शहर में जेल फाटक स्थित बालाजी नगर (ग्लास फैक्ट्री) कॉलोनी में दिए पट्टों को नगर परिषद प्रशासन ने निरस्त कर दिया। प्रशासन ने इन पट्टों की जांच के लिए समिति का गठन किया है। इस कॉलोनी में 29 पट्टे निरस्त किए हैं। नगर परिषद की अचानक से हुई कार्रवाई से स्थानीय रह वासियों में हडक़ंप मच हुआ है।
- नगर परिषद प्रशासन ने एक ही कॉलोनी के 29 पट्टे किए निरस्त
- शहर में जेल रोड पर बालाजी नगर (ग्लास फैक्ट्री) का मामला
धौलपुर. शहर में जेल फाटक स्थित बालाजी नगर (ग्लास फैक्ट्री) कॉलोनी में दिए पट्टों को नगर परिषद प्रशासन ने निरस्त कर दिया। प्रशासन ने इन पट्टों की जांच के लिए समिति का गठन किया है। इस कॉलोनी में 29 पट्टे निरस्त किए हैं। नगर परिषद की अचानक से हुई कार्रवाई से स्थानीय रह वासियों में हडक़ंप मच हुआ है। उधर, कॉलोनी के कुछ लोग शुक्रवार को नगर परिषद में अधिकारियों से मिले लेकिन किसी ने पट्टे निरस्त कार्रवाई की उचित वजह नहीं बताई। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि उनके पास नगर परिषद प्रशासन से ही पट्टे मिले हैं। जिसमें 10 पट्टों पर तो स्वयं वर्तमान आयुक्त अशोक शर्मा के हस्ताक्षर हैं। जब पट्टे गलत थे, तो फिर जारी ही क्यूं किए गए। जिसका जवाब नहीं मिल पा रहा है। रहवासियों ने कहा कि सभी लोग सोमवार को नगर परिषद आयुक्त से मुलाकात करेंगे। इसके बाद सुनवाई नहीं होती है तो जिला कलक्टर से और फिर आखिर में न्यायालय की शरण ली जाएगी। परिषद ने राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 69क के अंतर्गत जारी फ्री हॉल्ड, ली हॉल्ड, विलेख जो खातेदारी भूमि, किसी विशेष कार्य के लिए आवंटित भूमि के लिए जारी किए गए पट्टों को अधिनियम 2009 (बी) के तहत निरस्त करना बताया है।
फैक्ट्री बंद होने के बाद भूमि की हुई नीलामी
धौलपुर में जीईडब्ल्यूडी की जेल रोड पर ग्लास फैक्ट्री (द धौलपुर ग्लास वर्क लि.) की एक शाखा थी। काफी समय पहले फैक्ट्री बंद हो गई। उसके बाद इसकी चारदीवारी हो गई। इसमें अंदर अधिकारियों के आवास भी थे। इस फैक्ट्री की भूमि का निस्तारण हाइकोर्ट के जरिए हुआ। नीलामी होने पर मामराज गुप्ता ने उक्त भूमि को क्रय कर लिया। स्थानीय लोग बताते हैं कि कोर्ट के आदेश में लिखा है कि खरीदार उक्त भूमि का आवासीय, व्यवसायिक और कृषि में उपयोग कर सकता है।
आपत्ति मांगने के बाद जारी हुए पट्टे
ग्लास फैक्ट्री की भूमि को बाद में खरीदार ने नगर परिषद में प्रार्थना पत्र लगाकर सरेंडर कर दी। इसके बाद तत्कालीन आयुक्त लजपाल सिंह के समय 2 अगस्त 2022 को आपत्ति विज्ञप्ति जारी हुई। किसी तरह की आपत्ति नहीं आने पर नगर परिषद नियमन करते हुए पट्टे जारी कर दिए। इसमें कुछ पट्टे अशोक गहलोत सरकार की ओर से प्रशासन शहरों के संग अभियान में लगाए शिविर में जारी हुए। इसमें एक व्यक्ति को भवन निर्माण की परिषद से 2019 में मंजूरी ली।
10 पट्टों पर वर्तमान आयुक्त के हस्ताक्षर
शिविर समाप्त होने के बाद कुछ लोग पट्टे लेने से रह गए। जिस पर नगर परिषद ने लोकसभा चुनाव संपन्न होने के बाद उन लोगों को पट्टे जारी किए जिनकी रसीद पहले कट चुकी थी। जिसमें बालाजी नगर के 10 व्यक्ति शामिल थे। ये पट्टे 13 मार्च 2024 को जारी हुए। इन पट्टों पर वर्तमान आयुक्त अशोक शर्मा के हस्ताक्षर हैं।
- नगर परिषद ने पूर्व में सभी को पट्टे जारी किए थे। उनके पास भी वर्तमान आयुक्त के हस्ताक्षरशुदा पट्टा है। अब आप अचानक कैसे पट्टे खारिज कर सकते हैं। इस मामले में आयुक्त व जिला कलक्टर से सभी लोग मिलेंगे। समाधान नहीं हुआ तो कोर्ट की शरण लेंगे।
- संतोष उपाध्याय, बालाजी नगर (ग्लास फैक्ट्री)
- कॉलोनी में सभी के पास पट्टे हैं। पूर्व आयुक्त के नियमन कर पट्टे जारी किए थे। फिर इन्हें गलत कैसे ठहरा सकते हैं। लोगों ने मेहनत की कमाई से मकान निर्माण कराए हैं। परिषद ने बिना कागजात जांचे ही पट्टे निरस्त कर दिए। ये गलत है।- मिथलेश शर्मा, बालाजी नगर (ग्लास फैक्ट्री)