धौलपुर

रेत माफियाओं के साथ मिलकर ये तीन सिपाही खेल रहे थे ऐसा खेल, खुली पोल तो हुआ कुछ ऐसा

घडिय़ाल संरक्षित क्षेत्र होने के कारण चम्बल नदी से रेता निकासी पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी है। पहले भी 3 सिपाहियों को निलंबित किया गया था...
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Mar 19, 2019
sand mining

धौलपुर।

चम्बल नदी से रेता खनन व परिवहन रोकने के लिए पुलिस के प्रयासों को नाकाम करने में उनके विभाग के कार्मिक ही लगे हुए हैं। रेत माफियाओं तथा पुलिस के इस गठजोड़ की भनक लगते ही पुलिस अधीक्षक अजयसिंह ने 3 सिपाहियों कोबरा टीम में शामिल राजवीर, राजाखेड़ा थाने का पूरण मीणा तथा कौलारी थाने के सिपाही ओमवीर को निलम्बित कर दिया। एसपी ने बताया कि ये सिपाही रेत माफियाओं को पुलिस की लोकेशन तथा आगामी कार्रवाई की गतिविधियों की जानकारी साझा करते थे। इनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर इन पर नजर रखी गई। इसके बाद तीनों को निलम्बित किया गया है। पुलिस रेत माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, लेकिन फिर भी चोरी-छिपे रेता निकासी तथा परिवहन के मामले सामने आए हैं। इसकी तह तक जाने पर सिपाहियों की मिलीभगत सामने आई। एसपी ने कहा कि रेत माफिया तथा पुलिस का पुरान गठजोड़ समाप्त किया जा रहा है। घडिय़ाल संरक्षित क्षेत्र होने के कारण चम्बल नदी से रेता निकासी पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी है। पहले भी 3 सिपाहियों को निलंबित किया गया था।

बजरी माफिया ने की एसडीओ से मारपीट
बीगोद. बड़लियास थाना क्षेत्र के श्रीपुरा में अवैध बजरी दोहन पर कार्रवाई के लिए पहुंचे कोटड़ी उपखण्ड अधिकारी अंशुल सिंह को घेर लिया और मारपीट की। खनन करने वाले बजरी से भरे कई वाहनों भगा ले गए। तीन ट्रेलर व एक जेसीबी मशीन को मौके पर छोड़ भाग गए। सूचना पर पहुंची बड़लियास पुलिस ने वाहन जब्त किए। एसडीएम कुछ लोगों के खिलाफ राजकार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज कराया। बनास नदी से अवैध बजरी खनन की शिकायत पर रविवार रात कोटड़ी उपखंड अधिकारी बिना पुलिस जाप्ते के श्रीपुरा पहुंचे थे।

Updated on:
19 Mar 2019 10:34 am
Published on:
19 Mar 2019 10:34 am