राजस्थान की चंबल नदी में गत दिनों हुई जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण धौलपुर प्रशासन की तरफ से एडवाइजरी जारी की गई है। धौलपुर जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वो नदी के किनारों से दूर रहें।
धौलपुर। राजस्थान की चंबल नदी में गत दिनों हुई जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण धौलपुर प्रशासन की तरफ से एडवाइजरी जारी की गई है। केंद्रीय जल आयोग के अधीक्षण अभियंता ने जानकारी दी है पांच अगस्त को चम्बल नदी का जलस्तर 127.80 मीटर था, जो लगातार बढ़ रहा है। 6 अगस्त को चंबल नदी खतरे के निशान 130.79 से लगभग 2 मीटर ऊपर 132.70 के करीब पहुंग गई। इसके बाद भी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने के अनुमान हैं। बता दें कि सोमवार सुबह 10 बजे कोटा बैराज से 18 हजार 945 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इससे चम्बल के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है।
धौलपुर जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वो नदी के किनारों से दूर रहें। नदियों के पास पशुओं को ले जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रुकें। नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थानीय अधिकारी अलर्ट पर हैं। उन्होंने अपने अधीनस्थ कर्मियों को नदी किनारे वाले क्षेत्रों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में फील्ड विजिट करने का निर्देश दिया है। राहत एवं राहत बचाव दल को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। आपात स्थिति के लिए धौलपुर प्रशासन ने नंबर भी जारी किए हैं।
धौलपुर में अभी तक लगभग 70 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। क्षेत्र में अभी तक अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई है। लेकिन धौलपुर क्षेत्र का सबसे बड़ा पार्वती बांध अभी भी खाली है। सिंचाई विभाग के मुताबिक जिले के सबसे बड़ा बांध पार्वती में अभी तक 10.81 मीटर पानी की आवक हुई है और बांध का गेज 218.60 मीटर तक ही पहुंचा है। बांध की कुल भराव क्षमता 223.41 मीटर है। अर्थात 5 मीटर बांध अभी खाली है। कैचमेंट एरिया 786 वर्ग किमी है। इस सीजन में पार्वती बांध में सबसे कम पानी की आवक हुई है। करौली मडरायल क्षेत्र में कम बारिश होने के कारण पार्वती बांध में पानी की आवक अभी कम हुई है। पिछले साल भी बांध की स्थिति 222.40 मीटर तक रह गई थी और एक मीटर खाली रह गया था। बांध साल 2022 में ओवरफ्लो हुआ था तब गेट खोल कर पानी रिलीज किया था। वहीं रामसागर बांध की बात की जाए तो रामसागर बांध का गेज 6.87 मीटर है।