dholpur, सरमथुरा उपखंड के झिरी पंचायत में एसडीएम अल्का श्रीवास्तव ने रात्रि चौपाल में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। रात्रि चौपाल में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने वनविभाग पर लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
dholpur, सरमथुरा उपखंड के झिरी पंचायत में एसडीएम अल्का श्रीवास्तव ने रात्रि चौपाल में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। रात्रि चौपाल में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने वनविभाग पर लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने एक स्वर में वनविभाग की नीतियों का विरोध करते हुए एसडीएम से सडक़ व पानी की योजनाओं को शुरू कराने की मांग की।
रात्रि चौपाल में प्रशासक प्रियंका जादौन, ग्रामीण होरीलाल, जितेन्द्र, नबल सिंह, गोपाल शर्मा, रघुवीर सिंह आदि ने बताया कि झिरी पंचायत में वनविभाग की गलत नीतियों का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। वनविभाग ने मूलभूत सुविधाओं पर ही अड़ंगा डाला हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि सरमथुरा से झिरी की दूरी 26 किमी है, लेकिन वनविभाग ने 09 किमी सडक़ पर रोक लगाई हुई है। इसी प्रकार जेजेएम योजना अन्तर्गत गांव में पानी की सुविधा के लिए पाइपलाइन डाली जा रही है, लेकिन वनविभाग ने 500 मीटर पाइपलाइन नहीं डालने दी है।ग्रामीणों ने बताया कि वनविभाग ने अभ्यारण्य में जानवरों के लिए सडक़, पानी की सुविधा करने के लिए पोखर, तालाब आदि का निर्माण कराया जा रहा है। जबकि झिरी पंचायत के ग्रामीणों का जीवन जानवरों से भी बदतर हो गया है।
ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि वनविभाग ने सिवायचक व चारागाह भूमि पर अपना अधिकार जमाया हुआ है। वनविभाग चारागाह भूमि पर पशुओं को नहीं चरने दिया जाता। वहीं मकान बनाने के लिए खेतों से मिट्टी भी नहीं उठाने देते हैं, जबकि झिरी पंचायत में 700 हेक्टेयर चारागाह व 1000 हेक्टेयर सिवायचक भूमि है। ग्रामीणों ने सडक़ व पानी की बंद पड़ी योजनाओं को शुरू कराने की मांग की।
रात्रि चौपाल में ग्रामीणों ने बच्चों से जुड़ी समस्या का दुखड़ा रोते हुए कहा कि सरकार ने झिरी में उच्च माध्यमिक स्तर का विद्यालय खोला हुआ है, लेकिन स्कूल में अग्रेंजी व गणित विषय के अध्यापकों की कमी है। जिसके कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में है। एसडीएम ने रात्रि चौपाल में ग्रामीणों की समस्या सुनते हुए तुरंत समाधान कराने का आश्वासन दिया।
इस मौके पर तहसीलदार महेश सिंह चौहान, सरपंच प्रतिनिधि संजूसिंह जादौन, डॉक्टर जीएल मीणा, सीबीइओ हंसराज मीणा, सीडीपीओ अर्पित श्रीवास्तव, जेइएन शिवसिंह मीणा, सहायक प्रशासनिक अधिकारी सचिन मीणा सहित ग्रामीण मौजूद थे।
ग्रामीण बोले: पानी में फ्लोराइड की मात्रा, गांव में हड्डी रोग और अन्य बीमारियां फैलीं
ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि गांव के पानी में फ्लोराइड की मात्रा बढ़ती जा रही है। इससे लोगों में हड्डी रोग और अन्य बीमारियां होने लगी हैं। शुद्ध पानी की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीण सीधे बोरिंग से निकलने वाला फ्लोराइड युक्त प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ लोगों ने फ्लोराइड युक्त पानी से बचने से लिए घरों में अपने स्तर पर छोटे आरओ प्लांट लगवा लिए हैं। अधिकांश लोगों को मजबूरी में फ्लोराइड युक्त पानी का सेवन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि फ्लोराइड युक्त पानी पीने से गांव में लोग कुबड़ेपन का शिकार हो गए हैं। युवाओं के दांत पीले पड़ गए हैं, साथ ही काफी लोग घुटनों में दर्द से भी पीडि़त हैं।