धौलपुर

‘​​​​यहां मैं मुख्यमंत्री नहींं, घर की सदस्य के रूप में कर रही हूं स्वागत’

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Oct 14, 2018
Women empowerment marathon race
'​​​​यहां मैं मुख्यमंत्री नहींं, घर की सदस्य के रूप में कर रही हूं स्वागत'

धौलपुर। भाजपा की संस्थापक सदस्य दिवंगत विजयाराजे सिंधिया की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय महिला मोर्चा की ओर से ग्वालियर से रवाना हुई महिला सशक्तीकरण मैराथन दौड़ का राजस्थान की सीमा पर चम्बल पुल के पास मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने स्वागत किया।

इस दौरान भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारियों सहित दौड़ में शामिल बालिकाओं, महिलाओं तथा युवकों को माला पहनाकर अगुवानी की। इस दौरान राजे ने कहा, मैं होस्ट की हैसियत से स्वागत कर रही हूं ना कि मुख्यमंत्री के कारण।

विजयराजे का ग्वालियर से तो नाता था ही, धौलपुर से भी विशेष लगाव था। इसलिए उन्होंने अपने बेटी (वसुंधरा) को यहां भेज दिया। वे लोगों के सीधे जुड़ाव में रहती थी। इस दौरान उन्होंने विजयाराजे की साथी रहीं मोहिनी को मंच पर बुलाया और बताया कि ये उन चार महिलाओं में शामिल शामिल थीं, जब विजयाराजे महिला मोर्चा चलाती थीं। दौड़ ग्वालियर से शुरू होकर राजस्थान, उत्तप्रदेश, हरियाणा होते हुए दिल्ली में संपन्न होगी, जहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह संबोधित करेंगे।

यात्रा में मिसेज इण्डिया अर्थ भी हुई शामिल
महिला सशक्तीकरण यात्रा में मुम्बई निवासी मिसेज इण्डिया अर्थ 2018 किरण राजपूत शामिल हुई। इसके अलावा मिसेज यूनिवर्स डिवोटेज 2017 पल्लवी कौशिक तथा नबोमिता मजूमदार शामिल हुईं।

हमें केवल चार दिन देती थीं विजयाराजे
मुख्यमंत्री ने विजयाराजे के साथ के पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि वे रात-रात भर प्रचार करती थी। कार्यकर्ताओं के दरवाजों को खटखटाती थी। कार्यकर्ता खुद कमरों से बाहर आकर हमें सुलाते थे और गरम-गरम फुलके खिलाते थे। तब हमें यह तक पता रहता था कि किस कार्यकर्ता के कितने बच्चे और पोते हैं। लेकिन अब फिर से वो दिन लाने होंगे।

जब हम कहते थे कि परिवार के लोगों को समय कम देती हैं, तो वे कहती थी कि जितना तुम परिवार के लोग हो, उतनी ही जनता मेरा परिवार है। उन्हें महीने में 26 दिन देती हूं तो तुम्हे भी चार दिन देती हूं। इतना क्या कम है। महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि विजयाराजे ने महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा दिया था। राजे ने पार्टी को सींचा है। यही कारण है कि राजमाता, लोकमाता बन गई।

Published on:
14 Oct 2018 10:45 am