
धौलपुर. धौलपुर मुख्यालय को राजाखेड़ा उपखंड मुख्यालय से जोडऩे में राजाखेड़ा बाइपास स्थित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) अहम भूमिका निभाता है। आरओबी को रेलवे और राजस्थान सरकार की एजेंसी आरएसआरडीसी ने कई साल पहले निर्माण किया था लेकिन इसके बाद से इस पुल के ऊपरी हिस्से की मरम्मत को लेकर सवाल उठते रहे हैं। यहां ऊपरी हिस्से पर गिट्टियां बाहर निकलने के बाद सरिया बाहर तक निकल रहे हैं। जिससे यहां से गुजरने वाले वाहनों के परेशानी का सबब है। विशेषकर दुपहिया वाहनों के टायरों के इसमें फंसने की आशंका रहती है।
उक्त ऊपरी हिस्सा रेलवे अंतर्गत होने से यहां पर मरम्मत कार्य नहीं हो पाती है। हालांकि, एक-दो दफा पूर्व निर्माण एजेंसी आरएसआरडीसी ने पेचवर्क करवा चुकी है लेकिन बजट अभाव ने कुछ वक्त पहले उसने भी हाथ खड़े कर दिए थे। हालांकि, वर्तमान में आरएसआरडीसी ने उक्त रेलवे ब्रिज को पीडब्ल्यूडी के हैंडओवर कर दिया। लेकिन विभाग का कहना है कि ऊपरी सरफेस का कार्य रेलवे का है, एप्रोच रोड की मरम्मत इत्यादि पीडब्ल्यूडी संभालती है। दो विभागों में आरओबी फंसने से ऊपरी हिस्से पर मरम्मत नहीं हो पा रही है, जिससे वाहन चालकों के लिए परेशानी बनी हुई है।
ऊपरी हिस्से पर बाहर झांक रहे सरिया
आरओबी के ऊपरी सडक़ वाले हिस्से पर काफी समय से सरिया निकल रहे हैं। यह सरिया बाहर आने से टायरों में घुसने की आशंका रहती है। विशेष कर दुपहिया वाहन चालकों के लिए चिंता का विषय रहता है। जरा सी भी निगाह चूकी तो सरिया के टायर में घुसने की संभावना अधिक रहती है। यह हिस्सा रेलवे पर है और मरमम्म की जिम्मेदारी भी उसी पर है लेकिन रेलवे की ओर से मरम्मत कार्य को लेकर गंभीर नहीं होने से यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए दुर्घटना की आशंका रहती है।
तेज घुमाव और सफाई नहीं
राजाखेड़ा को जोडऩे वाले इस आरओबी पर राजाखेड़ा से धौलपुर की तरफ आते समय रेलवे लाइन के ऊपरी तेजी से घुमाव है, जिससे यहां पर वाहन चालकों के लिए परेशानी आती है। साथ ही ओरओबी के रेलिंग की भी ऊंचाई कम होने से भी यहां हादसे की आशंका बनी रहती है। पूर्व में हादसे हो भी चुके हैं। साथ ही ब्रिज पर ऊपर सफाई नहीं होने से साइड से धूल और क्रंक्रीट पड़े रहते हैं। साइड से निकलने वाले वाहन चालकों को टायर पंचर होने की आशंका रहती है।
पार्किंग को नहीं जगह, पुल पर वाहन
धौलपुर से राजाखेड़ा की तरफ जाने वाली बसों का स्टैंड यह आरओबी है। आरओबी के नीचे के हिस्से पर यहां पर निजी बसें खड़ी रहती हैं। साथ ही भारी वाहन भी आकर ठहर जाते हैं। जिससे कई दफा यहां पर जाम की स्थिति बन जाती है। टू-वे रास्ता होने से यहां त्योहार और सालिग के दौरान जाम में वाहन फंस जाते हैं।
- राजाखेड़ा आरओबी को विभाग ने हैंड ओवर कर लिया है। ब्रिज के जिस हिस्से पर सरिया निकल रहे हैं, वह रेलवे का कार्य है। उक्त हिस्से का निर्माण कार्य रेलवे ने ही करवाया था। इस संबंध में रेलवे सेक्शन इंजीनियर से वार्ता कर मरम्मत करवाई जाएगी। बाकी एप्रोच रोड विभाग के पास हैं।
मधुसूदन राय, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी धौलपुर