धौलपुर. राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में बेलगाम अवैध बजरी परिवहन और जलीय जीवों के संरक्षण को लेकर गत दिनों सुप्रीम में विचाराधीन सुओ मोटो रिट याचिका पर दिए आदेश के बाद प्रशासन, पुलिस और अन्य विभाग हरकत में है। सुप्रीम कोर्ट के पारित आदेशों की पालना को लेकर अब जिला पुलिस प्रशासन ने अवैध बजरी परिवहन और खनन रोकने के लिए बड़े स्तर पर प्लान तैयार कर अवैध बजरी परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
धौलपुर. राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में बेलगाम अवैध बजरी परिवहन और जलीय जीवों के संरक्षण को लेकर गत दिनों सुप्रीम में विचाराधीन सुओ मोटो रिट याचिका पर दिए आदेश के बाद प्रशासन, पुलिस और अन्य विभाग हरकत में है। सुप्रीम कोर्ट के पारित आदेशों की पालना को लेकर अब जिला पुलिस प्रशासन ने अवैध बजरी परिवहन और खनन रोकने के लिए बड़े स्तर पर प्लान तैयार कर अवैध बजरी परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।पुलिस की मदद से परिवहन विभाग ने कई वाहनों को सीज किया है।
पुलिस प्रशासन ने धौलपुर जिले में प्रतिबंधित चम्बल बजरी खनन व परिवहन की रोकथाम के लिए 27 प्रमुख स्थानों पर निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना तैयार की है। साथ 16 प्रमुख घाटों की पेट्रोलिंग मोबाइल पार्टियों का गठन किया है। जिससे अवैध बजरी परिवहन को रोका जा सके। वहीं, पुलिस प्रशासन को 50 आरएसी के जवान मिल चुके हैं, जिन्हेंं दो-तीन में तैनात किया जाएगा। मुख्य रास्तों पर अस्थाई चौकियों पर आरएसी जाब्ता तैनात किया जाएगा।
उधर, राजाखेड़ा विधायक रोहित बोहरा ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा सरकार में कोई धनाधोरी नहीं है। चंबल बजरी से जुड़े सैकड़ों परिवार अब बेरोजगार हो गए हैं। कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सही ढंग से केस में पैरवी नहीं की।
जीपीएस सिस्टम सफल रहा तो फिर अन्य जगहों पर होगा लागू
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अब जिले में व्यवसायिक वाहना जो खनन क्षेत्र में लगे हैं, उनके लिए जीपीएस सिस्टम लगाना होगा। बिना जीपीएस सिस्टम के वाहन संचालन होते मिला तो कार्रवाई होगी। अब वाहनों में जीपीएस सिस्टम को लेकर जिला परिवहन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने व्यावसायिक गतिविधि में लगे वाहनों की जांच शुरू कर दी है। खनन क्षेत्र में लगे ट्रेक्टर-ट्रॉली, डंपर, ट्रक, लोडिंग, के्रन और पोकलेन इत्यादि मशीनों में जीपीएस सिस्टम लगेंंगे। बताया जा रहा है कि जीपीएस सिस्टम धौलपुर से ही बतौर मॉडल लागू किया जा रहा है। अगर यह सफल रहा तो आने वाले समय में अन्य स्थानों पर भी लागू किया जा सकेगा। इससे मालूम हो सकेगा कि वाहन किस इलाके में गया और उसकी स्टडी हो पाएगी। साथ ही मैपिंग करने में आसानी रहेगी। वर्तमान में कई वाहन कृषि बताकर खनन क्षेत्र में माल ढोह रहे हैं। अब ऐसे वाहनों पर गाज गिर सकती है।
चंबल बजरी के तेजी से बढ़ रहे दाम
करीब एक माह से धौलपुर शहर समेत जिले में चंबल बजरी की खुलेआम आवाजाही थमी है। शहर में पहले जो आसानी से अवैध बजरी की उपलब्धता थी, उस पर अब नकेल कस रही है। सख्ती के असर के चलते बाजार में पहले एक बजरी ट्रेक्टर-ट्रॉली 3 से 4 हजार रुपए में थी, उसके दाम अब 6 से 7 हजार तक पहुंच गए हैं। आने वाले समय में अवैध बजरी के दामों में और बढ़ोतरी होगी। वहीं, खनन विभाग ने धौलपुर समेत पांच जिलों में अवैध बजरी परिवहन में जब्त वाहनों को जुर्माना कर छोडऩे पर रोक लगा दी है। यानी अब कम्पाउड राशि नहीं ली जाएगी।
16 घाटों पर अवैध बजरी परिवहन रोकने 4 मोबाइल पार्टी का गठन
उधर, पुलिस प्रशासन ने जिले में अवैध बजरी खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिले में चिह्नित 16 घाटों पर निगरानी रखने के लिए चार मोबाइल पार्टियां प्रस्तावित की है। यह संबंधित थाना क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेगी। इसमें पहली मोबाइल पार्टी थाना दिहौली के भूड़ा घाट, कठूमरी घाट व पुरैनी घाटा और राजाखेड़ा के घड़ी टिडावली पर नजर रखेगी। दूसरी मोबाइल पार्टी कोतवाली धौलपुर में रेलवे पुल घाट व मोरौली घाट और सदर धौलपुर में तिघरा घाट और भमरौली घाट को संभालेगी। तीसरी मोबाइल पार्टी थाना बसई डांग के रजई खुर्द घाट, बसई डांग घाट, भगतपुरा घाट, कस्बा नगर, चन्देली पुरा घाट एवं सोने का गुर्जा थाने के पाली घाट पर निगरानी रखेेगी। चौथी मोबाइल पार्टी सरमथुरा थाने के हल्लूपुरा घाट एवं दुर्गशी घाट पर निगाह रखेगी।
गांव से लेकर ढाणी तक समझाइश का दौर
उधर, अवैध बजरी परिवहन के मामले में सुप्रीम कोर्ट के मिले आदेश के बाद पुलिस प्रशासन ने जिलेभर में ग्रामीणों के साथ वार्ता कर जानकारी दी जा रही है। एसपी विकास सांगवान ने बताया कि आमजन को प्रतिबंधित चम्बल बजरी खनन व परिवहन के अवैध कारोबार में संलिप्त नहीं होने के सम्बन्ध में पुलिस के अधिकारी गांव व ढाणियों में जाकर समझाइश कर रहे हैं, जिसमें प्रतिबंधित चम्बल बजरी खनन व परिवहन के अवैध कारोबार में संलिप्त होने वाले नुकसानों के सम्बन्ध में भी अवगत कराया जा रहा है।
जिले में इन प्वाइंटों लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
थाना प्वाइंट
सरमथुरा: झिरी चौकी, भंमपुरा तिराहा, रीछरा, भेंटेकी
सोने का गुर्जा: टपुआ सायपुर तिराहा, सेवर पुल
कोतवाली धौलपुर: बीछिया, मुरारी की कोठी, किला शेरगढ़, पुरानी चौकी वन विभाग, सागर पाडा चौकी।
राजाखेड़ा: घड़ी टिडावली, समोना घाट, गढ़ी जाफर
सदर थाना धौलपुर: खुर्द भैंसेना तिराहा, भूराखेड़ा
दिहौली: माधो का पुरा चौराहा, रेहना वाली माता, बसई कारे रोड, घुरैया खेड़ा, कठूमरी तिराहा, भूड़ा तिराहा, गुनपुर तिराहा
बाड़ी सदर: बिजौली, गजपुरा चौराहा, विशनगिरि बाबा मंदिर
बसई डांग: चंदेली पुरा घाटी, आठमील चौकी तिराहा
- सुप्रीम के आदेशों की पालना में पुलिस ने अवैध बजरी परिवहन और खनन के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही मुख्य रास्तों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और साथ में पेट्रोलिंग पार्टी के लिए अतिरिक्त जाब्ता और वाहन समेत अन्य संसाधनों को लेकर मुख्यालय को प्रस्ताव बनाकर भेजा है। जबकि जिलेभर में चंबल किनारे गांवों में पुलिस सुप्रीम कोर्ट आदेश और वाहन पकड़े जाने पर जब्त होने की प्रक्रिया से भी अवगत करा रहा है। कुछ आरएसी के जवान जाब्ते के रूप में मिले हैं। जल्द इन्हें तैनात कर दिया जाएगा।
- विकास सांगवान, पुलिस अधीक्षक धौलपुर
- भाजपा सरकार में कोई धनाधोरी नहीं है। चंबल बजरी से जुड़े सैकड़ों परिवार अब बेरोजगार हो गए हैं। कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सही ढंग से केस में पैरवी नहीं की। कहा कि किसानों को जीपीआरएस की वजह से बेवजह परेशान किया जा रहा है। किसानों पर यह बेवजह का अतिरिक्त बोझ है। भवन निर्माण के लिए अब बजरी कहां से आएगी सरकार हो यह भी बताना चाहिए। हमला करते हुए कहा कि पत्थर उद्योग भाजपा नेताओं ने बंद कराया है।
- रोहित बोहरा, राजाखेड़ा विधायक