
Dholpur, सैंपऊ उपखंड क्षेत्र में चंबल लिफ्ट परियोजना की व्यवस्थाएं बिगड़ती दिख रही हैं। परियोजना से जुड़े कई गांवों में काफी समय से पानी नहीं पहुंचने के कारण ग्रामीणों में नाराजगी है। सालेपुर गांव में एकजुट हुए ग्रामीणों ने चंबल परियोजना के अधिकारियों के खिलाफ विरोध करते हुए नाराजगी जताई है। बताया कि सरकार की ओर से पेयजल समस्या से निजात दिलाने के लिए चंबल परियोजना के तहत 44 गांव को जोड़ा गया है लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के चलते कई गांव के लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
बीते कई दिनों से सालेपुर में पाइपलाइन टूटी पड़ी है, लेकिन विभाग की ओर से इसे अभी तक दुरुस्त नहीं करवाया। वहीं बीते कई माह से तसीमों में परियोजना के तहत बनी पानी की टंकी सूखी पड़ी हुई है जिसके चलते टंकी से जुड़े सालेपुर, लुधपुरा, टुंडापुरा, बल्दीयापुरा, नौरंगाबाद गांव में लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। सालेपुर गांव में नलों में सप्लाई नहीं होने के कारण पेयजल समस्या से परेशान ग्रामीणों ने एकजुट होकर रोष जताया। ग्रामीणों का आरोप है कि चंबल लिफ्ट परियोजना से गांवों में लंबे समय से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। वहीं मालौनी पवार, रजौरा खुर्द और सहरौली की पानी की टंकियों में भी सप्लाई बंद पड़ी है, जिससे करीब 15 गांवों में पेयजल संकट बना हुआ है ग्रामीणों का कहना है कि विडंबना यह है कि जिस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना था, उसी परियोजना से जुड़े कई गांव पानी के लिए तरस रहे हैं। लोगों का आरोप है कि चंबल का पानी दूसरे जिलों तक पहुंच रहा है, लेकिन स्थानीय गांवों की समस्या पर विभागीय अधिकारियों का ध्यान नहीं है
मामले को लेकर चंबल लिफ्ट परियोजना के अधिकारियों को फोन पर समस्या को लेकर अवगत कराया तो वह हरकत में दिखे। अधिशासी अभियंता रामेंद्र कुमार ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि तकनीकी खामी को जल्द दूर कर पेयजल आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि संैपऊ क्षेत्र के 44 गांव चंबल लिफ्ट परियोजना से जुड़े हुए हैं और प्रभावित गांवों में पानी की सप्लाई जल्द शुरू कराने के प्रयास किए जाएंगे।
दूसरे जिले तक पहुंच रहा, यहां तरस रहे लोग
जिले की चंबल नदी से चंबल लिफ्ट परियोजना के तहत भरतपुर जिले तक पानी की लाइन से सप्लाई पहुंच रही है। जबकि जिले में लोग परेशान हैं। फिलहाल सालेपुर के समीप चंबल का पानी भरतपुर पहुंचाने के लिए एक और नवीन पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा है जिसके चलते मालौनी पवार, रजौरा खुर्द व सहरौली की लाइन टूटने से टंकियों में पानी की सप्लाई 3 दिन से बंद पड़ी है। ऐसे में टंकियां से सप्लाई के लिए जुड़े करीब 15 गांव के लोग प्यासे बने हुए हैं। चंबल लिफ्ट परियोजना के तहत सैंपऊ में 44 गांव के लिए बनाई गई योजना भी पटरी से उतरती दिख रही है। बताया जा रहा है कि सैंपऊ में परियोजना के प्लांट का एक कंपनी पर चलाने का ठेका है। आरोप है कि पर्याप्त कर्मचारी नहीं होने से समस्या बनी हुई है।