9 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Dholpur: दुकानों में तोडफ़ोड़ और कब्जा करने का मामला, लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन

बाड़ी शहर के रेलवे फाटक वचन सिनेमा के पास स्थित तीन दुकानों पर तोडफ़ोड़ और कब्जा करने के मामले में अग्रवाल समाज की बैठक हुई। जिसमे घटना की निंदा करते हुए आक्रोश जताया। इसके बाद अग्रवाल समाज के करीब 300 लोग बाजार में रैली निकालते और नारे लगाते हुए उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचे।
2 min read
Google source verification
dholpur news

एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना देते अग्रवाल समाज के लोग

Dholpur, बाड़ी शहर के रेलवे फाटक वचन सिनेमा के पास स्थित तीन दुकानों पर तोडफ़ोड़ और कब्जा करने के मामले में अग्रवाल समाज की बैठक हुई। बैठक में समाज अध्यक्ष दिनेश गर्ग के साथ अग्रवाल समाज के तमाम पदाधिकारी और लोगो ने शिरकत की। जिसमे घटना की निंदा करते हुए आक्रोश जताया। इसके बाद अग्रवाल समाज के करीब 300 लोग बाजार में रैली निकालते और नारे लगाते हुए उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचे। जहां ज्ञापन लेने के लिए उपखंड अधिकारी के बाहर नहीं आने पर लोग उखड़ गए और प्रदर्शन किया। हालांकि, एसडीएम बाहर आए और ज्ञापन लिया।

समाज अध्यक्ष दिनेश गर्ग ने बताया कि मंगलवार की रात बच्चन सिनेमा के पास स्थित स्वर्गीय सेठ जगन्नाथ प्रसाद की तीन दुकान जो उन्होंने किराए पर आरोपियों को दी थी। उनमें तोडफ़ोड़ की गई। पार्टीशन हटाए गए और अंदर कमरों पर कब्जा करने का प्रयास हुआ। जिसकी सूचना जब मकान मालिक रतन सेठ पुत्र जगन्नाथ प्रसाद को मिली तो वे रात को ही बाड़ी पहुंचे और पुलिस जाब्ते को लेकर मौके पर आए। जहां से पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया। वहीं सामान भी जप्त किया। आरोप है कि इस मामले में अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है। और न आरोपियों पर ठोस कार्रवाई हुई। इसी को लेकर यह बैठक रखी गई। बाड़ी एसडीएम अमित वर्मा से मांग की गई है कि उक्त मामले में त्वरित कार्रवाई की जाए, दोषियों को सजा मिले और मामले की निष्पक्ष जांच हो। विरोध प्रदर्शन के दौरान अग्रवाल समाज के भगवान दास बंसल, महामंत्री विशाल गर्ग, युवा अध्यक्ष सचिन बंसल, रविन्द्र बंसल के साथ नरेंद्र गोयल, अशोक गोयल, मोहन सर्राफ एवं अन्य मौजूद रहे।

स्थानीय प्रशासन नहीं सचेत

पूर्व पीएमओ डॉ शिवदयाल मंगल ने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश में कथित तौर पर कई चीजें हो रही हैं। इसी के चलते संपत्तियों पर वक्फ बोर्ड का बोर्ड लगाकर कब्जा करने का प्रयास किया गया है। जो दुकानों पर तोडफ़ोड़ की गई है। वह भी इसी का हिस्सा है। गंभीर बात यह है कि इसको लेकर प्रशासन सचेत नहीं है। ऐसे में कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है। करीब 300 लोग एसडीएम कार्यालय के बाहर पहुंचने पर अधिकारी बाहर नहीं आए। घटना को लेकर परिवार के रतन सेठ ने बताया कि उनकी तीन दुकानों और एक कमरे को उन्होंने करीब तीन साल पहले इमरान पुत्र हमीद खां निवासी चमरिया पाडा को किराए पर दिया था। आरोप है कि करीब 18 महीने से आरोपी कोई किराया नहीं मिला। ऐसे में उन्होंने मामले को लेकर एसीजेएम कोर्ट में परिवाद लगाया है जो विचाराधीन है। रत्न और उनके दो भाई व्यावसायिक कार्यों से बाहर रहते हैं। ऐसे में आरोपियों ने कब्जा करने की नीयत से वक्फ बोर्ड के फर्जी कागजात बनवाकर उनकी बेशकीमती भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया है। जिसकी शिकायत कोतवाली थाने में भी दर्ज कराई गई है।