प्रदेश सरकार ने बीते साल उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए जोर-शोरों से राजस्थान राइजिंग समिट करवाए थे, धौलपुर जिले में भी समिट का आयेाजन हुआ। समिट में करीब 803 करोड़ की लागत के 54 उद्योगों की स्थापना के लिए एमओयू हुआ था। जिसमें से अब करीब 20 उद्योग जल्द शुरू होने वाले हैं। जिससे करीब 22 सौ लोगों को रोजगार मिल सकेगा। वहीं, कई उद्योगों को जगह उपलब्ध करवाई जा रही है।
- उद्यमियों की नए उद्योग के लिए हाइवे किनारे जमीन की डिमांड
- राजाखेड़ा में इण्डस्टीज की आस धूमिल, भूमि को समतल कर भूखंड बेचना घाटे का सौदा
धौलपुर. प्रदेश सरकार ने बीते साल उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए जोर-शोरों से राजस्थान राइजिंग समिट करवाए थे, धौलपुर जिले में भी समिट का आयेाजन हुआ। समिट में करीब 803 करोड़ की लागत के 54 उद्योगों की स्थापना के लिए एमओयू हुआ था। जिसमें से अब करीब 20 उद्योग जल्द शुरू होने वाले हैं। जिससे करीब 22 सौ लोगों को रोजगार मिल सकेगा। वहीं, कई उद्योगों को जगह उपलब्ध करवाई जा रही है। उद्योग और रीको विभाग उद्यमियों को जगह स्थान रहा है। वहीं, कुछ उद्यमियों को नई जगह कम पसंद आ रही है। उद्योग विभाग ने जिले के राजाखेड़ा इलाके में उद्योग विस्तार के लिए सर्वे किया लेकिन यहां पर बीहड़ इलाका होने से जमीन को समतल कर उसे उद्योग के लिए देने के लिए जमीन के दाम अधिक हो रहे हैं, जिस पर उद्योग और रीको विभाग ने अपने हाथ पीछे खींच लिए। ज्यादातर उद्यमी आगरा और बाड़ी रोड पर हाइवे स्थित उद्योग के लिए जमीन की डिमांड कर रहे हैं। यहां भी अब भूखण्ड कम बचे हैं। फिलहाल सरकारी मशीनरी उद्यमियों को जगह दिखा कर मनाने में लगे हैं। लेकिन उद्यमी व्यापार की सहुलियत और सामान की आवाजाही को लेकर ऐसी भूमि देख रहे हैं जिससे कनेक्टिविटी आसान हो।
राजाखेड़ा में जगह उपलब्ध, अधिक हो रहा खर्चा
जिले में वर्तमान में आगरा और बाड़ी रोड पर नवीन बड़े उद्योगों के लिए ज्यादा जगह नहीं है। यूपी ओर दिल्ली के बिजनेसमैन रुचि तो दिखा रहे हैं लेकिन उन्हें हाइवे के आसपास जगह चाहिए। जो थोड़ा मुश्किल हो रहा है। विभाग की ओर से राजाखेड़ा उपखंड में जगह दिखाई जा रही है लेकिन यह उद्यमियों को भा नहीं रही। वजह राजाखेड़ा में जिस स्थान पर जगह मिल रही है, वो बीहड़ इलाके में हैं। जगह को समतल करने में विभाग का खर्चा अधिक हो रहा है। जिससे जमीन की कीमत अधिक हो रही है, ऐसे में बिजनेस मैन कतरा रहा है। बता दें कि बड़ी इण्डस्ट्रीज को करीब 15 से 20 बीघा जगह चाहिए होती है। साथ ही निवेशक यह भी देखता है कि मौके की भूमि, बिजली और पानी की उपलब्धता कैसी है। तब कहीं जाकर उद्योग स्थापित होता है।
विश्नोंदा रेड स्टोन नहीं, अब सभी के लिए भूखंड
बाड़ी रोड पर पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की सरकार में विश्नोंदा रेड स्टोन इण्डस्ट्रीज के लिए एरिया डवलप किया था। लेकिन काफी समय तक यह एरिया खाली पड़ा रहा। वजह से रेड स्टोन का कार्य करने वाली ज्यादातर इण्डस्ट्रीज जिले के सरमथुरा, बसेड़ी और कुछ बाड़ी इलाके में संचालित थी। उनके लिए यहां आना मुश्किल दिखा। साथ ही माल ढुलाई इत्यादि खर्चा बढऩे से उद्यामियों ने ज्यादा रुझान नहीं दिखाया। जिस पर अब रीको ने विश्नोंदा को सभी उद्योगों के लिए खोल दिया है। यहां किसी भी तरह की इण्डस्ट्रीज स्थापित हो सकती है।
पुराने उद्यमियों के पास पहले से भूखंड
एमओयू में शामिल कई उद्यामियों के पास पहले से रीको इण्डस्ट्रीज एरिया में भूखण्ड हैं। ऐसे करीब एक दर्जन उद्यमी होंगे। वहीं, जिला उद्योग केन्द्र की तरफ से पहुंचे बिजनेस प्रपोजल के लिए भी रीको क्षेत्र में जगह उपलब्ध करवाई है। साथ ही जयपुर समिट में भी करीब 4 से 5 एमओयू धौलपुर के लिए हुए थे, उन्हें भी भूखण्ड दिए गए हैं। बता दें जिले में रीको के पास कुल 7 इण्डस्ट्रीज एरिया हैं, जहां पर भूखंड है। लेकिन बड़े उद्योग के लिए एकजाही जगह नहीं है।
2200 से अधिक लोगों को मिल सकेगा रोजगार
समिट में हुए एमओयू अगर जमीन पर खरे उतरते हैं तो जिले के करीब 2200 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। एमयूओ में शामिल उद्योगों में डेयरी, फैब्रिकेशन (स्टेलनेस उत्पात), स्टोन कटिंग, फूड प्रोसेजिंग और बारुद फैक्ट्री की नई यूनिट इत्यादि उद्योग शामिल हैं। बता दें कि धौलपुर रीको क्षेत्र में मेडिकल सामान बनाने की आधा दर्जन से अधिक फैक्ट्रिी संचालित हैं। गत दिनों एक बड़ी फैक्ट्री भी यहां लगी है। इसके अलावा आर्टिफिशियल ज्वेलरी, खेती के पाइप निर्माण और मसाला उद्योग की भी इण्डस्ट्रीज लगी हैं। जिससे लोगों को रोजगार भी मिला है।
- राजस्थान राइजिंग में 54 उद्योगों का एमओयू हुआ था। इसमेें से 20 उद्योग शुरू होने वाले हैं। अन्य के लिए उद्यमी तलाश पसंद कर रहे हैं। ज्यादा से ज्यादा उद्योग लगवाने का प्रयास हो रहा है।
- मितुल गोयल, महाप्रबंधक, जिला उद्योग वाणिज्य विभाग धौलपुर
- समिट में जिन इण्डस्ट्रीज से एमओयू हुआ था उन्हें भूखण्ड उपलब्ध करवाए गए हैं। राजाखेड़ा में इण्डस्टीज डवलप के लिए विभाग ने प्रयास किए लेकिन यहां बीहड़ जगह होने से खर्चा अधिक आ रहा है। जमीन महंगी होने पर उद्यमी के लिए मुश्किल होता है। अगर कोई बड़ी इण्डस्ट्रीज का प्रस्ताव आएगा तो जगह उपलब्ध करवाने का पूर्ण प्रयास रहेगा।
- पिनतेश मीणा, क्षेत्रीय प्रबंधक, रीको धौलपुर