
Dholpur, सरमथुरा. राजकीय विद्यालयों में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए सूबे की सरकार शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। वहीं सरमथुरा क्षेत्र के डांग इलाके में जहां महज एक ही कमरे में एक से पांच वर्ग के बच्चों की पढ़ाने की व्यवस्था सरकारी सिस्टम को आइना दिखाने के लिए काफी है।
सरकार मध्याह्न भोजन से लेकर साइकिल, पोशाक, किताब, छात्रवृति मद से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार के लिए पानी की तरह पैसा बहा रही है। बावजूद इसके शिक्षा व्यवस्था में माकूल सुधार होता दिखाई नहीं दे रहा है। हाल यह हैं कि संसाधनों की कमी के बीच पठन-पाठन का स्तर कई सवाल खड़े कर रहा है। यह सुनकर आश्चर्य चकित जरूर होंगे कि एक ही कक्ष में आखिर पांच-पांच कक्षाएं कैसे संचालित होती होंगी, मगर ये बिल्कुल सच है।
ग्राम पंचायत गौलारी स्थित प्राथमिक विद्यालय बल्लापुरा में पहली से पांचवी कक्षा तक के बच्चों को एक ही कक्ष में पढ़ाया जाता है। सवाल लाजिमी है जब एक ही कक्षा में पांच-पांच कक्षा के बच्चे पढ़ाई करते होंगे तो उनकी पढ़ाई की गुणवत्ता का क्या हश्र होगा। स्थानीय लोग बदहाल व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर करते हैं। उनके अनुसार, पढ़ाई की स्थिति बिल्कुल अच्छी नहीं है।
सरकार ने विद्यालय भवन में तीन कक्षाकक्षों का निर्माण कराया गया था, लेकिन शिक्षा विभाग के टेक्निकल अधिकारी ने दो कक्षाकक्षों को जर्जर घोषित कर दिया, अब सिर्फ एक कक्ष ही बचा है, जिसमें पांच कक्षाएं संचालित हो रही हैं। लोगों का कहना है कि इस तरह की व्यवस्था से बच्चों का भविष्य अंधकार में होता दिख रहा है।
विद्यालय में 19 बच्चों का नामांकन, दो शिक्षक
राप्रावि बल्लापुरा में कक्षा एक से पांचवी तक सिर्फ 19 बच्चों का नामांकन है। शिक्षा विभाग ने विद्यालय में दो शिक्षकों को लगाया हुआ है। कक्षाकक्षों के अभाव में शिक्षक बरगद के पेड़ के नीचे कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। हालांकि प्रशासन ने एक शिक्षक को ओबीसी जनगणना में लगाया हुआ है।
राउप्रावि गोलीपुरा में बरामदे में चल रही कक्षाएं
उपखंड के राउप्रावि गोलीपुरा में पठन-पाठन की व्यवस्था फेल बनी हुई है। कक्षाकक्षों के अभाव में बरामदे में कक्षाएं संचालित हो रही हैं। विद्यालय में ना तो किचन है ना ही पर्याप्त कक्षाकक्ष बने हैं। विद्यालय प्रशासन ने एक कक्ष में किचन तो एक में ऑफिस बना रखी है वहीं एक कक्ष जर्जर होने के कारण ताले में बंद पड़ा है, जबकि विद्यालय में बच्चों का नामांकन 99 है वहीं छह शिक्षक पदस्थापित है।