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रसद विभाग की अवैध रिफिलिंग पर कार्रवाई,दो पेट्रोल पंपों के स्टॉक का लिया जायजा

धौलपुर. इरान-इजरायल और अमेरिका के युद्ध के चलते एलपीजी और फ्यूल ऑयल पर आए संकट को लेकर जिला रसद विभाग लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है। जिले में पेट्रोल.डीजल एवं गैस सिलेण्डरो की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने, अवैध संग्रहण तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी की ओर से गठित विशेष प्रवर्तन […]

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रसद विभाग की अवैध रिफिलिंग पर कार्रवाई, दो पेट्रोल पंपों के स्टॉक का लिया जायजा The Logistics Department took action against illegal refilling, and inspected the stock at two petrol pumps

धौलपुर. इरान-इजरायल और अमेरिका के युद्ध के चलते एलपीजी और फ्यूल ऑयल पर आए संकट को लेकर जिला रसद विभाग लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है। जिले में पेट्रोल.डीजल एवं गैस सिलेण्डरो की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने, अवैध संग्रहण तथा कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला कलक्टर श्रीनिधि बीटी की ओर से गठित विशेष प्रवर्तन जांच दल ने गुरुवार को सैंपऊ और बसेड़ी क्षेत्र में संदेह के आधार पर रिफिलिंग करने वाले 2 प्रतिष्ठानों की जांच की। साथ ही 6 होटल एवं रेस्टोरेन्ट की भी जांच की गई। हालांकि, यहां घरेलू सिलेंडर नहीं मिले। साथ ही 2 पेट्रोल पम्पों का भी निरीक्षण किया गया। वहीं, एलपीजी के व्यावसायिक कनेक्शन करीब 49 हैं जबकि रिफिङ्क्षलग मात्र20 से 22 ही हो रही है। ऐसे में घरेलू सिलेंडरों के बेजा इस्तेमाल की आशंका बनी हुई है।

जिला रसद अधिकारी मणि खींची ने बताया कि जिले में आम गैस उपभोक्ताओ को बुकिंग के आधार पर गैस सिलेण्डरों की आपूर्ति सुगमता जारी है। गुरुवार को 2800 सिलेण्डरो का वितरण किया गया। गैस एजेन्सियो के पास गैस सिलेण्डरों का पर्याप्त स्टॉक है। कहा कि उपभोक्ता से आग्रह है कि भ्रामक सूचनाओ पर ध्यान नही दे। समय पर अपनी बुकिंग कराएं। उधर, बाड़ी कस्बा में बुधवार को एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के बाद भी डिलीवरी नहीं होने पर ग्राहकों ने आकोश जताते हुए प्रदर्शन किया।

खुले बाजार में पहुंच रहे घरेलू सिलेंडर

उधर, रसद विभाग की जांच के बाद भी खुले बाजार में आसानी से घरेलू सिलेंडर पहुंच रहे हैं। यह सिलेंडर व्यावसायिक कार्यों में उपयोग हो रहे हैं। जिला मुख्यालय पर भी इस तरह के नजारे आम हैं। शहर में शाम के समय कई प्रतिष्ठान और रेस्टोरेंटों में इसका धड़ल्ले का उपयोग हो रहा है। जानकारी के अनुसार शहर में व्यावसायिक कनेक्शन करीब ४९ हैं जबकि नियमित रिफिल करीब 20 से 22 कनेक्शनधारी करवा रहे हैं। ऐसे में सवाल है कि शेष क्या ऊर्जा के तौर पर क्या उपयोग कर रहे हैं। वहं, बाजार में जगह-जगह लग रहे चाट और खानपान की ढकेल और छोटे संचालक भी घरेलू सिलेंडरों को उपयोग में ले रहे हैं। विशेष बात ये है कि इनके पास दो से तीन सिलेंडर तक उपलब्ध हैं। वहीं, कुछ लोग छोटे सिलेंडरों में भी गैस रिफिल करवा रहे हैं।

पीएनजी कनेक्शन की गति सुस्त

उधर, सरकार के आदेश के बाद भी शहर में पीएनजी गैस कंपनी अभी व्यावसायिक कनेक्शन देने में सुस्त दिख रही है। कंपनी के पास अभी तक करीब 2200 से अधिक कनेक्शन हैं। लेकिन ज्यादातर घरेलू कनेक्शन हैं। टॉरेंट कंपनी की ओर से पूर्व में कनेक्शन के लिए सर्वे किया लेकिन अभी तक कई इलाकों में लाइन नहीं बिछ पाई है। वहीं, प्रशासन ने कंपनी को हाल में निर्देश दिए कि कंपनी की जिस इलाके में लाइन बिछी है और वहां आसपास होटल, रेस्टारेंट व ढाबा या अन्य कोई प्रतिष्ठान है तो उसे व्यावसायिक कनेक्शन तुरंत दें, जिससे एलपीजी पर निर्भरता में कमी आए।

- टीम लगातार जिलेभर में एलपीजी सिलेंडर और पेट्रोल पंपों की जांच कर रही है। गुरुवार को भी संदेह के चलते कुछ स्थानों पर जांच की गई। व्यावसायिक कनेक्शनों की रिफिलिंग को लेकर जांच की जाएगी। फिलहाल कोई शिकायत नहीं मिली है।

- मणि खींची, जिला रसद अधिकारी, धौलपुर