-सिलेेंडर नहीं मिलने से चाय नाश्ते की कई दुकानें बंद, कई ने बढ़ाए दाम -एजेंसियों पर सुबह से सिलेंडरों को लेकर भारी भीड़ धौलपुर.सिलेंडर को लेकर मारामारी खत्म होती नहीं दिख रही, बल्कि हालात और खराब होते जा रहे हैं। एजेंसियों पर सिलेंडर लेने के लिए लोगों की भीड़ और बढ़ चुकी है। कमर्शियल सिलेंडर […]
-सिलेेंडर नहीं मिलने से चाय नाश्ते की कई दुकानें बंद, कई ने बढ़ाए दाम
-एजेंसियों पर सुबह से सिलेंडरों को लेकर भारी भीड़
धौलपुर.सिलेंडर को लेकर मारामारी खत्म होती नहीं दिख रही, बल्कि हालात और खराब होते जा रहे हैं। एजेंसियों पर सिलेंडर लेने के लिए लोगों की भीड़ और बढ़ चुकी है। कमर्शियल सिलेंडर पर लगी रोक तो हट गई, लेकिन व्यवसायियों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहे। जिस कारण शहर में कई मिठाई और नाश्ता की दुकानें बंद हो गई हैं, तो ठेलों पर नाश्ता बेचने वालों ने नाश्ता के दामों में इजाफा कर दिया है।
पिछले एक सप्ताह से शहर में सिलेंडर की किल्लत बनी हुई है। एजेंसी पर सुबह से ही सिलेंडर लेने वालों की भीड़ इक_ी हो रही है। लोग किसी भी हालत में सिलेंडर पाना चाहते हैं। हालांकि सबसे ज्यादा परेशानी कमर्शियल सिलेंडरों को लेकर आ रही है। कमर्शियल सिलेंडरों का स्टॉक खत्म होने और नई खेप नहीं आने के कारण व्यवसायियों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहे। जिस कारण शहर में होटल, रेस्टोरेंट से लेकर चाय नाश्ता तक की दुकानों तक पर संकट आन पड़ा है। जानकारी के अनुसार शहर सराय में संचालित एक प्रतिष्ठित नाश्ते की दुकान एलपीजी गैस नहीं मिलने के कारण बंद करनी पड़ी। तो वहीं जगह-जगह लगने वाले नाश्ते के ठेल वालों ने नाश्ता के भाव तक बढ़ा दिए हैं। वहीं रसद विभाग का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है। अफवाहों के कारण यह स्थिति निर्मित हुई है।
नाश्ता और छोले भटूरे के बढ़े दाम
कमर्शियल सिलेंडर और घरेलू गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण व्यवसायी इन्हें ब्लैक में 1500 रुपए देकर खरीद रहे हैं। जिस कारण अब उन्होंने नाश्ते तक के भाव बढ़ा दिए हैं। ठेलों पर 30 रुपए में बिकने वाली छोले-भटूरे प्लेट के दाम अब ४० रुपए कर दिए हैं। दाम बढ़ाने की बात पर ठेले स्वामियों ने बताया कि सिलेंडर मिल नहीं रहे। 1500 से 1700 देकर ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। जिस कारण छूले भटूरे और नाश्ते के दाम बढ़ए हैं, क्योंकि पहले के दामें पर बेचने पर उन्हें क्या मिलता।
व्यवसायी खरीद रहे ब्लैक में सिलेंडर
सिलेंडरों की कमी के बीच शहर में सिलेंडरों के कालाबाजारी की खबरें भी जमकर सामने आ रही हैं। एजेंसी पर आए उपभोक्ताओं सहित ठेल लगाने वालों से लेकर होटल वालों ने बताया कि वह ब्लैक में लेकर अब काम चला रहे हैं। नाम न छापने की शर्त पर युवक ने बताया कि उसके यहां कोई कार्यक्रम होने के कारण उन्हें तीन सिलेंडरों की जरूरत आन पड़ी, जो उन्होंने ब्लैक में खरीदने पड़े। लोगों ने आरोप लगया कि एजेंसी संचालकों को सिलेंडर ब्लैक करने का मौका चाहिए और इससे अच्छा मौका कौन सा होगा।
घरेलू गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है। गलत अफवाहों के कारण लोगों पैनिक कर रहे हैं। सोमवार को शहर में4200 घरेलू गैस सिलेंडरों की डिलेवरी की गई। हां कमर्शियल सिलेंडरों को लेकर जरूर परेशानी है, लेकिन बुधवार से कुछ व्यवसायियों को भी कमर्शियल सिलेंडर मिलने प्रारंभ हो जाएंगे।
-मणि खींची, जिला रसद अधिकारी