– ईडी समेत जयपुर व उदयपुर पुलिस भी कर रही थी तलाश – पकड़े आरोपित पर करीब दो दर्जन एफआइआर दर्ज – लग्जरी लाइफ स्टाइल देख झांसे में आ जाते थे व्यापारी धौलपुर. करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी के मामले में छह साल से फरार चल रहे इनामी आरोपित अमित गौतम (43) को धौलपुर पुलिस ने […]
- ईडी समेत जयपुर व उदयपुर पुलिस भी कर रही थी तलाश
- पकड़े आरोपित पर करीब दो दर्जन एफआइआर दर्ज
- लग्जरी लाइफ स्टाइल देख झांसे में आ जाते थे व्यापारी
धौलपुर. करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी के मामले में छह साल से फरार चल रहे इनामी आरोपित अमित गौतम (43) को धौलपुर पुलिस ने नई दिल्ली के लाजपत नगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपित पर 12.69 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी मामले में फरार था। पकड़े आरोपित अमित को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) समेत जयपुर व उदयपुर की पुलिस की काफी समय से तलाश कर रही थी। आरोपित राजस्थान के धौलपुर, जयपुर, उदयपुर में 20 प्रकरणों में वांछित चल रहा था। इसकी गिरफ्तारी पर रेंज आईजी भरतपुर की ओर से हाल में 40 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। जबकि 3 हजार का जयपुर पश्चिम पुलिस से इनाम है। पकड़ा आरोपित धौलपुर शहर के निहालगंज थाना इलाके का निवासी है। बताया जा रहा है कि वह अपने साथी अरुण अग्रवाल के साथ मिलकर करीब 200 लोगों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है।
एसपी विकास सांगवान ने बताया कि आरोपित अमित स्वयं को बड़ा निवेशक दिखाने के लिए व्यापारी समेत बड़े लोगों से मिलते समय लग्जरी गाड़ी, महंगी घडिय़ां, कीमती मोबाइल कर उपयोग करता था, जिससे लोग उसके स्टाइल और निवेश करने पर बड़ा प्रॉफिट का झांसा देकर जाल में फंसाता था। शुरुआत में भरोसा जितने के लिए उसने कुछ फायदा दिया लेकिन बाद में मोटी रकम ऐंठ कर फरार हो गया। मुकदमे दर्ज होने पर अलग-अलग जिलों की पुलिस औैर साइबर टीम तलाश रही थी। धौलपुर टीम को आरोपित के दिल्ली में होने की सूचना मिली। जिस पर टीम ने उसे लाजपत नगर एरिया से पकड़ लिया। यहां पर वह बड़ी फार्मा कंपनी के लिए कार्य कर रहा था। नजर में नहीं आए इसलिए वह मास्क लगाकर रहता था।
अकेले 15 में जयपुर में दर्ज
पकड़े धोखाधड़ी के आरोपित अमित के खिलाफ अकेले 15 मुकदमे जयपुर के चित्रकूट थाने में दर्ज हैं। इसके अलावा तीन उदयपुर के भूपालपुरा और दो धौलपुर के निहालगंज और एक मुकदमा ईडी की जयपुर शाखा में दर्ज है। वह साल 2020 से लगातार निवेश के नाम पर धोखाधड़ी कर रहा था। पुलिस उसके साथी अरुण अग्रवाल को भी तलाश रही है। अमित ने अरुण के साथ मिलकर 7 फेक कंपनी बना रखी थी, जिससे वह निवेशकों को इनमें इनवेस्ट करवाता था। वह जमीन खरीद कर महंगे दामों पर बेचने का झांसा देता था।