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धौलपुर. जिले की ग्राम पंचायत सैंपऊ में निजी खातेदारी भूमि पर कराए गए निर्माण कार्यों को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। जिला परिषद धौलपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने जांच में वित्तीय अनियमितता और राजकोष के दुरुपयोग की पुष्टि होने के बाद संबंधित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से 84 लाख 57 हजार 831 रुपए की वसूली के आदेश जारी किए हैं। मामले में एफआइआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसमें तत्कालीन सरपंच, उप सरपंच और तीन ग्राम विकास अधिकारी समेत एक नामित सदस्य शामिल है।
जिला परिषद कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत सैंपऊ में वित्तीय वर्ष 2014-2020 एवं 2022-23 के दौरान निजी खातेदारी भूमि पर सीसी और खरंजा निर्माण कार्य कराए गए थे। इन कार्यों को लेकर शिकायतकर्ता अर्जुन सिंह कुशवाह ने परिवाद प्रस्तुत किया था, जिसके बाद जांच कराई गई।जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत की ओर से कुल 25 निर्माण कार्य निजी खातेदारी भूमि पर कराए गए, जो नियमों के विपरीत पाए गए। जांच रिपोर्ट में इन कार्यों पर खर्च की गई राशि को राजकोष का दुरुपयोग मानते हुए संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों पर वसूली तय की गई है।
इन पर तय हुई वसूली
जारी आदेश के अनुसार तत्कालीन सरपंच स्नेहलता परमार पर करीब 26.94 लाख रुपए, उप सरपंच भूरा शाह पर लगभग 8.26 लाख रुपएए जिला कलक्टर की ओर से नामित सदस्य अकबर खान पर करीब 6.16 लाख रुपए की वसूली प्रस्तावित की गई है। वहीं ग्राम विकास अधिकारी गजेन्द्र सिंह पर लगभग 23.19 लाख रुपए, ग्राम विकास अधिकारी राघव परमार पर करीब 3.75 लाख रुपए और पर ग्राम विकास अधिकारी राजेश कुमार सक्सेना पर लगभग 16.26 लाख रुपए की वसूली निर्धारित की गई है। इन सभी पर कुल 84,57,830.92 रुपए की रिकवरी प्रस्तावित की गई है।
मुकदमा दर्ज के निर्देश भी
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने पंचायत समिति सैंपऊ के विकास अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि संबंधित व्यक्तियों से निर्धारित राशि जमा कराना सुनिश्चित किया जाए। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि तय समयावधि तक राशि जमा नहीं होने पर संबंधितों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। जिला परिषद ने इस पूरे मामले में 29 मई 2026 तक कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी जारी किए हैं।
चल रही है उठा-पटक....
पंचायत चुनावों से पहले राजनीतिक उठा-पटक का खेल शुरू हो गया है। सैंपऊ पंचायत समिति का मामला कुछ समय से राजनीतिक खींचतान का रहा है। कुछ समय पहले पंचायत समिति प्रधान दुष्यंत बघेल के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था लेकिन कोरम पूरा नहीं हो पाने से अविश्वास प्रस्ताव गिर गया था। इसी तरह सैंपऊ के तत्कालीन प्रधान तुलसी कुशवाह को वित्तीय अनियमितताओं के चलते हटा दिया था। बाद हाइकोर्ट से स्टे ले आए। लेकिन फिर अनियमितताओं के एक अन्य मामले में कार्रवाई कर हटा दिया। जिसके बाद उप प्रधान बघेल को प्रधान बनाया था।
- शिकायतें मिली थी, जिस पर जांच करवाई गई। जांच के दौरान अनियमितताएं मिली हैं। जिस पर नोटिस जारी किए गए हैं।
- एएन सोमनाथ, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद धौलपुर
Published on:
28 May 2026 06:45 pm
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