– जनगणना में लगे अधिकारी, कर्मचारियों के सवा साल नहीं होंगे स्थानांतरण दो फेज में जातिगत जनगणनापहला फेज-16 मई से 14 जून 2026 तक मकान सूचीकरण दूसरा फेज-फरवरी-मार्च 2027 व्यक्तियों से संबंधित जानकारी, जातिगत जनगणना। धौलपुर. राज्य सहित जिले भर में जनगणना कार्य की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। इस कार्य में लगभग 3 हजार […]
- जनगणना में लगे अधिकारी, कर्मचारियों के सवा साल नहीं होंगे स्थानांतरण
दो फेज में जातिगत जनगणनापहला फेज-16 मई से 14 जून 2026 तक मकान सूचीकरण
दूसरा फेज-फरवरी-मार्च 2027 व्यक्तियों से संबंधित जानकारी, जातिगत जनगणना।
धौलपुर. राज्य सहित जिले भर में जनगणना कार्य की रूपरेखा तैयार हो चुकी है। इस कार्य में लगभग 3 हजार कर्मचारी-अफसरों की ड्यूटी लगेगी। घर-घर जाकर जनगणना करने के काम में करीब 1.5 हजार प्रगणक और लगभग 700 से 800 सुपरवाइजर सहित अन्य अफसर कार्य को अंजाम देंगे। जनगणना दो भागों में की जाएगी और इस दौरान जनगणना से जुड़े कर्मचारियों के ट्रांसफर केवल असाधारण परिस्थतियों में ही हो सकेंगे।
जनगणना की तारीख का ऐलान हो चुका है। इसको लेकर सांख्यिक विभाग ने जनगणना के पहले फेज की अधिसूचना भी जारी कर दी है, जनगणना दो भागों में की जाएगी। पहला फेज 16 मई से प्रारंभ होगा। इस फेज के दौरान केवल मकानों की जनगणना की जाएगी। यह प्रक्रिया 14 जून तक जारी रहेगी। जनगणना का दूसरा फेज अगले वर्ष यानी 2027 में फरवरी-मार्च में प्रारंभ होगा। इसमें व्यक्तियों से संबंधित जानकारी, जातिगत जनगणना का कार्य होगा। 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की जनसंख्या लगभग 12 लाख के आसपास थी।
सबसे बड़ी बात यह है कि जनगणना में पहली बार सेल्फ सेंसस लागू किया जा रहा है, जो कि लोगों को राहत देने वाला होगा। सेल्फ सेंसस के माध्यम से व्यक्ति खुद भी अपनी गणना कर सकेंगे, हालांकि, सेल्फ सेंसस का वेरीफिकेशन जनगणना में लगे कर्मी ही करेंगे। इसको लेकर जल्द ही विभाग की ओर से पोर्टल और एप्लीकेशन की शुरुआत की जाएगी, जिसमें आमजन अपनी जानकारी अपलोड कर सकेंगे। यह जानकारी पोर्टल पर 1 मई से 15 मई तक अपलोड कर सकेंगे, सेल्फ सेंसस होने के बाद सरकारी कर्मचारियों की टीम घर-घर जाकर हाउस लिस्टिंग का भी काम करेगी।
फरवरी से कर्मचारियों की होगी टे्रनिंग
राज्य में जनगणना कार्यक्रम की शुरुआत 16 मई माह से प्रारंभ होगी। जिसको लेकर कर्मचारियों और अधिकारियों की ट्रेनिंग अगले माह यानी फरवरी से प्रारंभ होने जा रही है। जनगणना के काम में जिले भर में करीब 3 हजार अधिकारी, कर्मचारियों की ड्यूटी लगेगी जो कि घर-घर जाकर जनगणना का कार्य करेंगे। इसके अलावा जनगणना कार्यक्रम के दौरान कार्य में लगे अधिकारी और कर्मचारियों का करीब सवा साल तक स्थानांतरण भी नहीं हो सकेगा। इसमें कलक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, शहरी निकायों के आयुक्त, जनगणना में प्रगणक लगे शिक्षक, पटवारी और ग्राम सेवक शामिल रहेंगे। हां अगर किसी विशेष परिस्थिति बनने पर ही इन अधिकारी और कर्मचारियों का तबादला हो सकेगा।
गांव या शहर किसी भी बदलाव पर रोक
राजस्थान में 1 जनवरी से जनगणना के लिए सभी प्रशासनिक यूनिट फ्रीज हो गई। इसके साथ ही नए जिले, उपखंड, तहसील, गांव, वार्ड बनाने और उनकी सीमाओं के बदलाव पर रोक लग गई। गांव या शहर के किसी भी वार्ड तक की सीमा में कोई फेरबदल नहीं किया जा सकेगा। 2027 में मई-जून तक जनगणना का काम पूरा होने तक यह रोक रहेगी। लाखों अफसरों और कर्मचारियों के ट्रांसफरों पर भी अगले करीब सवा साल तक रोक रहेगी।
नागरिकों से पूछे जाएंगे 33 सवाल
जनगणना के दौरान पहले फेज में नागरिकों से कुछ सवाल भी पूछे जाएंगे। केन्द्र ने ऐसे 33 सवालों की सूची भी तैयार की है, जो जनगणना के दौरान किए जाएंगे। इन सवालों में मकान का मालिकाना हक सहित घर का पक्का या कच्चा होना, मोबाइल, स्मार्टफोन, इंटरनेट सुविधा, अनाज का प्रकार और खाना पकाने की व्यवस्था जैसे सवाल शामिल किए गए हैं। मई से शुरू हो रहे इस काम के जरिए सरकारी और आमजन दोनों मिलकर जनगणना प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया जाएगा।
2011 की जनगणना में जिले की संख्या 12.6 लाख
जिले की जनसंख्या की बात करें तो 2011 में हुई जनगणना के दौरान जिला की जनसंख्या 12.6 लाख थी। जिसमें 6.54 लाख पुरुष और 5.53 लाख महिलाएं थीं। इसमें से 2011 की गणना के दौरान शहर की आबादी 1.95 लाख थी। तो वहीं जिले के घनत्व की बात करें तो उस समय 398 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर था। 2011 की जनगणना के अनुसार कुल जनसंख्या में से 36.9 प्रतिशत लोग शहरी और 63.1 फीसदी लोग ग्रामीण क्षेत्र में निवास करते हैं।