धौलपुर

पिताजी में जल्दी लौट कर आऊंगा, दो दिन पूर्व ही वादा करके गया था शहीद भागीरथ

कश्मीर के श्रीनगर के पुलवामा में गुरुवार को सीआरपीएफ दल पर हुए आतंकी हमले में शहीद हुआ जैतपुर का लाल भागीरथ दो दिन पूर्व ही पिता से वादा करके गया था कि वह जल्द ही लौटकर आएगा।
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Feb 15, 2019
Bhagirath Singh Martyred

राजाखेड़ा/धौलपुर। कश्मीर के श्रीनगर के पुलवामा में गुरुवार को सीआरपीएफ दल पर हुए आतंकी हमले में शहीद हुआ जैतपुर का लाल भागीरथ दो दिन पूर्व ही पिता से वादा करके गया था कि वह जल्द ही लौटकर आएगा। शहीद भागीरथ सिंह राजाखेड़ा के दिहौली थानान्तर्गत जैतपुरा गांव निवासी है। शहीद के पिता के नाम परसराम है। वह छह वर्ष पूर्व सीआरपीएफ की 45वीं बटालियन में भर्ती हुआ था।


चार वर्ष पूर्व विवाह हुआ था। उनके अभी तीन वर्ष का बेटा विनय तथा डेढ़ वर्ष की पुत्री शिवांगी है। छोटा भाई यूपी पुलिस में तैनात है। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में अवंतीपोरा में आत्मघाती आतंकवादी ने विस्फोटक लदे वाहन को उनके काफिले से भिड़ा दिया। जिसमे भगीरथ की बस के चिथड़ेे उड़ गए। इसमें भगीरथ के साथ उसके 42 साथी भी देश के लिए अपनी शहादत दे गए।

पिता सदमे में
शहीद के पिता तो ये दुखद सूचना मिलते ही सदमे में चले गए। महिलाओं और पुरुषों में भी चीत्कार मच गया। ग्रामीणों ने बताया कि भगीरथ दो दिन पूर्व ही छुट्टी खत्म करके डयूटी पर लौटा था। उसकी बटालियन 45 की भी आपरेशन के लिए तैनाती की जा रही थी। समस्त गांव के लोगों को विश्वास ही नही था कि जो भगीरथ 2 दिन पूर्व ही सबका आशीर्वाद लेकर विदा हुआ था उसकी शहादत की खबर उसके पीछे ही आ जाएगी।

6 वर्ष पूर्व हुआ था भर्ती
ग्रामीण कपूरचंद ने बताया कि भगीरथ 6 वर्ष पूर्व ही सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। चार वर्ष पूर्व ही उसकी शादी उत्तरप्रदेश के पिनाहट ब्लॉक के गांव मल्लपुरा निवासी रंजना देवी के साथ हुई थी। जिसके बाद उसके एक पुत्र 3 वर्ष और एक पुत्री डेढ़ वर्ष की है। जिन्हें ये भी नही मालूम कि जो पिता 2 दिन पूर्व उन्हें गोद मे लेकर दुलार रहा था, उसका साया अब उसके सिर से उठ चुका है और कभी लौट कर नहीं आएगा।

छोटा भाई यूपी पुलिस में तैनात
शहीद का एक छोटा भाई बलवीर भी उत्तरप्रदेश पुलिस में तैनात है। पुलिस में जाने से पूर्व उसकी भी दिली इचछा फौज में भर्ती होने की थी, लेकिन चयन नहीं हो पाया तो पुलिस में भर्ती होकर ही देश सेवा में लग गया।

बचपन से था जुनून
ग्रामीणों ने बताया कि भागीरथ पर बचपन से ही देश की सेना में जाने का जुनून था। उसे बंदूकों के अलावा कोई खिलौना पसंद ही नही होता था। जिसे युवावस्था में ही अर्धसैनिक बल में भर्ती होकर पूरा कर भी लिया।

Updated on:
15 Feb 2019 10:08 am
Published on:
15 Feb 2019 09:59 am