
बसेड़ी. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी धर्मसिंह मीना के निर्देशन बसेड़ी क्षेत्र में अनाधिकृत क्लीनिक, झोलाछाप चिकित्सकों एवं अनधिकृत जांच प्रयोगशालाओं के विरुद्ध चिकित्सा विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। निरीक्षण में यहां पंचायत समिति के सामने अनाधिकृत लैब संचालित मिली, जिसे सीज किया है। यहां आसपास झोलाछाप चिकित्सकों के क्लिनिकों पर नोटिस चस्पा करते हुए ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अखिलेश मीणा को कार्रवाई के निर्देश दिए।
बीसीएमएचओ डॉ.मीना ने बताया कि कि पुराने अस्पताल के आसपास कई झोलाछाप चिकित्सकों की दुकान एवं अनाधिकृत क्लीनिक लैब संचालित हैं, जहां मरीजों के साथ उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। साथ ही अनाधिकृत लैब से रिपोर्ट जारी करते हुए आर्थिक तौर से शोषण किए जाने का प्रयास हो रहा है, जिसकी शिकायतें लगातार प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग को लोगों से मिल रही थी, जिस पर टीम ने कार्रवाई की। कार्रवाई में सीएससी प्रभारी डॉ.रवि सारस्वत उपस्थित रहे।
चिकित्सक आवास पर मरीज भर्ती, रखी मिली सरकारी दवा
अनाधिकृत लैब तथा चिकित्सकों पर कार्यवाही करने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मीणा अचानक से पुराने अस्पताल के पास सरकारी अस्पताल में तैनात एक चिकित्सक के निवास पर जा पहुंचे। यहां निवास पर देखा कि दो मरीज भर्ती थे, जिनका वह डॉक्टर इलाज कर रहे थे। पास में ही सरकारी अस्पताल की दवाइयां भी वह रखी मिली, जिस पर सीएमएचओ मीणा ने सरकारी चिकित्सक को कड़ी फटकार लगाते हुए कार्रवाई चेतावनी दी। सरकारी अस्पताल के डॉक्टर को केवल अपने निवास पर मरीज का स्वास्थ्य परीक्षण कर सकते हैं, लेकिन एडमिट नहीं। ऐसे में वहां सरकारी दवाइयां का मिलना कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
शहर में करीब 40 अनाधिकृत क्लीनिक संचालित
सीएमएचओ की टीम ने बसेड़ी में जांच करने से अनाधिकृत क्लीनिकों के संचालकों में हडक़ंप मच गया। खास बात ये है कि यह पहले से बेधडक़ संचालित हैं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां बसेड़ी शहर में प्रवेश करने वाले सभी सडक़ मार्गों पर करीब 40 से अधिक दुकानों में झोलाछाप क्लीनिक खोल कर बैठें हैं। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में मरीज स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उधर, अनाधिकृत लैबों की जांच के नाम पर मरीजों के स्वास्थ्य को खतरे में डालने का प्रयास हो रहा है और मोटी वसूली जांच के नाम पर हो रही है। सूत्रों की माने तो अनाधिकृत लैबों में कमीशन का खेल चल रहा है। चिकित्सकों की पर्ची आती हैं और जांच के नाम पर मरीजों से अच्छी पेमेंट लेकर खानापूर्ति रिपोर्ट थमा दी जाती है। उधर, सरकारी अस्पताल शहर से करीब ५ किमी दूर होने से झोलाछाप इसका पूरा फायदा उठा रहे हैं।
- बसेड़ी में पुराने अस्पताल के आसपास अनाधिकृत क्लीनिक एवं लैब संचालित की शिकायत लगातार मिल रही थी। जिस पर जांच की गई। कार्रवाई में लैब तथा कई चिकित्सकों की दुकानों पर नोटिस दिए हैं। एक सरकारी चिकित्सक के निवास पर भी जांच में वहां मरीजों का इलाज तथा सरकारी दवाइयां भी आसपास रखी मिली हैं। सभी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई
- डॉ.धर्म सिंह मीना, सीएमएचओ धौलपुर