dholpur. जिले में राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन रोकने के प्रयासों के बीच पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों को जागरूक कर 'गांधीगिरी' के जरिए इस कारोबार पर अंकुश लगाने की पहल शुरू की है। पुलिस का उद्देश्य इस अवैध करोबार पर ग्रामीणों के सहयोग से लगाम लगाना है। जिसमें पुलिस को सफलता हासिल होने की उम्मीद है।
dholpur. जिले में राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन रोकने के प्रयासों के बीच पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों को जागरूक कर 'गांधीगिरी' के जरिए इस कारोबार पर अंकुश लगाने की पहल शुरू की है। पुलिस का उद्देश्य इस अवैध करोबार पर ग्रामीणों के सहयोग से लगाम लगाना है। जिसमें पुलिस को सफलता हासिल होने की उम्मीद है।
पुलिस ने कहा कि चंबल अभ्यारण्य क्षेत्र में न्यायालय द्वारा बजरी खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद बजरी माफिया अवैध खनन और परिवहन का कारोबार लगातार संचालित कर रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा की गई सख्ती के बावजूद माफिया नए-नए तरीके अपनाकर गतिविधियां जारी रखे हुए हैं।
थानाप्रभारी निरीक्षक हरेन्द्र सिंह ने चंबल नदी किनारे बसे गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों को अवैध खनन नहीं करने और न किसी को नही करने देने की शपथ दिलाई। साथ ही ग्रामीण को कथित रूप से अवैध कारोबार में शामिल लोगों की जानकारी पुलिस और प्रशासन को देने के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने अवैध बजरी खनन एवं परिवहन के विरुद्ध पुलिस द्वारा क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को नए कानूनों एवं कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि अवैध खनन एवं परिवहन में प्रयुक्त वाहन अब नए कानून के तहत सीज किए जाएंगे तथा उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐसे गैर कानूनी कार्य समाज एवं पर्यावरण दोनों के लिए हानिकारक हैं।
पुलिस व प्रशासन ने संयुक्त रूप से अवैध बजरी खनन रोकने के लिए विशेष सशस्त्र बल सहित राजस्व, वन, खनिज और पुलिस विभाग को शामिल किया गया है। उन्होंने ग्रामीणों को ईमानदारी एवं मेहनत से आजीविका कमाने, अपने संसाधनों का वैध कार्यों में उपयोग करने तथा कानून का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।
-ग्रामीणों ने पूर्ण सहयोग का दिया आश्वासन, सरपंच बोले: अवैध कार्यों से गांव की होती बदनामी
झिरी में ग्रामीणों ने पुलिस अधिकारियों को आश्वासन देते हुए कहा कि चंबल नदी में अवैध कारोबार में अधिकांश माफिया पंचायत के बाहर के है। जो अवैध गतिविधियों को अंजाम देने में लगे है। ग्रामीणों ने कहा कि वन व पुलिस अधिकारी ईमानदारी से काम करे तो चंबल नदी में अवैध बजरी खनन पर अंकुश लग सकता है। झिरी सरपंच प्रतिनिधि संजूसिंह जादौन ने कहा कि अवैध बजरी खनन में पंचायत का एक भी व्यक्ति शामिल नहीं है, चंबल नदी में अवैध बजरी खनन होने से सिर्फ गांव को बदनामी झेलनी पड़ती है।