धौलपुर

खनिज परिवहन में लगे वाहनों का होगा पंजीयन, जीपीएस डिवाइस अनिवार्य

अवैध खनन परिवहन कर रहे वाहनों और वनभूमि पर अवैध खनन के खेल पर अंकुश लगाने के लिए अब वाहनों का पंजीयन खनिज विभाग के पोर्टल पर होगा। खनिज विभाग ने विभागीय ऑनलाइन परियोजना में व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम का प्रावधान एवं वे-ब्रिज ऑटोमाईजेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नव वर्ष में 01 जनवरी 2026 से लीजधारकों के वाहनों में बिना जीपीएस डिवाइस के रवन्ना जारी नही हो पाएंगे। लीज धारकों को खनिज परिवहन में लगे वाहनों एवं वाहन स्वामियों को व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम जीपीएस डिवाइस लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

2 min read

अवैध खनन रोकने की पहलः प्रमुख शासन सचिव ने बैठक में दिए निर्देश

नए साल यानी 01 जनवरी से व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम होगा लागू

dholpur. अवैध खनन परिवहन कर रहे वाहनों और वनभूमि पर अवैध खनन के खेल पर अंकुश लगाने के लिए अब वाहनों का पंजीयन खनिज विभाग के पोर्टल पर होगा। खनिज विभाग ने विभागीय ऑनलाइन परियोजना में व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम का प्रावधान एवं वे-ब्रिज ऑटोमाईजेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नव वर्ष में 01 जनवरी 2026 से लीजधारकों के वाहनों में बिना जीपीएस डिवाइस के रवन्ना जारी नही हो पाएंगे। लीज धारकों को खनिज परिवहन में लगे वाहनों एवं वाहन स्वामियों को व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम जीपीएस डिवाइस लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।

प्रमुख शासन सचिव ने मंगलवार को समस्त खनिज अभियंताओं को लीज धारकों से संबंधित वाहनों में 31 दिसंबर तक जीपीएस डिवाइस लगाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे वाहनों को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। ऐसा न करने वाले वाहनों को खनिज परिवहन प्रपत्र एमएम-11 जारी नहीं की जाएगी। जिससे ओवलोडिंग व अवैध खनन के खेल पर शिकंजा कसेगा। प्रमुख शासन सचिव के निर्देश पर खनिज अभियंता धौलपुर पुष्पेन्द्र मीणा ने इसके आदेश जारी किए है। एमई के आदेश के मुताबिक जिले में खनिज का परिवहन करने वाले सभी वाहन स्वामियों, चालकों को अपने-अपने वाहनों का पंजीयन विभागीय पोर्टल कराने के लिए पाबंद किया गया है। वहीं जीपीएस एवं टैग लगे वाहनों को ही खनिज का परिवहन करने के लिए अधिकृत किया है।

बिडंबना यह है कि बिना व्हीकल लोकेशन डिवाइस व रेडियो फ्रिक्वेंशी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआइडी) सिस्टम के वाहनों का ई-रवन्ना नहीं कटेगा। जिसका असर यह होगा कि किसी भी लीज से वाहन के माध्यम से खनिज का परिवहन नही किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रेकिंग सिस्टम (ईटीएस) से खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की लोकेशन खान विभाग को मिलती रहेगी। वहीं, खनिज अधिकारियों की जानकारी में रहेगा कि खनिज किसी लीज एरिया से भरा गया है या नहीं। वाहन की लोकेशन के बिना रवन्ना जारी नहीं होगा। आरएफआइडी से कांटे पर गाड़ी नंबर ट्रेस हो जाएंगे। इसके अलावा किस रूट से खनिज ले जाया जा रहा है यह देखा जा सकेगा। खनिज परिवहन रजिस्टर्ड वाहनों से ही किया जा सकेगा। विभाग कंट्रोल रूम के माध्यम से मॉनिटरिंग करेगा।

-खनिज विभाग के पोर्टल पर वाहनों का डेटा रहेगा उपलब्ध:

जानकारी के अनुसार धर्मकांटा को भी खान विभाग के ई-रवन्ना पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इससे विभाग के पास सभी वाहनों का डेटा उपलब्ध रहेगा। बिना वैध ई-रवन्ना और तय मार्ग से अन्यत्र मार्ग पर चलने वाले वाहनों को अवैध माना जाएगा। जिन वाहनों में जीपीएस नहीं लगा होगा और आगे-पीछे स्पष्ट नंबर नहीं होंगे। जिसका खामियाजा लीज होल्डर्स को भुगतना होगा। धर्मकांटा पर वाहन में भरे खनिज की वैध स्थिति स्पष्ट होने पर ही वाहन का रवन्ना कन्फर्म हो सकेगा। धर्मकांटा व खनिज परिवहन करने वाले वाहनों को मिनरल ट्रेकिंग सिस्टम सॉटवेयर से जोड़ा जाएगा। जिससे वाहन में खनिज भरने से लेकर गंतव्य तक पहुंचने तक की पूरी अवधि व मार्ग की ऑनलाइन निगरानी होगी।

-शासन ने पूर्व में ई-वे बिल की भी दी थी सुविधा:

सरकार ने खनिज परिवहन के लिए ट्रांजिट पास (टीपी) को बंद कर ई-वे बिल लागू कर दिया है। सरकार के ई-वे बिल की नई व्यवस्था लागू करने के बाद व्यापारी वर्ग को काफी राहत मिली है। प्रशासन की सक्रियता के कारण बिना ई-वे बिल खनिज का परिवहन करना मुमकिन नहीं है। जिससे काफी हद तक चोरी पर अंकुश लगा है।

Published on:
05 Dec 2025 06:24 pm
Also Read
View All

अगली खबर