धौलपुर

राजस्थान पंचायत चुनाव: धौलपुर में आरक्षण लॉटरी खुलते ही बदला पूरा समीकरण, कई दिग्गजों के सपनों पर फिरा पानी

धौलपुर जिले में सरमथुरा प्रशासन द्वारा आरक्षण लॉटरी जारी करते ही स्थानीय राजनीति का गणित पूरी तरह बदल गया है। सीटों के नए सीमांकन और आरक्षण व्यवस्था लागू होने से कई पुराने दिग्गज रेस से बाहर हो गए हैं, जिससे उनके समर्थकों में निराशा है। वहीं, ओबीसी और अन्य आरक्षित वर्ग की घोषणा के बाद नए चेहरों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
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Sep 28, 2026
rajasthan panchayat polls
Rajasthan Panchayat Election (Patrika File Photo)

सरमथुरा (धौलपुर): पंचायती राज चुनाव को लेकर प्रशासन की ओर से निकाली गई आरक्षण की लॉटरी ने ग्रामीण राजनीति का पूरा गणित बदल कर रख दिया है। लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरमथुरा में सीटों का आरक्षण स्पष्ट हो गया है, जिससे चुनावी सरगर्मी अचानक तेज हो गई है। नई आरक्षण स्थिति सामने आने से कई पुराने दिग्गजों के समीकरण गड़बड़ा गए हैं, वहीं नए चेहरों में उत्साह नजर आने लगा है।

आंकड़ों के अनुसार, इस बार पंचायतों में विभिन्न श्रेणियों के लिए सीटों का निर्धारण रोस्टर नियमों के तहत किया गया है। अनारक्षित (सामान्य) श्रेणी में महिला सहित कुल 12 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इनमें लीलौठी, बीलौनी, झिरी, बीझौली, बरौली, धौंध, खरौली, आंगई, डौमई, गौलारी, मदनपुर और पवैनी शामिल हैं।

इसी प्रकार अनुसूचित जनजाति श्रेणी के लिए महिला सहित छह ग्राम पंचायतों को आरक्षित किया गया है। इनमें नवगठित बड़ागांव, ददरौनी, भंमपुरा, सुनकई, सुरारीकलां पंचायतों के साथ ग्राम पंचायत पिपरेंट शामिल हैं।

वहीं, अनुसूचित जाति श्रेणी के लिए महिला सहित पांच ग्राम पंचायतों को आरक्षित किया गया है। इनमें रहरई, मड़ासिल, खुर्दिया, चंद्रावली और बटीकरा शामिल हैं। इसी प्रकार 24 ग्राम पंचायतों में से एक ग्राम पंचायत भरकुंजरा को ओबीसी के लिए आरक्षित किया गया है।

इस नई व्यवस्था से चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। पिछले चुनाव की तुलना में इस बार कई पंचायतों का परिसीमन व वर्ग बदलने से राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों ने अपनी रणनीति पर नए सिरे से काम करना शुरू कर दिया है। आरक्षण की यह तस्वीर साफ होने के बाद अब गांवों में चौपालों पर चुनावी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

सरमथुरा में प्रधान पद ओबीसी होने से सरपंची पर दिग्गजों की निगाहें

आरक्षण लॉटरी में पंचायत समिति सरमथुरा में प्रधान पद ओबीसी श्रेणी के लिए आरक्षित होने के बाद दिग्गजों के सामने सरपंची का विकल्प बचा है। हालांकि, ग्राम पंचायतों का परिसीमन होने के कारण गणित गड़बड़ा रहा है। नवीन परिसीमन के अनुसार, ग्राम पंचायत बीझौली में हर पांच साल बाद समीकरण बदल जाते हैं।

इस बार बीझौली व पवैनी पंचायत में से सुरारीकलां को नवीन पंचायत का दर्जा दिया गया है। इसी प्रकार बरौली व बटीकरा ग्राम पंचायतों में से सुनकई, खरौली व बीलौनी ग्राम पंचायत में से बड़ागांव, डौमई ग्राम पंचायत में से ददरौनी और झिरी ग्राम पंचायत में से भंमपुरा को नवीन ग्राम पंचायत बनाया गया है।

Updated on:
28 Sept 2026 05:18 pm
Published on:
28 Sept 2026 05:18 pm