– नर्सरी के पास बनेगा पंपिंग स्टेशन, राजाखेड़ा बाइपास की तरफ जाएगा गंदा पानी – 10.21 करोड़ का ठेका, फर्म 10 साल तक करेगी रख-रखाव कार्य धौलपुर. शहर जिस सीवरेज समस्या से जूझ रहा है, अब उसका हल होता दिख रहा है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले कुछ दिनों में शहरी क्षेत्र में […]
- नर्सरी के पास बनेगा पंपिंग स्टेशन, राजाखेड़ा बाइपास की तरफ जाएगा गंदा पानी
- 10.21 करोड़ का ठेका, फर्म 10 साल तक करेगी रख-रखाव कार्य
धौलपुर. शहर जिस सीवरेज समस्या से जूझ रहा है, अब उसका हल होता दिख रहा है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले कुछ दिनों में शहरी क्षेत्र में सीवरेज के गंदे पानी और जलभराव की समस्या के निस्तारण का कार्य शुरू होने की संभावना है। सरकार ने अहमदाबाद की फर्म को करीब 10.21 करोड़ का ठेका दिया है जो धौलपुर शहर के सीवरेज के पानी को एफटीपी प्लांट तक पहुंचाएगी। कंपनी अगले कुछ दिन में कार्य शुरू कर देगी। फर्म ही 10 साल तक रख-रखाव का भी कार्य करेगी। सीवरेज के पानी को आगे की तरफ धकेलने के लिए पोखर के पास पंपिंग स्टेशन मनाया जाएगा, जो आगे पानी को राजाखेड़ा बाइपास तक लेकर जाएगा। यहां से सामान्य प्रक्रिया के जरिए पानी एफटीपी प्लांट तक जाएगा। विशेष बात ये है कि सीवरेज लाइन की सफाई कार्य अब रोबोट संभालेगा। यह रोबोट चौक पड़ी लाइन को खोलेगा, जिससे पानी का बहाव सही हो सके। सूत्रों के अनुसार नगर परिषद की ओर से जल्द कंपनी को वर्क ऑर्डर दिया जा सकता है। कुल टेंडर में करीब 2.22 करोड़ रुपए दस साल रख-रखाव पर खर्च होंगे। गौरतलब रहे कि सीवरेज की समस्या को लेकर पत्रिका प्रमुखता से उठा रही थी। आखिरकार सरकार ने समस्या को देखते हुए फर्म को ठेका जारी कर दिया। ठेका मंगलवार को ही हुआ है।
इन कॉलोनियों की समस्या होगी दूर
नर्सरी में पंपिंग स्टेशन बनने से शहर की जलभराव पानी मुख्यतय कॉलोनी आनंद नगर, मोहन कॉलोनी, महाराणा प्रताप, अम्बडेकर नगर, गोशाला, पूरन विहार कॉलोनी, जिरौली के आसपास की कॉलोनियों में जलभराव की समस्या खत्म होगी। इन कॉलोनियों का गंदा पानी राजाखेड़ा बाइपास की ओर धकेला जाएगा। यहां से पानी नेचुरल प्रक्रिया के जरिए एफटीपी प्लांट तक पहुंचेगा।
सकरी गलियां में अब रोबोट करेगा सफाई
शहर में कई कॉलोनियों में सीवरेज की लाइनों की सफाई केवल इस वजह से नहीं हो पा रही थी कि गलियां सकरी होने से सकर मशीन नहीं जा पाती थी। जिससे समस्या जस की तस रहती थी। या फिर श्रमिक सफाई करते थे। अब यह कार्य फर्म का रोबोट करेगा। वह अंदर भूमिगत लाइनों की सफाई करेगा। जिससे पानी आगे बह सकेगा।
आगे से 10 फीट से ज्यादा गहरी नहीं होगी
लाइनों की सफाई में आ रही परेशानियों को देखते हुए अब उच्च स्तर पर निर्णय हुआ है कि आगे किसी शहर में सीवरेज लाइन केवल 10 फीट गहरी ही बिछाई जाएगी। इससे ज्यादा नीचे लाइन नहीं जाएगी। गहरी लाइन होने से सफाई कार्य में परेशानी थी। लेबल डाउन होने से समस्या बनी रहती थी।
- सीवरेज सफाई कार्य के लिए एक फर्म को ठेका हुआ है। डिटेल अभी ज्यादा नहीं है। फर्म शहर में पंपिंग स्टेशन बनाएगी और सीवेज का गंदा पानी आगे धकेला जाएगा। रोबोट भी इसमें उपयोग लिया जाएगा।
- गुमान सिंह सैनी, अधिशासी अभियंता, नगर परिषद