.-एक माह से घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों की परेशानी नहीं हुई दूर -लोगों को ब्लैक में भी नहीं मिल पा रहे सिलेंडर -15 अपे्रल से सहालग प्रारंभ, बढ़ेगी और परेशानी धौलपुर.ईरान-अमेरिका युद्ध से उत्पन्न हुई एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत कम होती नहीं दिख रही। लगभग एक माह बाद भी हालात असामान्य बने हुए हैं और […]
.-एक माह से घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों की परेशानी नहीं हुई दूर
-लोगों को ब्लैक में भी नहीं मिल पा रहे सिलेंडर
-15 अपे्रल से सहालग प्रारंभ, बढ़ेगी और परेशानी
धौलपुर.ईरान-अमेरिका युद्ध से उत्पन्न हुई एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत कम होती नहीं दिख रही। लगभग एक माह बाद भी हालात असामान्य बने हुए हैं और एजेसियों पर सिलेंडर लेने वालों की भीड़ उमड़ रही है। इस बीच सबसे ज्यादा परेशानियां जिनके घरों में शादी है उनके सामने खड़ी हो रही हैं, हालात यह हैं कि 1500 से 1800 तक ब्लैक में लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा।
एक ओर जहां जिला प्रशासन और रसद विभाग जिले में एलपीजी सिलेंडरों की कमी को नकार रहा है वहीं दूसरी ओर लोग सिलेंडर नहीं मिल पाने के कारण परेशान हैं, जिन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा। सबसे बड़ी परेशानी उन लोगों के सामने खड़ी है जिनके यहां वैवाहिक कार्यक्रम हैं। पुराना शहर निवासी अवधेश अग्रवाल ने बताया कि उनके यहां 15 अप्रेल की शादी है। जिसको लेकर सारी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं, लेकिन सिलेंडर नहीं मिल पा रहे। कैटर ने भी सिलेंडरों की व्यवस्था खुद करने की बात कह कर हाथ खड़े कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि हालात इतने खराब हैं कि 1500 रुपए तक में सिलेंडर नहीं मिल पा रहे, अब समझ नहीं आता क्या किया जाए। यह कहानी एक अवधेश अग्रवाल की नहीं अपितु शहर में बहुतायात संख्या में ऐसे लोग हैं जिन्हें अपने यहां होने वाली शादियों के लिए सिलेंडर लेने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। सहालग प्रारंभ होने के बाद सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर समस्या और विकराल हो सकती है।
कैटरों ने सिलेंडरों को लेकर खड़े किए हाथ
कालाबाजारी के बीच जानकारी करने पर पता चला कि वैंडर सिलेंडरों का खेल कैसे करते हैं। दरअसल सिलेंडर की डिलेवरी करने वाले वैंडर को पता होता है कि किस उपभोक्ता ने सिलेंडर लेने के लिए कब से बुकिंग नहीं कराई है। इसी बात का फायदा वैंडर उठा रहे हैं। वह कुछ लालच देकर उज्जवला के उपभोक्ता से सिलेंडर की बुकिंग कराते हैं। डिलेवरी आने पर ओटीपी लेकर, उसे बाजार में बेच देते हैं। कुछ पैसा उपभोक्ता को तो कुछ वैंडर को मिल जाता है। बता दें कि वर्तमान में गैस सिलेंडर 950रुपए का है। उज्जवला के तहत उपभोक्ता तो इस पर 357 रुपए की सब्सिडी मिलती है। वैंडर उपभोक्ता को 1200 से 1500तक दे देता है यानि उपभोक्ता को 500 से 800 रुपए अधिक मिल जाते हैं इतना ही वैंडर को मिल जाता है।
15 अपे्रल से सहालगों का दौर होगा प्रारंभ
15 अपे्रल से सहालगों का दौर भी प्रारंभ होने वाला है। जिसके बाद 19, 20 और 25 अपे्रल के साथ 5 और 7 मई को सबसे अधिक शादियों का मुहुर्त है। जिन परिवारों में शादियां हैं वह सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर परेशान हैं। कारण जिन कैंटरों के पास बुकिंग है, उन्होंने ग्राहकों से कह दिया है कि सिलेंडर की व्यवस्था वह स्वयं करें। सिलेंडर न मिलने पर अगर कुछ परेशानी होती है तो इसकी जिम्मेदारी उसकी (कैटर) की नहीं होगी। जिस कारण लोग अब वैकल्पिक साधनों की तलाश कर रहे हैं। कुछ लोगों ने नाम न बताने पर बताया कि मजबूरी में वह ब्लैक में सिलेंडरों की जुगाड़ करने में व्यस्त हैं।
दो सप्ताह में एक सैकड़ा सिलेंडर जब्त
एलपीजी सिलेंडरों की किल्लतों के बीच होती कालाबाजारी को रोकने रसद विभाग ने भी कमर कस ली है और पिछले दो सप्ताह में आधा दर्जन स्थानों पर छापेमार कार्रवाई के दौरान लगभग एक सैकड़ा एलपीजी सिलेंडर जब्त किए हैं, जो कालाबाजारी करने गादामों में छुपाए गए थे। यह कार्रवाई धौलपुर शहर से लेकर अन्य ब्लॉकों में भी की गई। विभाग के आला अधिकारियों ने बताया कि सिलेंडरों की कालाबाजारी को रोकने छापेमार कार्रवाई जारी रहेगी।
कमर्शिलय सिलेंडरों की भी परेशानी
शहर में लगभग एक माह से एलपीजी सिलेंडरों की भारी किल्लत है। इसमें घरेलू से लेकर कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति ठीक प्रकार से नहीं हो पा रही। कमर्शियल सिलेंडरों का स्टॉक खत्म होने और नई खेप पर प्रतिबंध के कारण होटलों, रेस्टोरेंटों से लेकर चाय-नाश्ता की दुकानें लगाने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि गत दिनों60 से 65 कमर्शियल सिलेंडरों की खेप शहर में जरूर आई, लेकिन यह मात्रा कनेक्शनों को देखते हुए कम ही है।