अपराध और अपराधियों से घिरी रहने वाली पुलिस का एक मानवीय पहलू भी है। ड्यूटी की सीमाओं को लांघ जब मजबूर की मदद की जाती है तो दिल से एक ही बात निकलती है कि वाकई में पुलिस अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास बनाने में कामयाब हो रही है।
धौलपुर . अपराध और अपराधियों से घिरी रहने वाली पुलिस का एक मानवीय पहलू भी है। ड्यूटी की सीमाओं को लांघ जब मजबूर की मदद की जाती है तो दिल से एक ही बात निकलती है कि वाकई में पुलिस अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास बनाने में कामयाब हो रही है। ऐसा ही एक वाकया बुधवार को मनियां थाना अन्तर्गत हुआ। यहां दो पुलिस कांस्टेबल की मदद से एक छात्र को उसका मोबाइल फोन फिर से मिला।
गुना मध्यप्रदेश से गुरुकुल मथुरा उत्तरप्रदेश में पढऩे वाला छात्र बनेह थाना धनुनावदा जिला गुना मध्यप्रदेश निवासी तरुण भार्गव पुत्र राकेश भार्गव इंदोर-अमृतसर एक्स्प्रेस ट्रेन से मथुरा जा रहा था। टे्रन में सीट को लेकर तीन लडकों से उसका झगड़ा हो गया। इन लडक़ों ने मनियां के पास तरुण का मोबाइल छीन कर चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया। मनियां स्टेशन के पास ग्रीन सिंग्नल नहीं मिलने के कारण ट्रेन आउटर पर रुक गई। इसी दौरान तीनों लडक़ों ने तरुण को भी धक्का देकर नीचे उतार दिया।
थाने पहुंचा और लगाई गुहार
परेशान तरुण लोगों से पूछ कर मदद की गुहार लेकर मनियां थाना पहुंचा। यहां थानाप्रभारी लाखन सिंह ने कांस्टेबल रामदास मीणा एवं अरविंद को छात्र के साथ आउटर की ओर भेजा। हालांकि, तब तक ग्रीन सिग्नल मिलने के कारण ट्रेन रवाना हो चुकी थी।
तीन-चार किमी चल ढूंढा मोबाइल
दोनों कांस्टेबल छात्र के साथ मोबाइल ढूंढने पटरी के सहारे करीब 3-4 किलोमीटर पैदल चले। इसी दौरान एक स्थान पर पटरी के बगल में छात्र का मोबाइल पड़ा हुआ मिल गया। पुलिस ने उसे मोबाइल सौंप कर बस में बिठा आगरा के लिए रवाना कर दिया।