अवकाश, 52 रविवार, 4 शैक्षिक सम्मेलन के अवकाश और 1 एचएम पॉवर का अवकाश सहित कुल मिलाकर 126 छुट्टियां रहेंगी।
संस्था प्रधान की पॉवर की कम
शिक्षा विभाग ने एक ओर जहां ग्रीष्मकालीन अवकाश में कटौती करते हुए केवल 33 दिन का कर दिया है तो वहीं संस्था प्रधान के पॉवर में भी कटौती की गई है। पहले जहां सत्र के दौरान संस्था प्रधान को दो छुट्टियां घोषित कर सकता था, अब केवल एक ही छुट्टी दे पाएंगे। ग्रीष्मकालीन अवकाश केवल 10 का करने पर और संस्था प्रधान के पॉवर को कम करने पर शिक्षक संगठनों ने भी अपना विरोध दर्ज कराया है, संगठनों का कहना है कि इसको लेकर सरकार स्पष्ट आदेश जारी करे।
शीतकालीन अवकाश अब जनवरी में
शिक्षा विभाग ने इस बार शीतकालीन अवकाश में भी परिवर्तन किया है। विभाग का कहना है कि पहले जनवरी के महीने में कड़ाके की सर्दी को देखते हुए बार बार अवकाश में बढ़ोतरी करनी पड़ती है। इस परेशानी को दूर करते हुए इस बार शीतकालीन अवकाश जनवरी में ही शिफ्ट कर दिया है। पहले 31 दिसंबर से 5 जनवरी तक स्कूलों में शीतकालीन सत्र होता था। अब इसको 31 दिसंबर से 10 जनवरी कर दिया गया है। इस साल भी 5 जनवरी से 15 जनवरी के बीच पूरे प्रदेश के अधिकांश जिलों में कड़ाके की सर्दी के चलते अवकाश में बढ़ोतरी की गई थी।
परीक्षाओं की तारीखों में भी बदलाव
विभाग ने परीक्षाओं के टाइम टेबल में भी बदलाव किए हैं। इस बार जहां पहला टेस्ट 13 मई से लेकर 15 मई तक आयोजित किए जाएंगे। तो दूसरा टेस्ट 17 अगस्त से 19 अगस्त तो होंगे। इसके अलावा अद्र्धवार्षिक परीक्षा 15 अक्टूबर से 29 अक्टूबर और वार्षिक परीक्षा 8 मार्च से 20 तक आयोजित की जाएंगी।
पंचांग की प्रमुख तिथियां- सत्र 1 अप्रेल से हुआ प्रारंभ- ग्रीष्मकालीन अवकाश-17 मई से 20 जून तक रहेगा- शैक्षिक सम्मेलन जिला-18 से 19 सितंबर- मध्यावधि अवकाश-4 से 15 नवंबर तक- शैक्षिक सम्मेलन राज्य-27 से 28 नवंबर- शीतकालीन अवकाश-31 दिसंबर से 10 जनवरी तक रहेगा
-------इस प्रकार होंगी परीक्षाएं- प्रथम टेस्ट-13 मई से 15 मई तक- द्वितीय टेस्ट-17 से 19 अगस्त- अद्र्धवार्षिक परीक्षा-15 से 29 अक्टूबर तक- वार्षिक परीक्षा-8 से 20 मार्च तक
Published on:
05 Apr 2026 07:03 pm
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