दो वर्ष तक हुई मंदिर के लिए सहयोग राशि एकत्र dholpur, बाड़ी शहर में राजराजेश्वरी कैला माता मंदिर पर नवरात्रे में सैकड़ों लोग पहुंचे और पूजा अर्चना की। मुराद पूरी होने पर माता को लाल चुनरी उड़ाई और भजन गाए। धौलपुर जिले में राजराजेश्वरी कैला माता मंदिर विख्यात है और यहां जिले से बाहर से […]
दो वर्ष तक हुई मंदिर के लिए सहयोग राशि एकत्र
dholpur, बाड़ी शहर में राजराजेश्वरी कैला माता मंदिर पर नवरात्रे में सैकड़ों लोग पहुंचे और पूजा अर्चना की। मुराद पूरी होने पर माता को लाल चुनरी उड़ाई और भजन गाए। धौलपुर जिले में राजराजेश्वरी कैला माता मंदिर विख्यात है और यहां जिले से बाहर से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। उक्त मंदिर की स्थापना की अपनी कहानी है। बता हैं कि शहर से लगातार 15 से 20 श्रद्धालु कैला देवी पैदल यात्रा के लिए जाते थे। कैला देवी मंदिर से दर्शन करके लौटते समय श्रद्धालु को सपने में आई।
ऐसे में बाड़ी में आमजन के बीच श्रद्धालुओं ने अपने बात को रखा जिसके बाद 39 लोगों का ट्रस्ट बनाया गया। जिसमे आमजन ने भी तन-मन-धन से सहयोग दिया। जिसके बाद मां जगदंबा के नाम से ट्रस्ट बनाया गया। ट्रस्ट को बने हुए करीबन 54 साल हो चुके हैं और मंदिर राज राजेश्वरी कैला माता को 52 साल पूरे हो चुके हैं। इस दौरान अभी तीन वर्ष पहले मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया है। इस मंदिर को राज्य राजेश्वरी कैला माता मंदिर के नाम से जाना जाता है। बाड़ी शहर के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्र और दूर दराज से लोग इस मंदिर पर दर्शन करने आते हैं।
एक बीघा भूमि क्षेत्र में है मंदिर
यह मंदिर करीब एक बीघा भूमि पर बना हुआ है जिसको उस समय के तत्कालीन नगर पालिका चेयरमैन भगवान स्वरूप भारद्वाज ने बोर्ड की सहमति पर निशुल्क प्रदान की थी। वही मंदिर पर भगवान गणेश, लंगूरा बलदेव, शिव परिवार, भक्त हनुमान, भैरव, शनि देव मंदिर स्थित है।मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए अनेक व्यवस्था की गई है। उपचार के लिए निशुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर मेले में लगाया जाता है। वही मंदिर में होम्योपैथी का दवाखाना लगातार संचालित है। चैत्र नवरात्र के दिन सतचंडी माता का जागरण भी होता है जो पूरे 9 दिन चलता है।
नवरात्रे में सैकड़ों की संख्या में पहुंचते हैं श्रद्धालु
शहर की श्रद्धालु व ग्रामीण भजन संध्या का आनंद लेते हैं। नवरात्रि के समय मंदिर परिसर में ही ठहरते हैं। वही मंदिर परिसर विश्राम के लिए कूलर व ठंडा पानी की व्यवस्था पंखा वह अनेक व्यवस्थाएं से भरपूर है। राजराजेश्वरी कैला माता मंदिर पर चैत्र नवरात्र के समय पशु चरी नाम के मेले का आयोजन वर्षों से नगर पालिका के द्वारा होता आ रहा है। मेले के कार्यक्रम में भजन संध्या एवं जागरण व संगीत कलाकार जैसे कार्यक्रम 9 दिन तक चलते हैं।