धौलपुर

Dholpur: आसान नहीं होगा प्रत्याशियों के लिए चुनाव, कई क्षेत्र में नाराजगी

नगर परिषद चुनाव की घोषणा के साथ शहर का माहौल बदला-बदला सा नजर आने लगा है। हालांकि इस बार प्रत्याशियों के लिए परिषद चुनाव आसान होने वाले नहीं हैं, इसका अंदाजा खुद संभावित प्रत्याशियों को है। जिसको लेकर कई पूर्व पार्षद अपने वार्ड में न किए जाने वाले कार्यों का ठीकरा परिषद के सिर फोड़ रहे हैं
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वोटिंग लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए एसडीएम कार्यालय पहुंचे लोग

धौलपुर. निकाय चुनाव के रण की घोषणा होने के साथ गली मोहल्लों से लेकर राजनीतिक कार्यालयों में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। पार्टियों से पार्षद पद का टिकट चाहने वाले संभावित अपने चहेतों की मान मनोव्वल करने में लगे हैं। निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपना मुकाम हासिल करने वाले संभावितों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जनसम्पर्क स्थापित करने में जुट चुके हैं। देखा जाए तो इस बार प्रत्याशियों के लिए यह चुनाव आसान नहीं होने वाले क्योंकि शहर की बिगड़ती सूरत और चहुंओर फैली समस्याओं से शहरवासियों में काफी रोष है।

उधर, जिला निर्वाचन विभाग ने भी तैयारियां शुरू कर दी है। शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वालों की भीड़ रही। नगर परिषद चुनाव की घोषणा के साथ शहर का माहौल बदला-बदला सा नजर आने लगा है। गली-मोहल्लों से लेकर चाय-पान की दुकानों पर परिषद के चुनाव ट्रेंड पर हैं। हालांकि इस बार प्रत्याशियों के लिए परिषद चुनाव आसान होने वाले नहीं हैं, इसका अंदाजा खुद संभावित प्रत्याशियों को है। जिसको लेकर कई पूर्व पार्षद अपने वार्ड में न किए जाने वाले कार्यों का ठीकरा परिषद के सिर फोड़ रहे हैं तो वहीं उन्हें यह भरोसा भी दे रहे हैं कि अगर उन्हें दोबारा मौका दिया जाता है तो उनका यह काम उनके लिए सर्वोपरि होगा।

देखा जाए तो इस बार के परिषद चुनावों को लेकर लोगों में रोष भी है, क्योंकि पिछले तीन से चार सालों से शहर में जलभराव सहित चौक नाले और सीवर लोगों की परेशानियों का मूलकारण भी बने हैं। जिसको लेकर गुरुवार को शिवनगर के लोगों ने अपना विरोध भी दर्ज कराया। लोगों का कहना था कि उनका क्षेत्र पिछले कुछ सालों से जलभराव से जूझ रहा है, थोड़ी सी ही बारिश के दौरान घरों में पानी भर जाता है। चुनाव के दौरान वोट मांगने तो आते हैं, लेकिन बाद में कोई समस्याओं को दूर नहीं करता।

कई कॉलोनियों में विरोध के स्वर...

शहर में सैंपऊ रोड स्थित कुछ कॉलोनियों में लोगों में गुस्सा दिखा। जहां सीवरेज के गंदे पानी और बारिश के चलते कालोनी तालाब में तब्दील हो जाती है। कॉलोनी के वासी राजेन्द्र, पिंकल, राजवीर और देवा ने बताया कि बारिश और चौक सीवर के कारण कॉलोनी में जलभराव बना रहता है। अब चुनाव आ रहे हैं और वोट मांगने के लिए नेता बड़े-बड़े वादे भी करेंगे, लेकिन क्षेत्र में होते जलभराव को कोई दूर नहीं करेगा। सैंपऊ रोड, बाड़ी रोड समेत कई कॉलोनियों में हाल बुरे हैं। गुरुवार को हुई बारिश के बाद तो यहां फिर घर टापू की तरह नजर आए।

पार्टी कार्यालयों में बैठकों दौर प्रारंभ

नगर परिषद चुनाव को लेकर 9 सितम्बर को वोटिंग होगी, वोटिंग ईवीएम के माध्यम से कराई जाएगी जिसमें परिषद क्षेत्र के 2.50 लाख से ज्यादा मतदाता शहर की नई सरकार का चयन करेंगे। हालांकि अभी मैदान में कौन किस पार्टी और किस वार्ड से ताल ठोंकेगा इसकी स्थिति 22 अगस्त के बाद ही साफ हो पाएगी, लेकिन उससे पहले राजनीतिक पार्टियों से टिकट की चाह रखने वाले संभावित प्रत्याशी पार्टी नेताओं की शरण में जाकर अपने जीतने का दावा कर वोट पाने के जतन में लगे हुए हैं। पार्टी कार्यालयों में भी चुनाव को लेकर बैठकों का दौर प्रारंभ हो गया है। बुधवार और गुरुवार को भाजपा और कांग्रेस कार्यालय में लोगों का आना-जाना बना रहा।

जिले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 लागू

धौलपुर. राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से 19 अगस्त को घोषित कार्यक्रम अनुसार नगर निकाय आम चुनाव 2026 के लिए निर्वाचन की गतिविधियां प्रारंभ हो गई है। निर्वाचन विभाग के निर्देशानुसार चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण और बिना किसी आतंक एवं भय के अपने संवैधानिक मताधिकार का प्रयोग कर सके इसके लिए अवांछित एवं बाधक तत्वों की गतिविधियों को नियंत्रित करने तथा कानून व्यवस्था एवं लोकशांति बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक उपाय किया जाना आवश्यक है। जिला मजिस्ट्रेट एवं कलक्टर श्रीनिधि बी टी ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पालना में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले की राजस्व सीमाओं के भीतर निषेधाज्ञा लागू की है।

बिना स्वीकृति के जुलूस, सभा और धरना नहीं

धौलपुर जिले से बाहर का कोई भी व्यक्ति जिले की सीमा में हथियारों को अपने साथ नहीं लाएगा, ना ही सार्वजनिक स्थानों पर प्रयोग या प्रदर्शन करेगा। कोई भी व्यक्ति संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की स्वीकृति के बिना किसी भी सार्वजनिक स्थल पर कोई भी जुलूस, सभाए धरनाए भाषण आदि का आयोजन नहीं करेगा एवं न ही संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति के बिना ध्वनि प्रसारण यंत्र का प्रयोग किया जाएगा। ध्वनि प्रसारण यंत्र हेतु अनुमति संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की ओर से प्रात: 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक प्रसारण यंत्र के उपयोग के लिए दी जा सकेगी। ऐसे आयोजनों में कोई इस प्रकार का कृत्य नहीं करेगा जिससे यातायात व्यवस्था, जन व्यवस्था एवं जनशांति विक्षुब्ध हो। यह प्रतिबंध बारात एवं शवयात्रा पर लागू नहीं होगा।

सोशल मीडिया पर रहेगी नजर

उधर, निर्वाचन विभाग सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखेगा। कोई भी व्यक्ति या संस्था इन्टरनेट तथा सोशल मीडिया यथा फेसबुक, ट्वीटर, व्हाट्सएप, यूट्यूब आदि के माध्यम से किसी प्रकार का धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या दुष्प्रचार नहीं करेगा। कोई भी व्यक्ति किसी के समर्थन या विरोध में सार्वजनिक एवं राजकीय सम्पत्तियों पर किसी तरह का नारा लेखन या प्रति.चित्रण नहीं करेगा ना ही करवाएगा और न ही किसी तरह के पोस्टर, होर्डिंग आदि लगाएगा और न ही सार्वजनिक सम्पत्तियों का विरूपण करेगा।

Updated on:
21 Aug 2026 07:22 pm
Published on:
21 Aug 2026 07:22 pm