
धौलपुर. त्योहार सीजन के बीच अब सरसों तेल का भाव चढऩे से आमजन को रसोई का बजट बिगड़ रहा है और त्योहार में पूड़ी-सब्जी और अन्य खाद्य सामग्री तलने से पहले ही तेल के छीटों ने जलाना शुरू कर दिया है। खुले बाजार में सरसों का भाव प्रतिलीटर करीब 180 से 200 रुपए के बीच बना हुआ है। वहीं, कृषि उपज मंडी में बुधवार को सरसों खरीद का भाव 9250 रुपए क्विंटल रहा। कारोबारियों का कहना है कि भाव आने वालों दिनों में और भी बढ़ सकते हैं। सरसों के तेल के भावों में यह उछाल शारदीय नवरात्रे के दौरान भी शुरू हो गया था और अब फिर से भाव चढऩे लगे हैं।
खाद्य सामग्री की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की रसोई का बजट गड़बड़ा रहा है। पहले चीनी, दाल और रिफाइंड के भाव भी चढ़े हुए हैं। ऐसे में सरसों तेल के भावों ने आग लगाने का कार्य किया है। त्योहार सीजन में खाद्य सामग्री के बढ़ते भावों से आम आदमी चितिंत है और इसका सीधा असर उसके बजट पर पड़ रहा है। वहीं, त्योहारी सीजन में जायके में कड़वाहट घुलने लगी है।
भाव पहुंच चुप्पी साध रहे ग्राहक
त्योहारी सीजन होने से इन दिनों लोग बाजार में भी खरीदारी करने में जुट गए हैं। लक्ष्मी-पूजन में तेल के दीपक जलते हैं तो घरों में कई लोग रिफाइंड के साथ साथ सरसों के तेल में पकवान बनाते हैं। ऐसे में चढ़े भाव से बजट गड़बड़ा सकता है। बाजार में खरीदारी कर रहे लोग भी भाव सुनकर चुप्प हो जाते हैं। वहीं, श्रमिक और आम आदमी जो महीने का राशन खरीद करता है, उसके लिए भी चिंता का विषय हो गया है। आम परिवारों के लिए रोजमर्रा में लगातार बढ़ रहे खर्च से परेशान है। ऐसे में त्योहारों की खरीदारी के दौरान लोगों को अपने बजट खर्च में कटौती करनी पड़ रही है।
युद्ध और घेरलू बाजार में कमी से भी चढ़े भाव
सरसों तेल का भाव बढऩे की कई वजह हैं। इस समय मंडी में सरसों की आवक कम है और नई फसल अगले साल आने पर ही आवक बढ़ेगी। साथ ही रूस व यूक्रेन युद्ध अन्य अंतरराष्ट्रीय कारणों ने भी तेल में आग लगाने का काम किया है। बाजार में पैक्ड सरसों के तेल का औसत खुदरा मूल्य 190 से 200 प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है, जबकि कुछ प्रीमियम ब्रांड का भाव और भी बढ़ा हुआ है।