
धौलपुर. शहर के एक थाने में जब्त अवैध खनन मामले के वाहन। फोटो: पत्रिका
धौलपुर: राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में अवैध चंबल बजरी खनन और पर्यावरण को पहुंच रहे नुकसान को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से मिले दिशा-निर्देशों के बाद शुक्रवार को प्रदेश में कई विभाग हरकत में दिखे। निदेशालय खान एवं भू-विभाग ने भी शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में लम्बित सुओमोटो रिट पिटीशन और गुरुवार को दिए आदेशों के बाद चंबल नदी से जुड़े पांच जिलों के लिए विशेष आदेश जारी किए है। अब धौलपुर, करौली, सवाईमाधोपुर, बूंदी निर्गमित करने वाले वाहन और मशीनों को जब्त किए जाने के बाद विभाग की ओर से कम्पाउंड नहीं किया जाएगा।
यानी अब पकड़े गए वाहन जुर्माना देकर छूट नहीं पाएंगे। इस आदेश से बजरी माफिया में कोर्ट से मिले आदेशों के बाद जिला प्रशासन ने की भी कार्रवाई शुरू कर दी है और राज्य सरकार से बॉर्डर होम, अतिरिक्त जाब्ता और बजट की मांग करेगा। गौरतलब रहे कि सुप्रीम कोर्ट हुई है। उधर, यूपीट के निर्देश पर गत एक मई को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफ एंड सीसी) के अधीन केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) के सदस्य चंद्र प्रकाश गोयल ने धौलपुर और मुरैना जिलों में चंबल नदी किनारे घाटों का दौरा किया था। इसकी रिपोर्ट सदस्य ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश की। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इस मामले में आदेश जारी किए है।
चंबल की अवैध बजरी खनन रोकने के लिए अब वन विभाग, खनन, परिवहन और पुलिस की संयुक्त टीमें कार्रवाई करेंगी। यानी अब कोई भी विभाग यह कहकर नहीं टाल सकेगा कि यह उनका मामला नहीं है। अब चारों विभाग मिलकर जिलेभर में अवैध बजरी खनन के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। साथ ही स्पेशल टॉक्स फोर्स के गठन के पहले ही आदेश जारी हो चुके हैं। यह टीम भी आकस्मिक कार्रवाई करेगी।
उधर, नवीन दिशा-निर्देशों के तहत खनन क्षेत्र में लगे वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगेगा। इसके बगैर वाहन संचालित नहीं होगा। वहीं, अवैध बजरी खनन में दौड़ रहे ट्रेक्टर-ट्रॉलियों पर कार्रवाई होगी। अब कृषि वाहन बताकर बजरी का परिवहन करते मिले तो वाहन मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। इसको लेकर परिवहन विभाग को निर्देश दिए है।
उधर, जिले में अवैध बजरी निकासी के 16 मुख्य रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और बॉर्डर होम गार्ड तैनाती को लेकर सरकार से बजट मांगा जाएगा। खनन विभाग के डीएमएफटी का बजट कम है और जो है वह सिलिकोसिस पीड़ित के खर्चे में जा रहा हैं। वहीं, जिले माइनिंग पर तो रॉयल्टी है लेकिन बजरी से एक पैसा इसकी कोई रॉयल्टी नहीं है यह पूरी तरह से अवैध है। वहीं पूर्व में संचालित पार्वती नदी की बजरी का ठेका पहले ही खत्म हो चुका है।
सुप्रीम कोर्ट से मिले दिशा-निर्देशों की पालना कराई जाएगी। ज्याइंट ऑपरेशन के लिए सभी विभाग कार्रवाई करेंगे। साथ ही बॉर्डर होम गार्ड और अन्य बल की तैनाती के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा जाएगा। साथ ही सीसीटीवी कैमरे समेत अन्य संसाधनों के लिए बजट मांगा जाएगा। - श्रीनिधि बी टी, जिला कलक्टर धौलपुर
Published on:
16 May 2026 12:17 pm
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