
धौलपुर. शहर में एनएच 44 पर खड़ा भारी वाहन।
धौलपुर. राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगातार ट्रेफिक का दबाव और फिर भारी वाहन चालक समेत अन्य वाहनों के हाइवे लेन पर ही वाहन खड़ा करना पीछे आ रहे वाहन चालक के लिए खतरनाक साबित हो रहा है।
शहर से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 44 (दिल्ली-मुंबई) पर इन दिनों भारी ट्रेफिक है। वहीं, एमपी सीमा से यूपी की तरफ जाने वाले भारी वाहनों की संख्या गत वर्षों से अधिक हुई है। इसमें विशेषकर खनिज सामग्री लेकर आने वाले वाहनों की तादात में इजाफा हुआ। खनिज सामग्री लदे वाहन एमपी के शहर ग्वालियर समेत अन्य स्थानों से गिट्टी, डस्ट और सिंध की बजरी लेकर धौलपुर और फिर आगरा की तरफ निकलते हैं। यह वाहन हाइवे से गुजरते समय बीच-बीच में कई प्वाइंट्स अनाधिकृत रूप से खड़े हो जाते हैं, जिससे ट्रेफिक समस्या और रात्रि के समय पीछे आ रहे वाहनों के हादसे की वजह बनते हैं। ऐसा ही एक हादसे में पुलिस निरीक्षक स्तर के अधिकारी की दो दिन पहले हुई सडक़ दुर्घटना में मृत्यु हो गई। उधर, पुलिस प्रशासन का कहना है कि हाइवे पर शहर में खड़े होने वाले वाहनों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जाती है।
सागरपाडा से सेवर थाने के बीच मनमर्जी की पार्किंग
एमपी की तरफ से आने वाले खनिज सामग्री से लदे वाहन सागरपाडा पर नवीन पुल के निकलते ही हाइवे पर खड़े दिख जाएंगे। इसके बाद यह वाहन सागरपाडा बस्ती के पास, फिर फ्लाईओवर से उतरने पर नीचे एनएच की सेकंड लेन और यहां से निकलने के बाद कई वाहन केन्द्रीय बस स्टैंड के पास और फिर फ्लाइओवर से उतरने पर नीचे, सदर थाना चौराहे से पहले और फिर आगे ढाबे और पेट्रोल पंपों के सामने खड़े नजर आ जाएंगे। यह सिलसिला फिर आगे मनियां कस्बा, पुलिया से आगे और फिर बरैठा तक दिख जाएगा। इस दौरान अन्य वाहन भी हाइवे की मुख्य साइड लेन में खड़े होने से ओवरटेक करने वाला वाहन चालक असमंजस में पड़ जाता है। रात्रि के समय सामने से आ रहे वाहन ी हैड लाइट्स से चकाचौंद से वाहन के टकराने की आशंका रहती है। गुरुवार को एक कार को अनियङ्क्षत्रत ट्रक ने टक्कर मार दी, जिसमें कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
सुरक्षित सफर में कई जोखिम...
हाइवे संख्या 44 पर सुरक्षित सफर से पहले रास्ते में कई जोखिमों से दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। एनएच 44 पर कई स्थानों पर साइड की बेरीकेड्स टूटने और क्षतिग्रस्त होने से भी दुपहिया वाहन और कई अन्य भारी वाहन अचानक से हाइवे पर आने से रफ्तार से निकल रहे वाहन के लिए जानलेवा साबित होता है। एनएच 44 स्थिति खराब है, यहां शहर से गुजर रहे हाइवे पर कई स्थानों पर बेरीकेड्स क्षतिग्रस्त हैं और कई खतरनाक तरीके से साइड की मुड़ गए हैं जिससे टकराने का खतरा बना रहता है। पूर्व में पुलिस प्रशासन समेत अन्य जिम्मेदार विभागों की सख्ती के बाद कुछ बेरीकेड्स में एंगल फंसा कर दुरुस्त करने का प्रयास किया गया।
ट्रक लेन में डाली खनन सामग्री...
यहां राजाखेड़ा बाइपास से आगे की रीको क्षेत्र से सटी ट्रक लेन में सर्किल में खनन सामग्री डाल रखी है। इसमें गिट्टी और एम-सेंड भर रखा है। जबकि ट्रक लेन वाहन चालकों के लिए निर्धारित स्थल है। इसी तरह आगरा रोड से धौलपुर की तरफ आ रहे ट्रक लेन में तो जलभराव की वजह से निकलना मुश्किल होता है। यहां पर मरम्मत वाहन भारी वाहन खड़े रहते हैं और यहां अन्य वाहनों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
- हाइवे पर कुछ प्वाइंट्स है, जहां पर वाहन नजर आते हैं। खड़े होने से रोकने के लिए नियमित ट्रेफिक और गश्त पार्टी लगातार इन्हें हटाती है। साथ ही चालान कार्रवाई की जाती है। आगामी बैठक में भी इस विषय को अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा।
- प्रदीप कुमार, सीओ शहर धौलपुर
Updated on:
12 Oct 2026 06:35 pm
Published on:
12 Oct 2026 06:35 pm
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