जिले में बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा के साथ पोषण आहार का दावा करने वाला महिला बाल विकास आंगनबाड़ी केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में फिसड्डी साबित हो रहा है।
धौलपुर. जिले में बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा के साथ पोषण आहार का दावा करने वाला महिला बाल विकास आंगनबाड़ी केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में फिसड्डी साबित हो रहा है। हाल ये है कि जिले में कुल एक हजार तैतीस आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं। जिसमें पानी, बिजली तो कहीं शौचालय तक की सुविधा तक नहीं है। इसमें पेयजल व्यवस्था की खासी किल्लत है, कार्यकर्ता इधर-उधर से पानी लाकर काम चला रही हैं। इससे आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आने वाले बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसका सीधा असर पंजीकरण पर दिख रहा है। ज्यादातर केन्द्रों पर 10 से 12 बच्चे ही पंजीकृत हैं। वो भी एक-दो घंटे आते हैं या फिर नहीं।
पंजीकृत बच्चों की संख्या भी कम
जिले में कुल 1033 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं। इसमें किराये के मकानों में चल रहे केन्द्रों पर सुविधाओं की कमी है। इसकी वजह कम किराया है। विभाग की ओर से इन किराये के भवनों के लिए मात्र 750 रुपए दिए जा रहे हैं। इस वजह से यहां पर सुविधाओं पर कोई ध्यान नहीं है। शहर में 60 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित हैं। बुधवार को पत्रिका ने आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति जांची तो यहां आने वाले बच्चों की संख्या कम मिली। सुबह 11 बजे केन्द्र पर एक भी बच्चा नहीं मिला। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से जानकारी की तो पता चला कि आज बच्चे जल्दी चले गए हंै। खास बात ये है कि ज्यादातर केन्द्रों पर 10-12 से ज्यादा बच्चे पंजीकृत नहीं हंै। इसकी वजह मूलभूत सुविधाएं नहीं होना है।
केन्द्रों पर पंखा तक नहीं, बच्चे परेशान
आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पानी व बिजली की व्यवस्था न होने से गर्मी के मौसम में बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर पंखा और कूलर के कोई इंतजाम नहीं है। केन्द्र पर सुविधा न होने से अभिभावक अपने बच्चे को नहीं भेजते हैं। जबकि इन दिनों आंगनबाड़ी केन्द्र का समय सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक का है। इसके बाद भी बच्चों की संख्या कम है। जिले में 1033 केन्द्रों में से विभागीय भवन में 540, विद्यालयों में 289, अन्य सरकारी भवन में 114 व किराये के मकान में 90 केन्द्र संचालित हैं।
- वर्तमान समय में आंगनबाड़ी केन्द्र किराये के मकान में संचालित हो रहे हैं। प्रथम चरण में जिला कलक्टर के निर्देश पर विभागीय 488 भवन में विद्युतीकरण कराया जा रहा है। जल्द ही किराये के मकान में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएगी।
- भूपेश गर्ग, सीडीपीओ, धौलपुर